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  • Sep 18 2019 4:40PM

विकास पर सभी का हक

विकास पर सभी का हक

रघुवर दास, मुख्यमंत्री झारखंड 

देखते ही देखते वर्तमान सरकार के पांच साल पूरे होने को हैं. इस समय को पीछे मुड़ कर देखता हूं, तो काफी संतोष होता है. कोई भी सरकार जब सत्ता संभालती है, तो उसे जनता से किये गये वादे हमेशा याद रहने चाहिए. कार्यकाल की समाप्ति पर जनता को हिसाब देना नैतिक कर्तव्य है. मैं भी जब अपने कार्यकाल को आंकने की कोशिश करता हूं, तो जनता के चेहरे पर फैली मुस्कान देख संतुष्टि मिलती है. मैंने कई बार कहा है कि सत्ता मेरे लिए सेवा का माध्यम है. समाज के हर वर्ग की चिंता करते हुए योजनाओं को फलीभूत करने और उन्हें जमीन पर उतारने की हमने हमेशा कोशिश की है. सार्वजनिक जीवन में यही मेरा मूलमंत्र रहा है.

पिछले पांच साल के दौरान समाज के हर वर्ग के लिए काम करनेवाली वर्तमान सरकार रिपोर्ट कार्ड के साथ जनता के सामने है. जब मैंने पदभार संभाला था, तो जनता से वादा किया था कि शासन के हर स्तर पर आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी. इसे हमने करके दिखाया है. याद कीजिए, पहले बंद कमरे में राज्य का वार्षिक बजट तैयार होता था. हमने उसे बंद कमरे से निकाल कर आमजन तक पहुंचाने की पहल की है. सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत हम सैकड़ों गांव में गये. आम जनता के साथ बैठ कर उनकी परेशानियों को सुना. उनके सुझाव लिये. पहली बार ऐसा करते हुए हमें सुखद अनुभव हुआ. लगा, जैसे आम जनता शासन से सीधा संवाद करना तो चाहती है, लेकिन उसे कोई मंच नहीं मिल रहा था. यह मंच हमने उपलब्ध कराया. राज्य में पहली बार आम जनता के सुझावों को बजट में शामिल किया गया. जैसे-जैसे सुझाव आते गये, वैसे-वैसे जरूरतों के मुताबिक हमने महिलाओं, बच्चों और किसानों के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया. ऐसा करने का सकारात्मक परिणाम भी मिला. किसानों, महिलाओं और बच्चों के लिए अलग से बजट की व्यवस्था करने से उनसे जुड़ी योजनाओं पर तेज रफ्तार से काम सुनिश्चित किया गया. राज्य में पहली बार पंचायत चुनाव करा कर ग्रामीण शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने का काम हमारी सरकार ने किया. महिलाओं के नाम पर महज एक रुपये में रजिस्ट्री का प्रावधान लागू कर महिला सशक्तीकरण की दिशा में ठोस प्रयास किये गये.

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हमारी सरकार ने हर वर्ग के लोगों के लिए सार्थक कार्य किये हैं. बच्चों को किताबें, साइकिल एवं मध्याह्न भोजन में पोषण की गुणवत्ता से लेकर नवजात के साथ-साथ जननी सुरक्षा एवं सुरक्षित मातृत्व पर जितने काम किये गये हैं, उनका असर आज दिख रहा है. युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए एवं उनके कौशल विकास के लिए केंद्रीय कौशल विकास कार्यक्रमों के साथ सीधी भागीदारी निभाकर आज लाखों युवाओं का कौशल विकास सुनिश्चित किया जा चुका है. हजारों युवा हुनरमंद बन गये हैं और स्वरोजगार कर रहे हैं. वे खुद के अलावा अन्य कई युवाओं को रोजगार दे रहे हैं. उनका आत्मविश्वास और बढ़ा है. अब उनके चेहरे पर निराशा नहीं, एक चमक दिखाई देती है. जहां तक रोजगार की बात है, केंद्रीय संस्थाओं की रिपोर्ट बताती है कि झारखंड सबसे अधिक रोजगार देनेवाला देश का अग्रणी राज्य बन गया है.

