yojana

  • Sep 12 2019 6:04PM

ग्रामीण महिलाओं के चेहरे पर दिखी दोहरी खुशी

ग्रामीण महिलाओं के चेहरे पर दिखी दोहरी खुशी

 पंचायतनामा टीम

झारखंड की रघुवर सरकार ने राज्य की ग्रामीण महिलाओं के चेहरे पर दोहरी खुशियां बिखेरी है. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नि:शुल्क गैस कनेक्शन व चूल्हा देकर जहां ग्रामीण महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलायी, वहीं अब दूसरी बार नि:शुल्क रसोई गैस उपलब्ध कराने की योजना की शुरुआत की गयी है. इस तरह से अब ग्रामीण महिलाओं को रसोई गैस खत्म होने के बाद दूसरे गैस सिलिंडर भरवाने की चिंता से मुक्ति दिलायी गयी है. राज्य के 32 लाख परिवारों तक एलपीजी गैस सिलिंडर पहुंच रहा है. आगामी 10 सितंबर तक 43 लाख महिलाओं के पास एलपीजी गैस सिलिंडर पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. झारखंड देश का पहला राज्य बन गया है, जहां प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत दूसरा गैस सिलिंडर नि:शुल्क रिफिल कराया जा रहा है.

डीबीटी के जरिये खाते में पहुंचेगी राशि
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की लाभुक महिलाओं को दूसरा गैस सिलिंडर भरवाने का लाभ मिलेगा. इसके तहत लाभुकों को गैस सिलिंडर की कीमत के बराबर की राशि डीबीटी के जरिये उनके खाते में भेजी जायेगी. इस तरह से अब उन्हें गैस भरवाने की चिंता से भी मुक्ति मिल जायेगी.

शत-प्रतिशत लक्ष्य करना है हासिल
राज्य की हर ग्रामीण महिला को धुएं से मुक्ति मिले, इसके लिए सरकार ने सितंबर 2019 तक का लक्ष्य निर्धारित किया है. अब तक 32 लाख से अधिक लाभुकों को इस योजना का लाभ पहुंचाया गया है. सितंबर माह तक छूटे हुए करीब 11 लाख यानी कुल 43 लाख महिला लाभुकों को इस योजना का लाभ मिलेगा.

प्रमंडलवार कार्यक्रम का आयोजन
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना गांव के हर घर में पहुंचे. इसके लिए राज्य सरकार ने प्रमंडलवार कार्यक्रम आयोजित किये हैं. 23 अगस्त 2019 को कोल्हान प्रमंडल के चाईबासा से दूसरा गैस सिलिंडर नि:शुल्क रिफिल कराने की शुरुआत हुई है. 28 अगस्त को उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के हजारीबाग, 29 अगस्त को संताल परगना प्रमंडल के दुमका, 31 अगस्त को पलामू प्रमंडल के पलामू और तीन सितंबर को दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के गुमला जिले में उज्ज्वला दीदी सम्मेलन और दूसरी रिफिल मुफ्त देने के कार्यक्रम का आयोजन होगा.

उज्ज्वला दीदी निभायेंगी अहम भूमिका
गांव की महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाने में सरकार के साथ-साथ उज्ज्वला दीदियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है. सरकार जहां ग्रामीण महिलाओं को नि:शुल्क गैस कनेक्शन व चूल्हा उपलब्ध करा रही है, वहीं उज्ज्वला दीदी ग्रामीण महिलाओं को इसका उपयोग करने के तरीके बताने के साथ-साथ हर घर में इस योजना का लाभ उठाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करेंगी. उज्ज्वला दीदी पंचायत के गांवों में लाभुकों को प्रशिक्षित करेंगी, ताकि हर लाभुक बहन एलपीजी गैस सिलिंडर का अच्छी तरह उपयोग कर सके. सितंबर महीने से उज्ज्वला दीदी ग्रामीण महिलाओं की सूची भी तैयार करेंगी, ताकि कोई महिला लाभुक इस योजना से वंचित न रह सके. इसके लिए गांव-गांव में उज्ज्वला दीदी का चयन हो रहा है. हर पंचायत में दो-दो उज्ज्वला दीदी ग्रामीण महिलाओं को जागरूक करेंगी

उज्ज्वला पंचायत का आयोजन
राज्य के 1001 स्थानों पर उज्ज्वला पंचायत का आयोजन हो रहा है. 29 जुलाई 2019 से लेकर 14 सितंबर 2019 तक उज्ज्वला पंचायत का आयोजन हो रहा है. इसके तहत न सिर्फ छूटे हुए लाभुकों को उज्ज्वला योजना से जोड़ा जा रहा है, बल्कि स्वच्छ ईंधन के महत्व के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है.

कैसे मिले योजना का लाभ
इस योजना का लाभ पाने के लिए महिला सदस्य निर्धारित आवेदन पत्र भरकर अपने नजदीकी एलपीजी वितरण केंद्र में जमा करा सकती है. आवेदन के समय आवेदक दो सिलेंडर विकल्पों- 14.2 किलो और पांच किलो में से किसी एक का चुनाव कर सकती है. योजना में सिलेंडर का सिक्योरिटी डिपॉजिट, प्रेशर रेग्यूलेटर, डीजीसीसी, सुरक्षा होज और इंस्टॉलेशन व प्रबंधन चार्ज भी कवर किया गया है.

आपके लिए उपयोगी है 1906 नंबर
बीपीएल परिवारों को मिलने वाली उज्ज्वला योजना में उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी होने पर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के हेल्पलाइन नंबर 1906 और टॉल फ्री नंबर 18002666696 भी आप अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. हालांकि, एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए पहले से ही टॉल फ्री नंबर 1906 है, लेकिन नये टोल फ्री नंबर 18002666696 प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना कनेक्शन के बारे में प्रश्नों के समाधान के लिए विशेष रूप से जारी किया गया है.

राज्य की तस्वीर बदलेगी नारी शक्ति : रघुवर दास
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाना हम सभी का कर्तव्य है. इसी के तहत केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत की और हम इस कड़ी को आपके माध्यम से आगे बढ़ा रहे हैं. शासन के हर काम में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है. नारी शक्ति ही राज्य की तस्वीर बदल सकती है.