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  • Dec 27 2018 5:47PM

केले की खेती से भरत चंद्र महतो की आय हुई दोगुनी

केले की खेती से भरत चंद्र महतो की आय हुई दोगुनी

दशमत सोरेन
प्रखंड: जमशेदपुर
जिला: पूर्वी सिंहभूम

अब तक केले के लिए दूसरे राज्यों पर आश्रित रहना पड़ता था, लेकिन अब पूर्वी सिंहभूम जिले के किसानों का रुझान साग-सब्जियों की पैदावार के साथ-साथ केले की खेती की ओर भी बढ़ा है. वे कई बीघे में केले की खेती कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहे हैं. जमशेदपुर प्रखंड अंतर्गत सारजामदा लुपुंग टोला निवासी भरत चंद्र महतो अपनी तीन बीघा जमीन पर केले की खेती कर रहे हैं. उन्होंने बागान में केले के 500 पौधे लगाये हैं. जिला कृषि कार्यालय के सहयोग से उन्होंने सितंबर 2017 से केले की खेती शुरू की. एक साल पूरे होने से पहले ही उन्हें अच्छी-खासी कमाई हो गयी. वे अब केले की खेती को बड़े पैमाने पर शुरू करने जा रहे हैं. इसके लिए वे स्थानीय किसानों के बागान व खेत को लीज पर लेनेवाले हैं. भरत चंद्र महतो केले की खेती से पूर्व अपने बागान में साग-सब्जी की खेती करते थे, लेकिन अपनी आय दोगुनी करने के लिए उन्होंने केले की खेती करनी शुरू की

पढ़े-लिखे हैं, करते हैं खेती-बारी
भरत चंद्र महतो स्नातक (बीएससी) पास हैं. बॉटनी साइंस से उन्होंने ऑनर्स किया है. पढ़े-लिखे होने के बावजूद वह खेती-बारी करते हैं. वे अपने बागान में सालोंभर साग-सब्जी लगाते थे. उससे उनकी अच्छी-खासी कमाई हो जाती थी, लेकिन आमदनी बढ़ाने के लिए उन्होंने केले की खेती करनी शुरू की. घर के पास ही बागान होने की वजह से उनकी पत्नी अनीता महतो भी उनका सहयोग करती हैं.

कृषि योग्य भूमि को खाली नहीं रखें : भरत
भरत चंद्र महतो कहते हैं कि जिले के अधिकतर किसान कृषि कार्य से विमुख हो गये हैं. वे खेतों को खाली छोड़ देते हैं. वैसे किसानों से कहना है कि वे अपने खेतों को खाली नहीं रखें. नौकरी-व्यवसाय के साथ-साथ कृषि कार्य भी करें. इससे उनकी आय बढ़ेगी. कृषि के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं.

जिले में केले की खेती के लिए जमीन है उपयुक्त : एम कालिंदी
जिला कृषि पदाधिकारी एम कालिंदी ने बताया कि जिले में केले की खेती के लिए जमीन उपयुक्त है. किसान अन्य फसल के साथ-साथ केले की खेती कर अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं. जिले में करीब 30 किसान हैं, जिन्होंने केले की खेती को अपनी आजीविका का साधन बना लिया है. कृषि विभाग की ओर से उन्हें हर संभव मदद दी जाती है. वित्तीय वर्ष 2018-19 में 70 हेक्टेयर में केले की खेती करने का लक्ष्य रखा गया है. अब तक 50 हेक्टेयर में केले की खेती करने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है. केले की खेती करने के इच्छुक किसानों से आवेदन मांगा गया है.