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  • Dec 14 2019 1:10PM

गौ पालन से महीजा की बदली जिंदगी

गौ पालन से महीजा की बदली जिंदगी

अंजुम बानो
प्रखंड : चितरपुर

जिला  : रामगढ़ 

रामगढ़ जिले के चितरपुर प्रखंड अतंर्गत भुचुंगडीह पंचायत की रहनेवाली महीजा खातून की जिंदगी आज बदल चुकी है. सखी मंडल से जुड़कर आज उन्हें एक नयी पहचान मिली है. अपने परिवार के साथ आज खुशहाल जिंदगी जी रही हैं. एक वक्त ऐसा भी था, जब कई बार उन्हें भूखे पेट रहना पड़ता था. परिवार काफी बड़ा था. चार बेटियां, दो बेटे, पति और विधवा मां. पति राज मिस्त्री का काम करते थे. उस कमाई से इतने बड़े परिवार का खर्च चलाना काफी मुश्किल था. हर रोज काम भी नहीं मिलता था. इसके कारण समस्या और बढ़ जाती थी. कई बार तो ऐसा भी होता था कि भोजन के अभाव में उन्हें भूखा रहना पड़ता था. किसी तरह जिंदगी चल रही थी.

इस बीच वर्ष 2016 में भुचुंगडीह पंचायत में महिला समूहों का गठन हुआ. समूह बनाने के लिए पंचायत में ड्राइव चलाया गया. समूह के बारे में पूरी जानकारी हासिल करने के बाद महीजा खातून नूरी आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ गयीं और यहीं से उनके जीवन में बदलाव आना शुरू हुआ. समूह से जुड़ने के बाद उन्हें कोषाध्यक्ष बनाया गया. इसके बाद जब नूरी आजीविका सखी मंडल को बैंक से 50,000 रुपये मिले, तब महीजा ने समूह से 12,000 रुपये लोन लेकर अपने लिए एक गाय खरीदी. गाय लेने के बाद महीजा दूध का कारोबार करने लगीं. दूध बेचने से अच्छी आमदनी होने लगी, तो पारिवारिक स्थिति में सुधार होने लगा.

 

अच्छे से अपने परिवार की परवरिश करने लगी. समय पर लोन भी वापस करने लगीं. फिर आठ महीने बाद इनकी सखी मंडल को एक लाख रुपये की दूसरी लिंकेज राशि प्राप्त हुई. इसमें से महीजा ने 25,000 रुपये लोन लिये. इस राशि से उन्होंने फिर दो गाय खरीदी. इससे दूध का उत्पादन बढ़ा और आज वह हर रोज आठ से 10 लीटर दूध बेचती हैं. साथ ही अपने परिजनों के लिए भी पर्याप्त दूध बचा लेती हैं.

समूह को धन्यवाद देते हुए महीजा कहती हैं कि समूह से जुड़ कर उनका परिवार गरीबी से बाहर आ गया है. फिलहाल उनके पास तीन गाय के अलावा दो बैल और एक बछिया भी है. इससे उनकी आमदनी काफी बढ़ गयी है. आज वो पूरी तरह से आत्मनिर्भर हैं और अपने बच्चे व परिजनों के साथ खुशहाल जिंदगी बिता रही हैं. अपने जीवन में आये बदलाव का पूरा श्रेय महीजा अपने समूह को देती हैं.