maati k rang

  • Nov 28 2019 4:45PM

आधुनिक नागपुरी संगीत के क्षेत्र में पहचान बना रहे मुंडा ब्रदर्स

आधुनिक नागपुरी संगीत के क्षेत्र में पहचान बना रहे मुंडा ब्रदर्स

पंचायतनामा टीम

आधुनिक नागपुरी संगीत के क्षेत्र में रांची के जितेंद्र मुंडा, महेंद्र मुंडा और राजेंद्र मुंडा अपनी पहचान बना रहे हैं. ये तीनों सगे भाई हैं. गायन और संगीत की कला इन्हें विरासत में नहीं मिली है. अखरा में जाकर और नागपुरी गीत-संगीत सुनकर इन्होंने सीखा है. सबसे छोटे भाई जितेंद्र मुंडा गाते हैं, बड़े भाई महेंद्र मुंडा नागपुरी गीत लिखते हैं और वीडियो एल्बम का निर्देशन करते हैं. मंझले भाई राजेंद्र मुंडा सेना में हैं, जो देश सेवा करते हुए नागपुरी एल्बम की शूटिंग की पूरी देखरेख करते हैं. एल्बम बनाने के अलावा उनकी टीम दूसरी जगहों पर जाकर आर्केस्ट्रा कार्यक्रम भी करती है.

अखरा से हुई गाने की शुरुआत

जितेंद्र मुंडा बताते हैं कि बचपन से ही उन्हें अखरा जाने का बहुत शौक था. इसलिए हमेशा अखरा जाते थे और ग्रामीणों को नाचते, गाते और बजाते हुए देखते थे. इसे देख उनके अंदर भी गाने की ललक जगी और चोरी-छिपे गाना गाने लगे. अपने दोस्तों के बीच इसके बाद स्कूल में आयोजित होनेवाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गाना गाने लगे. बड़े भाई महेंद्र भी पहले गाना गाते थे. उन्हें देख कर भी जितेंद्र को प्रेरणा मिली. जब महेंद्र मुंडा ने जितेंद्र के दोस्तों और अपने दोस्तों से उनके गायन की तारीफ सुनी, तब वो जितेंद्र को प्रोत्साहित करने लगे. कई बार तो ऐसा भी होता था कि जितेंद्र बिना बताये ही आर्केस्ट्रा कार्यक्रम में चले जाते थे. वहां जाकर उन्हें आधुनिक नागपुरी गाने के बारे में समझ बढ़ी और वो गाना गाने लगे.

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दीपक नायक ने दिया पहला मौका

मदन नायक के पुत्र दीपक नायक ने जितेंद्र को पहला मौका दिया. वर्ष 2013 में जब राजेंद्र मुंडा ने जितेंद्र के गाने को सुना, तो वो उन्हें मदन नायक के पास ले गये. यहां जितेंद्र ने अपने बड़े भाई के लिखे गाने को गाया. स्टूडियो में पहली बार गाने के अनुभव के बारे में बताते हुए जितेंद्र कहते हैं कि पहली बार वो काफी नर्वस थे, क्योंकि इससे पहले वो हमेशा खुली जगह में अपने दोस्तों के बीच गाते थे. आज उन्हें बड़े कलाकारों के सामने गाना था. महज दो टेक में ही जितेंद्र ने अपना गाना पूरा कर लिया. सभी ने उनकी खूब तारीफ की थी. यहीं से उनकी गायिकी के सफर की शुरुआत हुई.

स्नातक की पढ़ाई पूरी की

मुंडा ब्रदर्स जब गीत व संगीत की दुनिया में पहचान बनाने को प्रयासरत थे, उस वक्त उनकी पारिवारिक स्थिति मजबूत नहीं थी. किसी तरह से गुजारा हो पाता था. अब धीरे-धीरे स्थितियां काफी बदली हैं. कहते थे कि कभी-कभी तो ऐसा लगता था कि इस काम को छोड़ कोई दूसरा काम करें, पर उनके अंदर का कलाकार उन्हें इसकी इजाजत नहीं देता था. जितेंद्र ने बताया कि आगे वो और मेहनत करेंगे और नागपुरी कला संस्कृति को नयी पहचान दिलाने का प्रयास करेंगे.

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मुंडा ब्रदर्स के एल्बम

हे बिरसा, खपरा कर चश्मा, जाड़ दिने आबे गुइया, दिल के बनाले फुटबॉल, जिन्दा लाश, असमिया छोड़ी रे, देखा-देखा मस्त कुड़ी, अइसन अइसन आइग लगाय देले गुइया.

यूट्यूब एक बेहतर माध्यम : जितेंद्र मुंडा

जितेंद्र मुंडा कहते हैं कि वर्तमान समय में यूट्यूब उभरते हुए गायकों के लिए बढ़िया प्लेटफॉर्म है. इसके जरिये हम अधिक से अधिक दर्शकों तक पहुंच पा रहे हैं. हमारे अधिकतर श्रोता युवा हैं और उन तक पहुंचने के लिए यूट्यूब का इस्तेमाल करते हैं. यूट्यूब चैनल पर ही एल्बम को लॉन्च करते हैं. जेमुंडा नाम से हमारा यूट्यूब चैनल है.