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  • Apr 3 2018 12:08PM

मजहर अंसारी की डेयरी में रोजाना 125 लीटर दूध का होता है उत्पादन

मजहर अंसारी की डेयरी में रोजाना 125 लीटर दूध का होता है उत्पादन

पंचायतनामा डेस्क

पंचायत : रानीखटंगा
प्रखंड : इटकी
जिला : रांची

राजधानी रांची से 30 किलोमीटर दूर इटकी प्रखंड की रानीखटंगा पंचायत का गांव है रानीखटंगा. लगभग दो हजार की आबादी वाले इस गांव में लगभग 600 घर हैं. ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में दूध का उत्पादन रोजाना 250-300 लीटर होता है. पंडरा व पाली गांव में दूध का अच्छा उत्पादन होता है. पाली में एक दुग्ध शीतलक केंद्र भी है, जहां से दूध मेधा डेयरी को जाता है. रानीखटंगा गांव में दूध से कई परिवारों का घर चलता है. उन्हीं परिवारों में से एक है मजहर अंसारी का परिवार. मजहर के घर में हर रोज 70-80 लीटर दूध का उत्पादन होता है. दूध का व्यवसाय ही मजहर के लिए आजीविका का मुख्य जरिया है.

विरासत में मिला दूध का व्यवसाय
मजहर अंसारी को दूध का व्यवसाय विरासत में मिला है. अधिक पढ़ाई-लिखाई नहीं कर पाने के कारण मजहर को कोई रोजगार नहीं मिल रहा था. मजहर ने विरासत में मिले दूध व्यवसाय को आगे बढ़ाने को सोचा. धीरे-धीरे मजहर इस काम में इतना मग्न हो गया कि उन्होंने इसे ही अपना आजीविका का मुख्य जरिया बना लिया. इस काम में उनके पिता का भी भरपूर सहयोग मिला है. पांच गायों से हर रोज 70-80 लीटर दूध का उत्पादन होता है. आस-पास के लोग भी यहां आकर दूध जमा करते हैं, जिससे उनके पास हर रोज 100-125 लीटर दूध हो जाता है, जिसे ले जाकर इटकी के बाजार में मजहर बेचते हैं. बाजार में उन्हें 27-28 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दाम मिल जाता है. सात साल पहले बीमारी के कारण मजहर की पांच गायों की मौत हो गयी थी. इससे उन्हें काफी नुकसान हुआ था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और फिर दो गाय खरीदी. गायों की वे विशेष देखभाल करते हैं. कहते हैं कि अगर घर में गाय हो, तो भूखे मरने की नौबत कभी नहीं आयेगी.

दूध से ही चलता है घर : असीमा खातून
मजहर की मां असीमा खातून कहती हैं कि दूध से ही उनका घर चलता है. घर में गाय होने के कारण ही आज उनका परिवार खुशहाल जिंदगी जी रहा है. तीन बेटी व एक बेटे की शादी की. पक्का मकान बनाया और मोटरसाइकिल भी खरीदी है. इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, घर का खाना-पीना सब कुछ सिर्फ दूध की कमाई से ही होता है. कहती हैं कि जितना कुछ उन्होंने दूध के व्यवसाय से हासिल किया, वो अन्य क्षेत्र में काम कर नहीं मिल सकता था.