हमारी सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में लंबी छलांग लगायी है. फसल बीमा से लेकर मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना जैसे कई कदमों से किसानों को खासा लाभ हुआ है. उन्हें कृषि कार्य में प्रयुक्त होनेवाले बीज-खाद के अलावा कृषि उपकरण भी दिये जा रहे हैं. उनका कृषि कौशल बढ़ाने के लिए सरकार ने उन्हें इजरायल भेजा है. वहां उन्नत कृषि का प्रशिक्षण लेकर आये किसान भाई-बहन अब अपने-अपने इलाके में कृषि एंबेसडर बन गये हैं. वे अपने कौशल से दूसरे किसानों की मदद भी कर रहे हैं. उन्हें प्रेरणा दे रहे हैं. मौसमी खेती पर निर्भर रहने वाले किसानों ने अब वैकल्पिक खेती की ओर रुख किया है और अपनी मेहनत से वे बंजर जमीन में भी अपने उत्पाद उगा कर दूसरों के लिए एक उदाहरण बन रहे हैं.

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झारखंड की धरती एक और महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री किसान मानधन पेंशन योजना और खुदरा व्यापारियों व स्वरोजगारों के लिए पेंशन योजना की गवाह बनी है. इससे पहले प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत भी बिरसा मुंडा की धरती से हुई. इतना ही नहीं, किसानों की समृद्धि के लिए हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की शुरुआत की. किसानों की आमदनी दोगुनी हो, इसके लिए केंद्र व राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है. यही कारण है कि डबल इंजन की सरकार रहने के कारण राज्य के किसानों को 11 हजार रुपये से लेकर 31 हजार रुपये दिये जायेंगे. पहले किसान कर्जदार थे, लेकिन अब कर्ज देनेवाले बनेंगे. आयुष्मान योजना के तहत राज्य के 68 लाख परिवारों में से 57 लाख परिवार को इस योजना से जोड़ा गया है. सितंबर माह तक 57 लाख परिवारों को गोल्डन कार्ड उपलब्ध करा कर उन्हें इस योजना से लाभान्वित किया जायेगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी रांची से साहिबगंज में बंदरगाह का उदघाटन किया. इसके साथ ही संताल परगना समुद्री मार्ग से पूरी दुनिया से जुड़ गया. व्यापार के मार्ग खुल गये. विकास की बाट जोह रहे संताल परगना के लिए तीन साल में वर्तमान सरकार ने विकास रूपी जलमार्ग का द्वार खोल दिया है. अब यहां के लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार व स्वरोजगार से जुड़ेंगे.

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सरकार ने तमाम योजनाएं गरीब, किसान, महिला और युवाओं पर केंद्रित कर रखी है. इन वर्गों के सशक्तीकरण से राज्य का हर तबका सशक्त होगा और सभी के घरों में खुशहाली आयेगी. सुकन्या योजना, उज्ज्वला योजना, जन-वन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, सौर ऊर्जा से जलमीनार का निर्माण, गांव-गांव को बिजली से जोड़ना, ग्रामीण सड़कों पर भी पेवर ब्लॉक बिछा कर उनका सुदृढ़ीकरण करना, एम्स का तेजी से निर्माण, नये महाविद्यालयों की स्थापना, जनजातीय युवाओं को प्रशिक्षण देकर पायलट बनाना और उनकी आर्थिक स्थिति को ठीक करना जैसी कुछ योजनाओं की आशातीत सफलता से हमारा हौसला और बढ़ा है. हम सतत जनोपयोगी कार्य करने के लिए खुद को संकल्पित कर रहे हैं. हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्येय वाक्य सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की लीक पर चल कर राज्य को खुशहाल और उन्नत बनाने में लगातार लगे हुए हैं.