kheti bari

  • Nov 8 2019 6:19PM

इजरायल से उन्नत कृषि तकनीक सीख लौटे किसानों ने कहा- झारखंड में खेती-बारी की बदलेगी तस्वीर

इजरायल से उन्नत कृषि तकनीक सीख लौटे किसानों ने कहा- झारखंड में खेती-बारी की बदलेगी तस्वीर

पंचायतनामा टीम 

वर्ष 2022 तक देश के किसानों की आमदनी दोगुनी करना केंद्र व राज्य सरकार का लक्ष्य है. उन्नत तकनीक के बगैर इस लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता है. इस कारण किसानों के लिए उन्नत तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है. इसी कड़ी में राज्य के 13 जिले के 26 किसानों का चौथा दल इजरायल गया. यहां उन्होंने तकनीक आधारित उन्नत खेती की हर पहलू को जाना. झारखंड लौटने पर सभी किसानों ने अपने राज्य में तकनीक आधारित उन्नत खेती पर जोर देने की बात कही. किसान बदलते जमाने के साथ-साथ कृषि की उन्नत तकनीकों को सीखें. इसी उद्देश्य से किसानों को इजरायल भ्रमण कराया जा रहा है

अब तक 95 किसान जा चुके हैं इजरायल
झारखंड के किसान भाई-बहनों को तकनीक आधारित उन्नत खेती का गुर सीखाने के लिए सरकार इजरायल भ्रमण करा रही है. इसकी शुरुआत वर्ष 2018 में हुई. पहले दल में राज्य के 26 किसानों ने इजरायल जाकर उन्नत खेती की तकनीक सीखी थी. उसी साल दूसरे दल में 21 किसान इजरायल गये. वर्ष 2019 के जनवरी माह में 24 महिला किसानों का दल इजरायल गया था. वहीं अक्तूबर, 2019 में 24 किसानों का चौथा दल इजरायल गया. इस तरह से राज्य सरकार दो साल में 95 किसान भाई-बहनों को इजरायल का भ्रमण करा चुकी है.

चौथे दल में गये राज्य के 24 किसान
जिला                            किसान
रांची                               गनसू महतो, सुखदेव उरांव व अरुण चंद्र गुप्ता
खूंटी                               दिलीप कुमार व तुलसी महतो
गिरिडीह                           लक्ष्मण महतो व कुमार विवेकानंद
देवघर                             अंबिका प्रसाद कुशवाहा व राजेंद्र यादव
गोड्डा                             नीतीश आनंद व शशिधर झा
दुमका                              रमेश हांसदा
साहिबगंज                         राजेश कुमार यादव व रमेश चंद्र रविदास
पूर्वी सिंहभूम                       राम प्रताप महतो व सिदम चंद्र मुर्मू
पश्चिमी सिंहभूम                  रमेश पूर्ति व मार्कस बोदरा
गढ़वा                               आनंद कुमार व धर्मेंद्र कुमार मेहता
गुमला                               अनिम मिंज
लातेहार                             मिथेंद्र लकड़ा
धनबाद                              जगदीश रजक व रघुनंदन कुमार

प्रगतिशील किसान गनसू महतो का अनुभव
इजरायल गये किसानों के चौथे दल में ओरमांझी प्रखंड के सदमा गांव के किसान गनसू महतो भी शामिल हैं. गनसू काफी खुश हैं. कहते हैं कि वर्तमान समय की मांग को देखते हुए उन्नत खेती बहुत जरूरी है. इजरायल में सामूहिक खेती का काफी प्रचलन है. इससे बड़े क्षेत्रफल में एक ही प्रकार की फसल की खेती होती है और उत्पादन भी अच्छा होता है. मेहनत और पूंजी कम लगती है. इजरायल में पशुपालन भी समूह में किया जाता है.

हर एक बूंद पानी की कीमत
इजरायल में सिंचाई की उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है. ड्रिप इरिगेशन पर जोर रहता है. इससे पानी की काफी बचत होती है. वहां हर खेत में ड्रिप इरिगेशन का इस्तेमाल होता है. जितना पानी पौधे को चाहिए उतना ही पानी का उपयोग होता है. वहां हर एक बूंद पानी का ख्याल रखा जाता है. सरकार की ओर से हर खेत तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गयी है. झारखंड के किसानों को भी एक-एक बूंद पानी के महत्व पर जोर देना होगा.

कृषि को उद्योग मानते हैं किसान
गनसू महतो बताते हैं कि इजरायल के किसान खेती को उद्योग मानते हैं. व्यावसायिक खेती पर ज्यादा ध्यान देते हैं. उन फसलों, सब्जियों और फलों की ज्यादा खेती करते हैं, जिससे उन्हें ज्यादा मुनाफा हो. इसके अलावा वहां प्रसंस्करण और भंडारण की बेहतर व्यवस्था है.

राज्य के किसानों को प्रशिक्षित करने की जरूरत : गनसू महतो
गनसू महतो ने कहा कि राज्य के किसानों को सबसे पहले प्रशिक्षित करने की जरूरत है. अभी भी अधिकतर किसान पारंपरिक तरीके से खेती करते हैं. किसानों को बूंद-बूंद पानी के महत्व को समझना होगा. किसानों के अंदर इस भावना को जागृत करना होगा कि कृषि उद्योग है और इससे बेहतर मुनाफा कमाया जा सकता है