mehmaan panna

  • Jul 13 2019 11:39AM

झारखंड की तरक्की पर नीति आयोग की मुहर

झारखंड की तरक्की पर नीति आयोग की मुहर

सुमंत कुमार झा 

मुख्यमंत्री रघुवर दास की अगुवाई में झारखंड समृद्धि की राह पर है. शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण एवं कौशल विकास जैसे मसले पर राज्य सरकार ने सार्थक और प्रभावी प्रयासों के जरिये सबों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. पिछले चार सालों से भी अधिक समय में राज्य में सकारात्मक माहौल बनाने के लिए नीति आयोग ने इसकी सराहना की है. झारखंड की तरक्की को दूसरे राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया है. नीति आयोग की टीम जून के पहले सप्ताह में झारखंड दौरे पर आयी थी. इस बैठक में मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी, विकास आयुक्त सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल, नीति आयोग के अपर सचिव आरपी गुप्ता, सलाहकार नीरज कुमार, सलाहकार आलोक कुमार, संयुक्त सचिव हरेंद्र कुमार, नीति आयोग के उपाध्यक्ष के अतिरिक्त निजी सचिव कशिश मित्तल, सीसीएल के सीएमडी गोपाल सिंह समेत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के सचिव शामिल हुए थे. झारखंड मंत्रालय में पांच जून, 2019 को आयोजित झारखंड सरकार और नीति आयोग की बैठक में कई विषयों पर चर्चा हुई. इस दौरान राज्य की तस्वीर संवारने के लिए आयोग के सामने मांग रखी गयी. नीति आयोग ने सरकार की मांगों को गंभीरता से सुना और सहयोग का भरोसा दिया. आयोग के उपाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार ने शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा किये गये प्रयासों की सराहना की

अपेक्षाओं के अनुरूप नीति आयोग से मिलता सहयोग
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि सरकार राज्य के सवा तीन करोड़ लोगों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है. लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और आधारभूत संरचना मिले, इसके लिए लगातार कार्य किये जा रहे हैं. समयबद्ध तरीके से योजनाओं को लागू किया जा रहा है. राज्य में जल संचयन को लेकर डोभा बेहतरीन प्रयोग रहा है. श्री दास के मुताबिक, राज्य सरकार और नीति आयोग मिलकर अच्छा काम कर रहे हैं. आयोग हमारी अपेक्षाओं को समझ रहा है और हमारी कमियों में सुधार के लिए सहयोग कर रहा है. इसी का नतीजा है कि सभी क्षेत्रों में झारखंड की रैंकिंग में न केवल सुधार हो रहा है, बल्कि कई क्षेत्रों में झारखंड अग्रणी राज्य भी बना है.

शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर
शिक्षा के क्षेत्र में झारखंड में काफी सुधार हुआ है. स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी राज्य सरकार लगातार बेहतर करने का काम कर रही है. लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और आधारभूत संरचना मिले, इसके लिए लगातार कार्य किये जा रहे हैं. इन क्षेत्रों में राज्य को प्रथम पंक्ति में पहुंचाने का लक्ष्य है. स्कूलों के विलय से शिक्षा की गुणवत्ता पर थर्ड पार्टी मूल्यांकन का कार्य आइआइएम, रांची कर रहा है. नीति आयोग यह देखे कि बोकारो में टूल सेंटर स्थापित करने के लिए उचित सहयोग मिले. आदर्श शैक्षणिक माहौल बनने और जागरूकता के कारण झारखंड में बाल विवाह की दर घटी है. पोषण कार्यक्रम में मुस्तैदी लाने और पोषण सखी की नियुक्ति का लाभ झारखंड को मिला है. कुपोषण रोकने में भी राज्य सरकार को अच्छी सफलता मिली है. आनेवाले समय में झारखंड में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में और सफलताएं पाने के लिए कार्ययोजना बनाने में नीति आयोग से मार्गदर्शन मिलना लाभकारी होगा.

