yojana

  • Mar 4 2019 4:41PM

नये साल में किसानों को मिले कई तोहफे

नये साल में किसानों को मिले कई तोहफे

पंचायतनामा डेस्क

झारखंड के किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने कई घोषणाएं की है. इससे न सिर्फ किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी होगी, बल्कि खेती-किसानी के दौरान आनेवाली समस्या से भी काफी हद तक निजात मिलेगी. राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा से लेकर बीज के लिए अनुदान, हर साल खरीफ फसल की खेती की लिए सहायता राशि, मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के माध्यम से लाभ पहुंचाने की विशेष पहल की है, ताकि किसानों की आमदनी दोगुनी हो सके.

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की घोषणा की है. इसके तहत हर साल खरीफ फसल की खेती के लिए किसानों को सहायता राशि दी जायेगी. इसके तहत पांच एकड़ तक भूमिवाले लघु व सीमांत किसानों को सालाना प्रति एकड़ पांच हजार रुपये की सहायता राशि दी जायेगी. इसके अलावा एक एकड़ से कम जमीनवाले किसानों को भी न्यूनतम पांच हजार रुपये की सहायता राशि हर साल दी जायेगी. इस योजना से जहां राज्य के 22.76 लाख किसानों को लाभ पहुंचेगा, वहीं धान की फसल के लिए 45 लाख एकड़ जमीन पर किसानों को लाभ मिलेगा.

14.85 लाख किसानों का फसल बीमा
किसानों को अपनी फसल खराब होने पर अब मायूस होने की जरूरत नहीं है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब उन्हें खराब या नष्ट हुए फसलों की उचित मुआवजा राशि मिलेगी. फिलहाल राज्य में 14.85 लाख किसानों ने फसल बीमा कराया है. राज्य सरकार फसल बीमा का 66 करोड़ रुपये सालाना प्रीमियम भर रही है. इतना ही नहीं, कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने फसल बीमा नहीं करानेवाले किसानों को भी मुआवजा देने की घोषणा की है. इनके मुताबिक जिन किसानों ने खरीफ में फसल बीमा नहीं कराया था, सूखा के कारण सरकार उनको भी मुआवजा देगी. इसके अलावा जहां वर्षा आधारित खेती (रेनफेड) होती है, वहां के किसानों को प्रति हेक्टेयर 6800 रुपये तथा सिंचित इलाकों में 13,500 रुपये मुआवजा के रूप में दिया जायेगा. उन्होंने बीमा करनेवाली कंपनियों को चेताया कि 45 दिनों के बाद राशि उनके एकाउंट में चली जानी चाहिए. ऐसा नहीं होने पर बीमा करनेवाली कंपनियों पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

90 फीसदी अनुदान पर मिलेगा बीज
खेती-किसानी में शुरुआत से लेकर उसे बेचने तक किसानों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है. जिले के करीब 128 प्रखंड सुखाड़ की चपेट में हैं. इसके कारण कई जिले के किसानों की स्थिति काफी खराब हो गयी है. इसको देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों को कुछ बीज शत प्रतिशत और कुछ 90 फीसदी अनुदान पर देने की घोषणा की है. जिन किसानों को 50 फीसदी अनुदान पर बीज मिल चुका है, उनको भी 40 फीसदी राशि खाते में भेज दी जायेगी.

जीरो फीसदी ब्याज पर लोन
राज्य के किसानों की आय में बढ़ोतरी हो, इसके लिए सरकार ने किसानों को जीरो फीसदी ब्याज दर पर लोन दिलाने की व्यवस्था की है. लोन ली गयी राशि का भुगतान एक साल में वापस करना अनिवार्य है. यह योजना केवल उन किसानों को लाभान्वित करेगी, जो ताजा लोन लेंगे.

कृषक कल्याण योजना
वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत हुई है. इसके तहत राज्य के किसानों को बीज, खाद व अन्य कृषि निवेश के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहने को लेकर जोर दिया जा रहा है.