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  • Mar 17 2020 5:29PM

जान पर खेलकर कौशल्या बचाती हैं पर्यटकों की जान

जान पर खेलकर कौशल्या बचाती हैं पर्यटकों की जान

पंचायतनामा टीम

कौशल्या देवी. उम्र महज 30 वर्ष. रांची जिले के हुंडरू फॉल में पर्यटन मित्र हैं. इनकी सादगी देखकर आप यकीन नहीं करेंगे कि ये किसी पर्यटक की जान भी बचा सकती हैं, लेकिन विधवा कौशल्या के हौसले काफी बुलंद हैं. इन्होंने फॉल में डूबती एक पर्यटक महिला की जान बचायी है. वह हमेशा ड्यूटी पर मुस्तैद रहती हैं, ताकि महिला पर्यटकों को किसी तरह की मुसीबत का सामना नहीं करना पड़े

अब पानी में नहीं लगता डर
पति के निधन के बाद गृहिणी कौशल्या देवी को पर्यटन मित्र बनाया गया. इसके पहले इनके पति पर्यटन मित्र के रूप में हुंडरू फॉल में काम करते थे. पति के निधन के बाद कौशल्या को तैराकी का विधिवत प्रशिक्षण दिया गया. इससे इनका हौसला बढ़ा. कौशल्या कहती हैं कि पहले उन्हें भी पानी से डर लगता था, लेकिन रांची में तैराकी का प्रशिक्षण मिलने के बाद अब गहरे पानी में उतरने में भी डर नहीं लगता.

तैराकी प्रतियोगिता में मिला पुरस्कार
झारखंड के 7 फॉल के 93 पर्यटन मित्रों के लिए रांची के खेलगांव में प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था. इसमें कौशल्या ने भी भाग लिया और हौसले से सबको हैरत में डाल दिया. इस दौरान इन्हें पुरस्कार भी मिला.

अच्छी गाइड है कौशल्या
पर्यटन मित्र राजकिशोर प्रसाद व बालेश्वर बेदिया कहते हैं कि कौशल्या देवी भले ही विधवा हैं, लेकिन इनका हौसला देखते ही बनता है. महिला पर्यटकों व बच्चों पर इनकी पैनी नजर होती है, ताकि फॉल में लापरवाही से कोई हादसा न हो जाये. वह अच्छी गाइड की भूमिका निभाती हैं.

महिला पर्यटक की बचायी जान
आठवीं कक्षा पास कौशल्या हुंडरू गांव की हैं. उन्होंने हुंडरू फॉल घूमने आयी पश्चिम बंगाल की एक महिला पर्यटक की जान बचाई थी. फिसलने के कारण महिला गहरे पानी में गिर रही थी, तभी तत्परता दिखाते हुए कौशल्या ने अपनी जान पर खेलकर उस महिला पर्यटक की जान बचा ली.

जान जोखिम में डालकर देते हैं नया जीवन
झारखंड के पर्यटन मित्रों की मानें, तो उन्हें पीएफ, इएसआई और इंश्योरेंस कुछ भी नहीं मिलता. सिर्फ मिलते हैं मासिक छह हजार रुपये. काम 30 दिनों तक, लेकिन मानदेय सिर्फ 26 दिनों का. वह भी समय से नहीं. पिछले कई माह का मानदेय बकाया है.

पीएफ, इएसआई और इंश्योरेंस मिले : कौशल्या देवी
हुंडरू फॉल की महिला पर्यटन मित्र कौशल्या देवी कहती हैं कि समय पर मानदेय मिलता, तो परिवार चलाने में मदद मिलती. यही उनकी आजीविका का साधन है. नयी सरकार से काफी उम्मीदें हैं. पीएफ, इएसआई और इंश्योरेंस की सुविधा मिले, तो पर्यटन मित्रों को काफी खुशी होगी.