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  • Apr 3 2018 11:48AM

प्रशांत की डेयरी से गुमला-सिमडेगा में पांच क्विंटल दूध की होती है रोजाना बिक्री

प्रशांत की डेयरी से गुमला-सिमडेगा में पांच क्विंटल दूध की होती है रोजाना बिक्री

 दुर्जय पासवान


काम के प्रति लगन व कुछ करने की दृढ़ इच्छाशक्ति ने आज हिन्दुस्तान डेयरी को ऊंचे मुकाम पर पहुंचा दिया है. इस डेयरी के मालिक हैं प्रशांत कुमार. एक समय था जब इनके पूर्वज खेती-बारी कर जीविका चलाते थे. समय के साथ बदलाव लाते हुए प्रशांत ने अपनी डेयरी खोलने का मन बनाया और गौ पालन शुरू किया. आज दूध उत्पादन के क्षेत्र में उनकी अलग पहचान है.

एक गाय से सफर हुआ शुरू, आज है 120 गाय
हिन्दुस्तान डेयरी की शुरुआत पालकोट से हुई. इसकी शाखाएं आज गुमला व सिमडेगा में भी हैं. प्रशांत खुद पालकोट में रहकर अपनी डेयरी संभालते हैं. वह बताते हैं कि एक एकड़ जमीन पर खेती-बारी होती थी, लेकिन गुमला व सिमडेगा जिले में दूध उत्पादन के प्रति किसी की रुचि नहीं थी. दूसरे जिलों से दूध लाकर लोग बेचते थे. इसे देखते हुए खुद की डेयरी खोलने का निश्चय किया. एक गाय से डेयरी शुरू किया. आज 120 गाय है. एक एकड़ जमीन को डेयरी का रूप दिया. जहां सभी गायों की देखभाल की जाती है. इसमें 20 से अधिक मजदूर लगे रहते हैं, जो दूध दुहने के अलावा गायों को भोजन देने व साफ-सफाई का काम करते हैं. रोजाना 500 से 600 किलो दूध होता है. इसे गुमला व सिमडेगा जिले के विभिन्न स्थानों पर बेचा जाता है. वह कहते हैं कि एक गाय पर प्रतिदिन दो से ढाई सौ रुपये खर्च है.

नहीं हैं वेटनरी डॉक्टर
प्रशांत बताते हैं कि पालकोट प्रखंड के लोगों में धीरे-धीरे गौ पालन को लेकर रुचि पैदा हो रही है, लेकिन जब कोई गाय बीमार होती है, तो उसके इलाज में परेशानी होती है. यहां वेटनरी डॉक्टर नहीं हैं. उन्होंने कहा कि गाय पालते हुए उन्हें गाय के रोगों के बारे में जानकारी हो गयी है. अब वह खुद गाय का इलाज कर लेते हैं.