yojana

  • Sep 9 2019 5:33PM

किसानों के सशक्तीकरण के सूत्र

किसानों के सशक्तीकरण के सूत्र

रघुवर दास, मुख्यमंत्री, झारखंड

हमारे अन्नदाता किसानों का समाज में अमूल्य योगदान है, लेकिन क्या कभी उनकी समस्याओं को लेकर गंभीरता से चर्चा हुई. उनकी जिंदगी में झांकने और उनका दर्द महसूस करने की कोशिश की गयी. ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब आज की रघुवर सरकार के पास है. केंद्र से लेकर झारखंड तक की सरकार किसानों की आय दोगुनी करने को लेकर चिंतित है. हम प्रयास कर रहे हैं कि आगामी वर्षों में ऐसी व्यवस्था विकसित हो जाये, जिससे किसानों को विपरीत परिस्थितियों में भी किसी मुश्किल में न फंसना पड़े. वे इतने सक्षम हो जाएं कि खुद ही अपने पुरुषार्थ से परिस्थितियों का सामना करने को तैयार रहें. विपरीत परिस्थितियों में हर वक्त सरकार उनकी मदद को तैयार है

केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं हमारी सरकार की मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना किसानों के जीवन में नया उजाला लेकर आयी है. किसानों की मदद करके सरकार उन पर कोई एहसान नहीं कर रही है, बल्कि हम अपना कर्तव्य निभा रहे हैं. पिछले दिनों राज्य में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू जी ने झारखंड आकर मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत राज्य के 13 लाख 60 हजार किसानों के खाते में 442 करोड़ की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की. हमने तय किया है कि राज्य के 35 लाख से भी अधिक किसानों के खाते में पांच हजार से 25 हजार रुपये की राशि जल्द ही हस्तांतरित करेंगे. इस तरह से राज्य के 35 लाख किसानों को दिसंबर तक दो हजार करोड़ रुपये और राज्य सरकार तीन हजार करोड़ रुपये यानी कुल पांच हजार करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देगी. किसानों से जुड़े डाटाबेस बनाने का काम तेजी से चल रहा है. यह राशि उनके खाते में जितना जल्द हो सके, हम हस्तांतरित करेंगे. यह राशि कृषि कार्य में उनके काम आयेगी. वे पूरे उत्साह से खेती-बारी कर सकेंगे. खाद-बीज खरीदने में उन्हें परेशानी नहीं होगी. उन्हें महाजन से कर्ज नहीं लेना पड़ेगा. अक्तूबर-नवंबर में जब उनकी फसल कटेगी, तो उनके घरों में भी खुशहाली आयेगी.

किसान भाई-बहन झारखंड के मेरुदंड हैं. मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत किसान भाई-बहनों को मिली पहली किस्त की राशि कृषि संसाधन जुटाने में मददगार साबित होगी. केंद्र व राज्य सरकार ने 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का संकल्प लिया है. इसी संकल्प को मूर्तरूप देने के लिए हमने मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की शुरुआत की है.

राज्य में किसानों को समुचित लाभ पहुंचाने के लिए हमने अलग से कृषि बजट की व्यवस्था की है. इसका लाभ यह हुआ है कि किसानों के लिए उनकी तमाम जरूरतों से जुड़ी योजनाओं को फलीभूत करने के लिए अब फंड की कोई कमी नहीं है. राज्य का कृषि विभाग किसानों को लक्ष्य कर तेजी से योजनाएं बनाता है और उन्हें क्रियान्वित करता है. राज्य में साढ़े तीन लाख डोभा एवं जलाशयों के निर्माण से नीचे गिरता जलस्तर अब संभला है तथा गरीब व सीमांत किसानों के खेतों में सिंचाई का पानी पहुंचने लगा है. इसके अभाव में कई किसानों के खेत परती रह जाते थे. हमने खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में, का नारा दिया है. इस नारे को किसान भाइयों ने सफलतापूर्वक चरितार्थ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है. किसानों को उन्नत बीज और खाद मुहैया कराये जा रहे हैं. राज्य का कृषि विभाग एवं बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक हर स्तर पर उनकी समस्याओं के समाधान को तत्पर हैं. हमने किसानों की मिट्टी की उर्वरता की जांच के लिए मिट्टी की डॉक्टर की व्यवस्था की है. अब ग्रामीण सहिया दीदियों को सॉयल हेल्थ जांच किट दिये गये हैं. अब वे गांव में ही मिट्टी की जांच कर सकेंगी और कृषकों को मिट्टी की प्रकृति के अनुसार उसे उपचारित करने के लिए सुझाव दे सकेंगी. किसानों को अब शहर आकर मिट्टी की जांच कराने की जरूरत नहीं रह गयी है. इन उपायों से निश्चित रूप से किसानों की आर्थिक दशा सुधरेगी.

किसानों को विपरीत परिस्थितियों में हुई फसल की क्षति की भरपाई करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत हुई है. वर्ष 2018 से इस योजना में किसानों के प्रीमियम का भुगतान अब सरकार करती है. इसलिए फसल नुकसान होने की सूरत में उन्हें मुआवजा दी जायेगी. इसलिए उन्हें अब फसल के नुकसान होने की भी चिंता नहीं करनी है. वर्ष 2018 में खरीफ मौसम में फसल बीमा के लिए सरकार ने करीब 64 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के प्रीमियम मद में किया है. वर्ष 2019 में 70 करोड़ रुपये का प्रावधान फसल बीमा मद में किया गया है.

किसानों के ऋण भार को कम करने के लिए सरकार द्वारा ब्याज अनुदान योजना चलायी जा रही है. इस योजना में किसानों को कृषि कार्य के लिए दिये गये अल्पकालीन कृषि ऋण पर कृषि ऋण के भुगतान में अतिरिक्त तीन प्रतिशत का ब्याज माफ किया जाता है. इस योजना के लिए राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2019 में 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

कृषि से ही जुड़ा कार्य वनरोपण है. हमने राज्य में मुख्यमंत्री जन-वन योजना शुरू की है. पिछले दो साल के अंदर ही इस योजना की सफलता ने सभी को आश्चर्यचकित किया है. राज्य के आमलोग अब अपनी जमीन पर पौधे लगा कर राज्य की हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. लोगों को अधिकाधिक पेड़ लगाने के लिए सरकार सब्सिडी देकर प्रोत्साहित करती है. इस योजना से लाखों लोग जुड़े हैं. वे वनों के उत्पाद का लाभ उठा सकते हैं. इसके साथ-साथ राज्य की हरियाली बढ़ाने में अपना योगदान भी दे रहे हैं.

हमारी सरकार की कोशिश है कि हर तबके को जीने की उत्तम सुविधा हम पहुंचा सकें. लंबे समय से चली आ रही कई समस्याओं को लक्ष्य कर हमने सुधारात्मक उपाय किये हैं. धीरे-धीरे आम जनता का सरकार पर भरोसा बढ़ा है. राज्य के योजना निर्माण में आम जनता की बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि सरकार सही दिशा में बढ़ रही है. आनेवाले समय में भी हम इसी तरह आम जन को लक्ष्य कर काम करने को प्रतिबद्ध हैं