gram savraj

  • Sep 4 2018 4:36PM

गुरुजी की कृपा का आज भी रांगा के ग्रामीणों को है इंतजार

गुरुजी की कृपा का आज भी रांगा के ग्रामीणों को है इंतजार

आनंद जायसवाल

प्रखंड : मसलिया

पंचायत : रांगा
जिला : दुमका 

दुमका के सांसद शिबू सोरेन (गुरुजी) ने अपने संसदीय क्षेत्र की जिस पंचायत को गोद लेकर आदर्श पंचायत के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया था, उस मसलिया प्रखंड के रांगा पंचायत की तस्वीर आज तक नहीं बदली है. आज भी यहां के लोगों को गुरुजी की 'कृपा' का इंतजार है. इस पंचायत के लोग अच्छी सड़क, शुद्ध पेयजल और सिंचाई के साधन को तरस रहे हैं. पंचायत भवन के ठीक बगल से शुरू होता है नारायणपुर गांव. इस गांव के पांच टोलों के नजारे मुंह चिढ़ाते हैं. नारायणपुर से आमगाछी पहाड़ी टोला तक जाने वाली सड़क ऐसी है कि साइकिल-मोटरसाइकिल चलाना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल है. यह सड़क जब पांच दशक पहले बनी थी, तो कीचड़ और दलदल से मुक्ति दिलाने के लिए एक-एक फुट के बड़े-बड़े पत्थर बिछाये गये थे, आज भी उन्हीं आड़े- तिरछे और नुकीले पत्थरों से होकर लोग गुजरने को विवश हैं.

इंद्रदेव के भरोसे ही होती है खेती
इस पंचायत में इंद्रदेव के भरोसे ही खेती होती है. ग्रामीण मोलबिन सोरेन, बिजुली हेम्ब्रम कहते हैं कि पीने का जब पानी ही दूर-दूर से लाना पड़ता है, तो सिंचाई की क्या सुविधा होगी, आप सहज अनुमान लगा सकते हैं. इस बार तो अच्छी बारिश भी नहीं हुई है, खेती कैसे होगी. अनाज कैसे उपजेगा. रोजी-रोटी को लेकर सबकी चिंता बढ़ती जा रही है. जॉइन मुर्मू और बाबुधन हांसदा जैसे युवा कहते हैं कि पंचायत से होकर भले ही हाइवे जैसी सड़क गुजरी हो, लेकिन गांव की सड़क बेहद ही खराब है. एक बार ही अपने गोद लिए पंचायत में सांसद शिबू सोरेन पहुंचे हैं. जब वे ही देखने व सुधि लेने नहीं पहुंचेंगे, तो दूसरा कौन हमारी दुख-तकलीफ को सुनने आयेगा.

सिंचाई योजना का मिले लाभ
पूरन पुजहर और मालती पुजहर आमगाछी पहाड़िया टोला के रहने वाले हैं. दोनों बताते हैं कि जोरिया में पानी रहता है, जिस पर पुल भी नहीं बना हुआ है. आने-जाने में बहुत दिक्कत होती है. जोरिया के पानी का कोई उपयोग नहीं किया जाता. यही पानी अगर पटवन में उपयोग किया जाये, तो काफी लाभ मिलेगा. लोगों के मुताबिक बहुत पहले आमगाछी में लघु सिंचाई विभाग ने सिंचाई के लिए योजना का डीपीआर भी बनवाया था, लेकिन योजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकीं. वे बताती हैं कि इस पंचायत के अंतर्गत मसलिया, झिलुवा, महेशापाथर, नागरापाथर, रांगा, रामखेड़ी, लताबड़, गोबासोल, झगड़िया और काटाडूमर जैसे गांव की स्थिति भी इससे बहुत अलग नहीं है.

बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने की जरूरत : दिनेश दत्ता
जिला 20 सूत्री उपाध्यक्ष दिनेश दत्ता कहते हैं कि चार साल में जितनी तस्वीर सांसद शिबू सोरेन द्वारा इस गोद ली गयी पंचायत की बदलनी चाहिए थी, वह नहीं बदल सकी है. इस पंचायत के लगभग सभी गांव में सड़क, पेयजल और सिंचाई की बुनियादी समस्या आज भी विद्यमान हैं. इस पर फोकस कर काम करने की जरूरत है.

पंचायत का विकास नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण : विजय कुमार सिंह
सांसद प्रतिनिधि विजय कुमार सिंह ने कहा कि सांसद शिबू सोरेन ने रांगा को गोद लिया था, लेकिन इसका विकास नहीं होना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है. इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार है. प्रशासन ने विकास के लिए दूसरे गांव को गोद लिया. इसकी जगह रांगा का ही विकास करना था. प्रशासन के साथ हुई बैठक में उन्होंने इस मुद्दे को उठाया है.

पंचायतों के समग्र विकास के प्रति प्रशासन गंभीर : मुकेश कुमार
उपायुक्त मुकेश कुमार ने कहा कि सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत सांसद शिबू सोरेन ने रांगा को गोद लिया है. सावन बीतने के बाद जिला प्रशासन इस पंचायत के समग्र विकास का प्रयास करेगा. इसके लिए सांसद शिबू सोरेन की निधि और राज्य सरकार का भी सहयोग लिया जायेगा.