ऊंची छलांग लगाने को आतुर झारखंड
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आयोग से कई विषयों पर राज्य में हुई प्रगति की जानकारी साझा की. उन्होंने भारतमाला परियोजना में साहेबगंज से लेकर झारखंड के अन्य बड़े-बड़े शहरों को जोड़ते हुए जमशेदपुर-धनबाद- धामरा पोर्ट तक 790 किलोमीटर फोरलेन सड़क को जोड़ने में आयोग से सहयोग मांगा है. उन्होंने कहा कि इसके लिए करीब 90 फीसदी जमीन उपलब्ध है. इनकी चौड़ाई 30-60 मीटर तक है. कैम्पा फंड में झारखंड की दामोदर नदी और स्वर्णरेखा नदी को भी जोड़े जाने की मांग की गयी. इन दोनों नदियों की साफ-सफाई के लिए आयोग से सहयोग मांगा गया, जिस पर आयोग ने हरी झंडी दे दी. श्री दास ने केंद्र और राज्य सरकार तथा नीति आयोग से मिलकर झरिया पुनर्वास से संबंधित कार्यों में तेजी लाने की बात कही. कहा कि इससे झरिया पुनर्वास से संबंधित मुद्दों के निराकरण में मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री के अनुसार, आयोग झारखंड की अपेक्षाओं को समझ रहा है. कमियों में सुधार के लिए मदद भी देगा. आयोग के मिलते सहयोग से ही झारखंड तेजी से आगे बढ़ते राज्यों में शुमार हो रहा है. समय-समय पर नीति आयोग का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन राज्य सरकार को यूं ही मिलते रहने से हम ऊंची छलांग लगा सकेंगे.

झारखंड में महिला सशक्तीकरण का सराहनीय प्रयास
नीति आयोग ने झारखंड सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किये गये प्रयासों के लिए भरपूर सराहना की. खासकर शिक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति को बेहतर बताया. आयोग के उपाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार ने कहा कि राज्य सरकार के साथ बातचीत सार्थक रही. सरकार ने कई विषयों पर अच्छा काम किया है. आयोग को सरकार से अच्छे आंकड़े भी मिले हैं. झारखंड में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम हुआ है. यह एक आदर्श उदाहरण है. कम उम्र में विवाह और कुपोषण दर कम करने में सरकार को मिल रही सफलताओं को दूसरे राज्यों के लिए प्रेरक बताया. राज्य में 10 लाख महिलाओं के लिए सरकार द्वारा किये जा रहे कौशल विकास कार्यक्रम को एक शानदार उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों के दूरगामी और सकारात्मक परिणाम होंगे. सुकन्या योजना भी एक दिलचस्प उदाहरण है. डॉ कुमार ने कहा कि झारखंड सरकार के साथ आपसी समन्वय बनाकर आयोग साल में दो बार बैठक आयोजित करेगा. आयोग सरकार को उन क्षेत्रों में फोकस करेगा, जहां अभी भी स्वास्थ्य का पारामीटर खराब है. जैसे एनीमिया बीमारी के मामले में राज्य सरकार को मदद दी जाएगी, ताकि इसका पूरी तरह उन्मूलन करने में सरकार सफल हो सके.

नीति आयोग ने राज्य सरकार की शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयास की सराहना कर झारखंड को गौरवान्वित होने का अवसर दिया है. साथ ही सरकार के साथ साल में दो बार बैठक करने की सहमति दी है. इससे साफ झलकता है कि वर्तमान सरकार ने आयोग का भरोसा भी बखूबी हासिल किया है. निश्चित तौर पर इसका कई रूपों में लाभ आनेवाले समय में झारखंड सरकार को मिलेगा. पूर्व में भी आयोग राज्य सरकार के प्रयास और झारखंड में बढ़ते विकास दर के लिए सरकार का पीठ थपथपा चुका है. जहां चुनौतियां बाकी हैं, उनका हल ढूंढ़ने में नीति आयोग का सहयोग उन्हें मिलेगा और विकास की राह पर आगे बढ़ने में सरकार को कामयाबी मिलेगी.