yojana

  • Sep 18 2018 4:45PM

प्रधानमंत्री आरोग्य योजना : बड़े अस्पतालों में गरीबों का होगा नि:शुल्क इलाज

प्रधानमंत्री आरोग्य योजना : बड़े अस्पतालों में गरीबों का होगा नि:शुल्क इलाज

सभी को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, खासकर गरीबों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रधानमंत्री आरोग्य योजना की शुरुआत हो रही है. यह योजना 25 सितंबर से शुरू हो रही है. इस योजना के अंतर्गत देश के सभी अस्पतालों को जोड़ा जायेगा, जहां गरीबों का नि:शुल्क इलाज हो सके. इसके तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना के तहत हर साल 10 करोड़ गरीब परिवारों को बेहतर इलाज के लिए पांच-पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया जायेगा. इससे गरीब व्यक्ति भी बीमारी या अन्य किसी स्थिति में अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा पायेगा, ऐसी स्थिति में पैसों की कमी उनके स्वास्थ्य में आड़े नहीं आयेगी. इस योजना ने गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों के लिए वर्ष 2008 में पेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा की जगह ली है, जिसमें 30 हजार रुपये का सालाना बीमा कवर दिया गया था.

हेल्थ कार्ड होगा जारी
यह पहली स्वास्थ्य सुविधा है, जिसके द्वारा पूरे परिवार को स्वास्थ्य लाभ दिया जायेगा. शुरुआती दौर में इस योजना के अंतर्गत परिवार के पांच सदस्यों को कवर किया जायेगा, लेकिन कुछ समय बाद इस योजना के तहत पूरे परिवार को लाभ मिलेगा. हर परिवार के मुखिया के नाम पर एक हेल्थ कार्ड होगा. इस हेल्थ कार्ड को दिखा कर सरकार द्वारा चिह्नित अस्पतालों में लाभुक नि:शुल्क इलाज करा सकेंगे.

बीमा राशि
इस योजना के तहत एक परिवार को एक साल में पांच लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जायेगी, जिसे जरूरतमंद व्यक्ति विकट परिस्थितियों में उपयोग कर पायेगा.

कहां कराएं रजिस्ट्रेशन
इस योजना का लाभ लेने के लिए व्यक्ति को पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा. आप कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी में जाकर फॉर्म लें. वहीं आपको इससे जुड़ी सारी जानकारी प्राप्त हो जायेगी.

किसे मिलेगा लाभ
अगर कोई व्यक्ति इस योजना का लाभ उठाना चाहता है, तो यह जरूरी है कि उसके पास खुद का पहचान पत्र यानी आधार कार्ड हो. इसके अलावा परिवार, आय, जन्म प्रमाण पत्र समेत अपना पूर्ण विवरण आदि जमा करना भी अनिवार्य होगा, तभी आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. अस्पताल में भर्ती होने के बाद अपने बीमा दस्तावेज देने होंगे, जिसके आधार पर अस्पताल इलाज के खर्च के बारे में बीमा कंपनी को सूचित कर देगा और बीमित व्यक्ति के दस्तावेजों की पुष्टि होते ही इलाज बिना पैसे दिये हो सकेगा.