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  • Dec 27 2018 5:41PM

खेती से खुशहाल हैं हादूर व रोलाडीह गांव के किसान

खेती से खुशहाल हैं हादूर व रोलाडीह गांव के किसान

सुकेश कुमार
प्रखंड: चक्रधरपुर
जिला: पश्चिमी सिंहभूम

पश्चिम सिंहभूम जिला अंतर्गत चक्रधरपुर प्रखंड के हादूर व रोलाडीह गांव के किसानों की मेहनत देख अन्य गांव के किसान काफी प्रभावित हो रहे हैं. हादूर गांव में हरिश हांसदा ने दो एकड़ भूमि पर फूलगोभी-पत्तागोभी से लेकर सरसों, मूली आदि सब्जियों की अच्छी खेती कर रहे हैं. अब तो हरिश से प्रेरणा लेकर कई अन्य किसान खेती करने को प्रेरित हुए हैं. वैसे किसान भी खेती करने में जुटे हैं, जिन्होंने वर्षों से खेती करना छोड़ दिया था. हरिश हासंदा ने इस साल 85 हजार रुपये पूंजी लगाकर फूलगोभी व पत्तागोभी का बीज लगाया था. अब इसकी कीमत लाखों में है. हरिश दोगुना लाभ के साथ खेती करने में जुटे हैं. इसी तरह रोलाडीह गांव के गोकुल महतो भी खेती-बारी से अच्छी कमाई कर रहे हैं. इस काम में परिवार का भी काफी सहयोग मिलता है. गोकुल सरसों व मूली की आधुनिक तकनीक से खेती करते हैं. यही कारण है गोकुल महतो के खेत से पूरे गांव के लोग सब्जी लेकर जाते हैं. गोकुल का मानना है कि अगर हर कोई खेती-बारी करेगा, तो काम खुद मिल जायेगा. इसके अलावा फसल का नुकसान भी नहीं होगा. गांव के ही एक अन्य किसान गंगाधर महतो धान की खेती से अपना जीवन-यापन कर रहे हैं. गांव में सबसे अधिक धान की खेती गंगाधर ही करते हैं. इस कार्य से अन्य किसान भी काफी प्रभावित हुए हैं

रांची कृषि विवि से पहुंच चुके हैं शोधार्थी
कृषि में शोध करनेवाले विद्यार्थियों ने रोलाडीह गांव आकर गोकुल महतो के खेती करने के तरीके को देखा. साथ ही खेती-बारी में गोकुल के अनुभव को जाना. गोकुल की बात से प्रभावित होकर शोधार्थियों ने अन्य किसानों का भी हौसला बढ़ाया. शोधार्थियों के मुताबिक, खेती-किसानी से भी देश का विकास संभव है. जब तक किसान खेती नहीं करेंगे, तब तक विकास नहीं होगा.

हाथी से फसल की होती है बर्बादी
हादूर गांव में हाथी से खेतों में फसल की बर्बादी होती है. जिस तरह से नियमित रूप से जंगल की कटाई होती है, उससे हाथी जंगल से बाहर निकल आते हैं. खेतों में आकर खड़ी फसलों को खा
जाते हैं. इससे सालोंभर की मेहनत एक दिन में खत्म हो जाती है.

सरकार का मिले सहयोग, तो संभावना और बनेगी : हरिश हांसदा
हादूर गांव के किसान हरिश हांसदा कहते हैं कि सरकार की ओर से जलापूर्ति योजना के तहत पाइपलाइन बिछाया गया है. इससे पानी की समस्या नहीं होती है, लेकिन हाथी के झुंड से किसानों में डर बना रहता है। सरकार की ओर से अगर पक्का मचान बना दिया जाये, तो हाथी से काफी हद तक राहत मिल जाता. इसके अलावा हाथी भगाने के लिये वन विभाग से पटाखा, लाइट आदि की भी व्यवस्था की जानी चाहिए.

किसानों को प्रोत्साहित करे सरकार : गोकुल महतो
किसान गोकुल महतो कहते हैं कि खेती में ही राज्य व देश का विकास है. लोग जब तक खेती करेंगे, तब तक जीवित रह पायेंगे. जिस दिन खेती करना छोड़ेंगे, उस दिन से महंगाई पर भी असर पड़ेगा. सरकार को हम जैसे किसानों को प्रोत्साहित करना चाहिए.

किसानों को मिले अधिकार : गंगाधर महतो
किसान गंगाधर महतो कहते हैं कि हर हाल में सरकार का सहयोग जरूरी है. किसान जो उगाता है, उसकी सही कीमत भी मिल नहीं पाती है. बाजार ही उसका निर्णय करती है. इस पर सरकार को ध्यान चाहिए. किसान को अपना अधिकार मिलना चाहिए