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  • Jun 13 2019 2:51PM

जल विशेषज्ञ सुब्रोत कुमार डे कहते हैं, पेड़ लगायें, पानी की समस्या दूर करें

जल विशेषज्ञ सुब्रोत कुमार डे कहते हैं, पेड़ लगायें, पानी की समस्या दूर करें

अल्प बारिश, पानी की कमी, प्रचंड गर्मी, पर्यावरणीय ह्रास जैसे मामले को लेकर पूरा विश्व चिंतित है. इस मामले में सरकार की ओर से जहां कई तरह की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, वहीं हमें भी अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए. जून का महीना गर्मी का होता है, लेकिन हाल के दिनों में देखा जाये, तो झारखंड में प्रचंड गर्मी है. पानी की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं. भूगर्भ जलस्तर नीचे जा रहा है. स्थिति विकराल बनती जा रही है. अगर इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो त्राहिमाम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. ये बातें एमएससी हाइड्रो जियोलॉजी विशेषज्ञ सुब्रोत कुमार डे (बबलू) ने कही

पानी की कमी के कई कारण हैं :

1. बारिश की कमी : कटते जंगल, ग्लोबल वॉर्मिंग और औद्योगिकीकरण से धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण बारिश में कमी आ रही है.

2. भूगर्भ जल का अत्यधिक उपयोग : वर्तमान में देखा जाये, तो लोग हर काम में भूगर्भ जल का उपयोग कर रहे हैं. चाहे वह पीने के लिए हो या सिंचाई के लिए. पूर्व में सिंचाई के लिए कुआं, डोभा, तालाब, नदी आदि के पानी का उपयोग करते थे, लेकिन वर्तमान में पानी निकालने के लिए बोरिंग का ही उपयोग कर रहे हैं. इससे जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है.

3. भूगर्भ जल का रिचार्ज नहीं होना : बारिश के पानी को एक जगह जमा कर धीरे-धीरे जमीन के अंदर ले जाने को भूगर्भ जल का रिचार्ज कहा हाता है. पहले लोग बड़े पैमाने पर धान की खेती करते थे, लेकिन हाल के दिनों खेती में कमी आयी है. धान की खेती के लिए खेत में पानी जमा होता था, जो पानी धरती के अंदर जाकर रिचार्ज होता था.

4. डोभा, तालाब और कुओं की कमी : भूगर्भ जल रिचार्ज का बहुत बड़ा जरिया डोभा, तालाब और कुएं हैं, लेकिन पुराने जलस्त्रोत को भरने के साथ-साथ डोभा, तालाब और कुएं का निर्माण कम कर दिया गया है. इस स्थिति में बारिश के पानी का ठहराव जमीन में नहीं हो पा रहा है. यह पानी सीधे नदियों से समुद्र में मिल जा रहा है, जिसके कारण भूगर्भ जल रिचार्ज नहीं हो पा रहा है और जल नीचे चला जा रहा है.

5. कंपनियों का कचरा : वर्तमान में लोग घर के गड्ढे या जमीन को समतल करने के लिए कंपनी के कचरे जैसे स्लेग का उपयोग कर रहे हैं, जिससे पानी जमीन के अंदर नहीं जा पाता है. इसके कारण भी पानी की समस्या उत्पन्न हो रही है.

समाधान : अधिक से अधिक पेड़ लगायें. वानिकीकरण से हम काफी हद तक भूगर्भ जल को रिचार्ज करने एवं पर्यावरण को बचाये रखने में सफल होंगे. इसके लिए हर व्यक्ति यदि अपने जीवन काल में 20-25 पेड़ लगाये, तो निश्चित रूप से समस्या का समाधान हो जायेगा. भूगर्भ जल का कैसे कम से कम उपयोग कर सकते हैं, इसके लिए प्रावधान करना होगा. पुराने पारंपरिक जलस्त्रोत को जीवित रखते हुए डोभा, तालाब एवं कुओं का निर्माण अधिक से अधिक करना होगा. इस मामले में सरकार भी काम कर रही है, जिसका लाभ लिया जा सकता है.