gram savraj

  • Nov 20 2017 11:45AM

राज्य के 17 विभूतियों का सम्मान पाकर बढ़ा हौसला

राज्य के 17 विभूतियों का सम्मान पाकर बढ़ा हौसला
पंचायतनामा डेस्क
राज्य के 17 विभूतियों को अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए झारखंड सम्मान से सम्मानित किया गया. यह सम्मान झारखंड स्थापना दिवस के एक दिन पूर्व 14 नवंबर, 2017 को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दिया. रांची के  प्रोजेक्ट भवन परिसर स्थित नये सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में खामोशी से समाज की बेहतरी के लिए काम करनेवाले विभूतियों को सम्मानित कर झारखंड गौरवान्वित है. खुद अभाव में रहने के बावजूद समाज के लिए कुछ कर गुजरने की तमन्ना सचमुच काबिले तारीफ है. इससे सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने सूबे के 17 विभूतियों को शॉल, स्मृति चिन्ह एवं एक लाख रुपये का चेक देकर सम्मानित किया.
 
खेल को मिला सम्मान : विश्वासी
मुख्यमंत्री से सम्मान पाकर खुश हूं. इस सम्मान से मेरा उत्साह बढ़ा है. मेरी खेल प्रतिभा को सम्मान मिला है. समाज में इसका अच्छा संदेश जायेगा. युवा खिलाड़ियों को भी इससे बेहतर खेलने की प्रेरणा मिलेगी. देश व राज्य का नाम रोशन करेंगे.
 
काम को मिला सम्मान : दयामनी
झारखंड निर्माण से अब तक मुझे कभी सम्मानित नहीं किया गया था. पहली बार सम्मान मिल रहा है. बेहद खुशी हो रही है. मेरे काम को सम्मान मिला है. यह युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का काम करेगा. खिलाड़ियों को सिर्फ खेल पर ध्यान देना चाहिए.
 
छऊ नृत्य को बढ़ावा : शशिधर
कलाकार पैसे का भूखा नहीं होता है. वह सम्मान चाहता है. ऐसे सम्मान से मुझे प्रोत्साहन मिला है. इस नयी ऊर्जा के संचार होने से हम अब विश्व प्रसिद्ध छऊ नृत्य को नया आयाम देने की कोशिश करेंगे. इस क्षेत्र में हम और बेहतर कार्य करेंगे.
 
2022 तक राज्य में नहीं होगा कोई बीपीएल कार्डधारी : सीएम
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि 2022 तक राज्य में कोई भी व्यक्ति बीपीएल कार्डधारी नहीं रहेगा. न्यू इंडिया की तरह न्यू झारखंड बनाना है. 2022 तक भगवान बिरसा मुंडा के सपनों के झारखंड को जमीन पर उतारना है. उन्होंने कहा कि निचले स्तर पर अभी कुछ घालमेल है, उसे छह माह में दुरुस्त करना है. राज्य के लोगों को जाति, आय, आवासीय के लिए ब्लॉक का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. ये सुविधाएं लोगों को घर बैठे मिलेंगी. राज्य में 18000 अनाथ बच्चे हैं. इन्हें हुनर से रोजगार देकर स्वावलंबी बनाया जायेगा. समाज से ही व्यक्ति की पहचान है. ऐसे में सबकी जिम्मेदारी बनती है कि समाज की बेहतरी में योगदान देकर उसका ऋण चुकाया जाये. उन्होंने कहा कि झारखंड में जब आप जैसे विभूति और बदलाव के वाहक हों, तो झारखंड को समृद्ध होने से कौन रोक सकता है.
 
कौशल विकास जरूरी : अवधेश
देश में बदलाव के लिए युवाओं का कौशल विकास जरूरी है. इससे न सिर्फ बेरोजगारी पर नकेल कसा जा सकेगा, बल्कि बेहतर राष्ट्र का निर्माण भी हो सकेगा. यह सम्मान मुझे बेहतर कार्य के लिए प्रेरित करेगा. कोशिश होगी कि कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाये जाये. 
 
इजराइली तकनीक लायेंगे : गंदुरा
किसान को सम्मान मिला है. अब जिम्मेदारी और बढ़ गयी है. इससे काफी खुश हूं. सरकार ने इजराइल भेजनेवाले किसानों की टीम में भी मेरा भी चयन किया है. वहां से कृषि की उन्नत तकनीक सीख कर उत्पादन में उपयोग करेंगे.
 
सम्मान पाकर खुश हूं : तरुण
सरकार से सम्मानित होकर बेहद खुश हूं, लेकिन इसके साथ ही अब मेरी जिम्मेदारी पहले से काफी बढ़ गयी है. अब अपने कार्य को और तेजी से करेंगे. सरकार की ओर से जो सम्मान राशि दी गयी है, उसकी आधी राशि मैं दिव्यांगों को समर्पित करूंगा.
 
इन्हें मिला झारखंड सम्मान
नाम जिला कार्य क्षेत्र
अवनिंद्र कुमार सिंह रांची शिक्षा
सुधा लीला रांची समाजसेवा
डॉ अनंत सिन्हा रांची चिकित्सा
प्रवीण कर्मकार रांची कला
गंदुरा उरांव रांची कृषि
दयामनी सोय खूंटी महिला हॉकी
विश्वासी पूर्ति खूंटी महिला हॉकी
योगेश कुमार सिंह चतरा गव्य विकास
जगदीश महतो बोकारो वन प्रबंधन
दोरोथिया केरकेट्टा सिमडेगा स्वच्छ भारत मिशन
अवधेश कु पांडेय गुमला कौशल विकास
विश्वजीत राय चौधरी देवघर संगीत
सिदो हांसदा पूर्वी सिंहभूम ग्रामीण जलापूर्ति
शशिधर आचार्य सरायकेला छऊ नृत्य
तरुण कुमार सिंह सरायकेला शिक्षा
अंजली पिंगुआ प सिंहभूम ग्रामीण विकास
महादेव महतो हजारीबाग पर्यावरण संरक्षण