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  • Sep 4 2018 4:29PM

दिव्यांगों के सर्वांगीण विकास पर है जोर

दिव्यांगों के सर्वांगीण विकास पर है जोर

पंचायतनामा डेस्क

झारखंड के दिव्यांगों का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है. राज्य सरकार भी इन्हें सामाजिक-आर्थिक रूप से समृद्ध बना कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रयासरत है. नौकरी में चार फीसदी आरक्षण एवं स्कूलों में नामांकन में पांच फीसदी आरक्षण देकर उन्हें सशक्त करने का प्रयास किया गया है.

दिव्यांगों को मुस्कुराहट देने की कवायद
झारखंड के साढ़े सात लाख दिव्यांगों की तस्वीर जल्द बदलेगी. राज्य सरकार दिव्यांगों के चेहरे पर मुस्कुराहट लाने की कवायद कर रही है. दिव्यांग ट्रस्ट की जगह अब स्वामी विवेकानंद दिव्यांग जन विकास सोसाइटी बनेगी. इससे असाध्य रोगों से पीड़ित को इलाज, प्रतिभावान नि:शक्त को मदद एवं रोजगार से जोड़ने के लिए ऋण की व्यवस्था की जायेगी, ताकि दिव्यांग खुद को स्वावलंबी बना कर अपनी पहचान बना सकें.

15
स्पेशल स्कूल प्रस्तावित
राज्य में तीन सरकारी विशेष विद्यालय (स्पेशल स्कूल) हैं. रांची के हरमू में एक नेत्रहीन व एक मूक-बधिर विशेष विद्यालय (छठी कक्षा तक) है, जिसे दसवीं तक करने की योजना है, जबकि तीसरा दुमका में मूक-बधिर विशेष विद्यालय है. राज्य में 15 विशेष विद्यालय प्रस्तावित हैं. इनके भवन का निर्माण हो चुका हैसात नेत्रहीन विशेष विद्यालय (गिरिडीह, गुमला, सरायकेला, चक्रधरपुर, दुमका, देवघर व अन्य) तथा आठ मूक-बधिर विशेष विद्यालय (हजारीबाग, गुमला, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, चाईबासा, बोकारो एवं चतरा) हैं.

हर दिव्यांग का यूनिक आइडी कार्ड
सभी सदर अस्पतालों में दिव्यांगों का यूनिक आइडी कार्ड बनाया जा रहा है. अब तक करीब 15 हजार दिव्यांगों का यूनिक आइडी कार्ड बन गया है. चार हजार यूनिक आइडी कार्ड जारी करने के साथ पूर्वी सिंहभूम पहले स्थान पर है.

मोबाइल कोर्ट से त्वरित निपटारा
मोबाइल कोर्ट (चलंत न्यायालय) के जरिये प्रमाण पत्र समेत सभी तरह की शिकायतों का ऑन स्पॉट निपटारा कर दिया जाता है. इस दौरान लोगों को जागरूक भी किया जाता है. अनुमंडल व जिला स्तर पर आयोजन के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों पर जोर दिया जा रहा है. सितंबर-अक्तूबर में मोबाइल कोर्ट का आयोजन रामगढ़, बोकारो, धनबाद एवं गिरिडीह में होगा.

कंपोजिट रिजनल सेंटर से बदलेगी तस्वीर
कंपोजिट रिजनल सेंटर से दिव्यांगों की तस्वीर बदलेगी. यहां व्यावसायिक शिक्षा, पुनर्वास की व्यवस्था के साथ-साथ कृत्रिम अंगों का निर्माण भी किया जायेगा. राज्य के छह जिलों के विकलांग केंद्र (रांची, दुमका, हजारीबाग, पूर्वी सिंहभूम, धनबाद एवं पलामू) को क्रियाशील किया जायेगा.

सभी प्रमंडलों में बनेगा मॉडल स्कूल
झारखंड के सभी पांच प्रमंडलों में नेत्रहीन व मूक बधिर मॉडल स्कूल बनेगा. पहली से दसवीं कक्षा तक पढ़ाई होगी. शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा भी दी जायेगी.

दिव्याग सहायता केंद्र से लीजिए मदद
रांची जिले में 18 दिव्यांग सहायता केंद्र हैं. यह राज्य नि:शक्तता आयुक्त का कार्यालय समेत जिले के सभी प्रखंड कार्यालयों में है, जहां दिव्यांग प्रमाण पत्र, तबादला, आरक्षण, शोषण की शिकायतों के साथ-साथ अन्य मदद ले सकते हैं.