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  • Jun 12 2019 2:09PM

एक कुएं से ही अपनी प्यास बुझाते जोबला गांव के ग्रामीण

एक कुएं से ही अपनी प्यास बुझाते जोबला गांव के ग्रामीण

बीरेद्रं कुमार सिंह
प्रखंड: मुसाबनी
जिला: पूर्वी सिंहभूम

पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत मुसाबनी प्रखंड की माटिगोरा पंचायत का एक गांव है जोबला. इस गांव के ग्रामीण आज भी पानी के लिए परेशान हैं. प्रखंड मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर यह गांव जंगल व पहाड़ की तलहटी में बसा है. इस गांव में करीब 80 परिवार रहते हैं. इस गांव में पहुंचने के लिए कोई पक्का रास्ता नहीं है. इस गांव में अभी पीने के पानी के लिए एक छोटी जल मीनार तथा एक पुराना कुआं है. गांव में जितने भी चापाकल हैं, सभी सूख चुके हैं. गांव के बीचोंबीच एक तालाब था, वह भी अब सूख चुका है

जलमीनार पर दबंगों का कब्जा
पंचायत द्वारा जलमीनार लगायी गयी है, लेकिन इस पर दबंगों का कब्जा है. पानी भरने को लेकर इस कदर मारपीट हुई कि सात-आठ परिवार को छोड़ कर यहां से कोई पानी नहीं ले सकता. जल मीनार में ताला जड़ दिया जाता है. सुबह-शाम ताला खोलने पर ही ग्रामीण पानी ले सकते हैं. जलमीनार को दबंगों से मुक्त करने के लिए प्रशासन की ओर से कोई प्रयास नहीं किया गया. एक पुराना कुआं है, जिसके पानी का ग्रामीण अधिकतर उपयोग करते हैं. भीड़ अधिक होने के कारण ग्रामीण केवल खानपान के लिए ही पानी ले पाते हैं, शेष कार्यों के लिए काफी दूर से नाले के पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं.

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जरूरत के हिसाब से ही लेते हैं पानी : कपरा मुर्मू
ग्रामीण महिला कपरा मुर्मू कहती हैं कि कुएं से जरूरत का ही पानी लेते हैं, ताकि कुएं में पानी सुरक्षित रहे. बारिश शुरू होते ही परेशानी कम हो जायेगी. फिलहाल रोजाना नहाने के लिए भी पानी नहीं मिल पाता.