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  • Dec 19 2017 2:44PM

तीन ताली बजते ही गुफा में बरसने लगता है पानी

जावेद खान
हजारीबाग के बड़कागांव की आंगो पंचायत के झिकझोर स्थित गुफा में तीन ताली बजाने के साथ ही पानी टपकने लगता है. इसे बरसो पानी के नाम से भी जाना जाता है. गुफे का यही आकर्षण लोगों को अपनी ओर खींचता है. पर्यटकों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराकर इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है. 
तीन ताली बजते ही बारिश शुरू...
इस गुफा में जाकर जब तीन बार ताली बजायी जाती है, तो चट्टानों से पानी बरसने लगता है. ताली बजाना बंद करते ही पानी की बूंदें गिरनी बंद हो जाती हैं. गुफे की यह अनसुलझी पहेली लोगों को रोमांचित करती है. वर्षों से यह कौतूहल का विषय बना हुआ है, लेकिन आज तक पानी बरसने की वजह का पता नहीं चल सका है.
पर्यटन स्थल के रूप में हो सकता है विकसित
बरसो पानी दशकों से पर्यटकों को लुभा रहा है. इसके बाद भी सुविधा के नाम पर यहां महज एक चबूतरा बना हुआ है. बरसो पानी में सुविधाएं बढ़ा कर इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है. इससे यहां के स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा. सरकार की उदासीनता से नाराज लोगों ने हालिया दिनों में बरसो बाबा का मंदिर बनाना शुरू किया है. इसकी पहल समाजसेवी कौलेश्वर गंझू ने की है.
ऐसे पहुंचेंगे बरसो पानी
उरीमारी से बरसो पानी की दूरी लगभग 17 किलोमीटर है. असवा-उरेज के रास्ते बाइक व चारपहिया से पहुंचा जा सकता है. इसके बाद हहारो नदी को पैदल पार करना पड़ता है. इसी नदी के बगल में झिकझोर है, जहां बरसो पानी है. दूसरा पक्का रास्ता जरजरा पसरिया, कोयलंग होकर जाता है. इसकी दूरी 22 किमी है. बड़कागांव से यहां की दूरी 23 किलोमीटर है.