mehmaan panna

  • Apr 2 2019 6:23PM

किसानों ने सीखे आमदनी बढ़ाने के गुर

किसानों ने सीखे आमदनी बढ़ाने के गुर

पंचायतनामा डेस्क
जिला : रांची

रांची जिले के नामकुम प्रखंड स्थित पिंडारकोम पंचायत के मल्टी गांव में पशु स्वास्थ्य शिविर सह प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया. फार्मर फर्स्ट परियोजना के तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, प्लांडू द्वारा दो दिवसीय कार्यक्रम तेतरी और मल्टी में आयोजित किये गये. इसमें किसानों को पशुपालन के प्रति जागरूक किया गया. उन्हें पशुपालन और कृषि के आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गयी. मौके पर लगभग 40 ग्रामीणों के बीच पशुओं की दवा और मिनरल मिक्सचर का वितरण किया गया, वहीं करीब 10 किसानों को सब्जी के पौधे दिये गये. डॉ असीत चक्रवर्ती ने किसानों के बीच पशुओं की दवा का वितरण करते हुए उन्हें दवा खिलाने के तरीकों के बारे में बताया. कार्यक्रम के दौरान आइसीएआर के वैज्ञानिक डॉ प्रियरंजन कुमार, डॉ सुदर्शन मौर्य और भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, नामकुम के मत्स्य वैज्ञानिक डॉ संजय कुमार गुप्ता समेत काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

क्या है फार्मर फर्स्ट परियोजना
फार्मर फर्स्ट परियोजना के तहत रांची स्थित प्लांडू के आस-पास के चार गांव आइसीएआर, प्लांडू द्वारा गोद लिये गये हैं. परियोजना के तहत वर्ष 2020 तक इन गांवों के किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है. किसानों को पारंपरिक खेती के अलावा वैकल्पिक खेती के बारे में बताकर उत्पादन कराया जा रहा है. इन गांवों में मशरूम से कई किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है. परियोजना का लक्ष्य है कि भले ही सभी किसानों की आय दोगुनी नहीं हो, लेकिन वो इतना जरूर कमा सकें कि वो अपनी मूलभूत जरूरतें पूरी कर सकें. किसानों को उन्नत किस्म के बीज, रसायन, फफूंदीनाशक, कीटनाशक, खाद और वर्मी कंपोस्ट दिये जा रहे हैं. पशुपालकों को पशुओं की दवा और मिनरल मिक्सचर दिये जा रहे हैं.

मशरूम उत्पादन व मत्स्य पालन की जानकारी
डॉ सुदर्शन मौर्य ने कहा कि मशरूम उत्पादन किसानों के लिए एटीएम की तरह है. इसे कभी भी बेच कर किसान अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा कर सकता है. इसमें तीन गुना ज्यादा मुनाफा होता है. लगाने के 30 से 35 दिनों में मशरूम आना शुरू हो जाता है. अधिक मात्रा में मशरूम उत्पादन हो, तो बाजार की समस्या नहीं होगी. लोग घर आकर मशरूम ले जायेंगे. मौके पर ग्रामीणों को मत्स्य पालन को लेकर मछली जीरा खरीदने, तालाब में डालने, रोग और उसके रख-रखाव की जानकारी दी गयी