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  • Feb 18 2020 4:25PM

जैविक खेती से पहले जरूर करें बीजोपचार

जैविक खेती से पहले जरूर करें बीजोपचार

पंचायतानामा टीम

रांची के बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (कांके) में जैविक प्रोजेक्ट के माध्यम से जैविक कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण समेत अन्य सुविधाएं मुहैया करायी जा रही हैं. ट्राइबल सब प्लान एवं शिड्यूल कास्ट सब प्लान के तहत किसानों को प्रोत्साहित कर जैविक खेती करायी जा रही है.

करें बीजोपचार

धान, तिलहन या सब्जियों की जैविक खेती से पहले इन्हें एजोटोबेक्टर से बीजोपचार जरूर कर लें. दलहन की खेती कर रहे हैं, तो राइजोबियम कल्चर से बीजोपचार करें.

ढेंचा व अंजोला का करें प्रयोग

किसान हरी खाद के रूप में ढेंचा, जबकि रोपनी धान में जीवाणु खाद के रूप में अंजोला का उपयोग करें. गोबर खाद, केंचुआ खाद व मल्चिंग का भी प्रयोग करें.

कम लगते हैं कीड़े-मकोड़े

समय-समय पर किसान खर-पतवार का नियंत्रण करें. इसमें रासायनिक खेती की तुलना में बीमारियां कम लगती हैं.

लगी हैं जैविक सब्जियां

रांची जिले के मांडर स्थित टोटांबी एवं बूढ़ाखोखरा में खरीफ फसलों में धान व सब्जियों की जैविक खेती की गयी, जबकि कांके के मुरेठा व चुड़िनगढ़ा में रबी फसलों में गेहूं व सब्जियां लगायी गयी हैं.