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  • Jan 3 2020 3:14PM

गौ पालन से परिवार में आयी खुशहाली

गौ पालन से परिवार में आयी खुशहाली
अपनी गाय को चारा खिलातीं भानुमति देवी.

लक्ष्मी देवी
प्रखंड: सिल्ली
जिला: रांची

रांची जिला अंतर्गत सिल्ली प्रखंड के लोटा गांव की भानुमति देवी समूह से जुड़ कर न सिर्फ अपने परिवार को विपरीत परिस्थिति से बाहर निकालीं, बल्कि अपने पति का भी सहारा बनीं. समूह से जुड़ने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी. दरअसल उनके पति 2011 में पंचायत समिति का चुनाव लड़े. चुनाव लड़ने में उन्होंने अपनी जमा पूंजी तीन लाख रुपये खर्च कर दी. वह चुनाव भी हार गये. इसका उन पर गहरा असर पड़ा और वह घर छोड़ कर चले गये. तीन साल बाद जब वो घर लौटे, तब भी उनकी स्थिति अच्छी नहीं थी. पैसे को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे.

इसके बाद भानुमति ने अपने पति को समझाया कि फिर से कुछ काम करके एक नयी शुरुआत करते हैं. पर, पैसे की दिक्कत थी. इस बीच वर्ष 2016 में उन्हें महिला समूह की जानकारी मिली और वो प्रेरणा महिला समूह से जुड़ गयीं. काम करने के लिए पैसे की परेशानी होने पर भानुमति ने समूह से 23 हजार रुपये का लोन लिया और एक गाय खरीदीं. गाय के लिए एक शेड भी बनवाया. कुछ समय बाद गाय से एक बछड़ा भी हुआ. दूध बेच कर अब वो हर महीना समूह का लोन भी चुकाने लगीं. लोन चुकाने के बाद फिर से भानुमति ने ग्राम संगठन से 50 हजार रुपया का लोन लिया. इस पैसे से उन्होंने पांच गाय और खरीदी.

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अब उनके घर में कुल छह गाय और पांच बछड़े हैं. हर दिन 20 से 22 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है. इस दूध की बिक्री से आमदनी बढ़ने लगी. इससे समूह से लिया गया लोन भी चुकता होने लगा. इस काम में उन्हें पति का पूरा सहयोग मिलता है. हर रोज गाय को चारा खिलाने के बाद दूध की बिक्री में पति सहयोग करते हैं. दूध की कमाई से बचत किये गये पैसे से भानुमति के पति ने फर्नीचर की दुकान खोली. इससे उनकी आर्थिक परेशानियां कुछ कम हो गयी हैं. कमाई बढ़ने के बाद अब उनके बच्चे निजी स्कूल में पढ़ते हैं. छह गाय की देखभाल के लिए भानुमति ने एक ग्रामीण महिला को काम पर रखा है. इससे एक महिला को रोजगार भी मिल गया है. गाय का गोबर अपने खेत में डालती हैं. इससे खेत भी हरा-भरा रहता है. अब घर की समस्याएं धीरे-धीरे दूर होने लगी हैं. अब पूरा परिवार खुशहाल है.