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  • Jan 3 2020 3:06PM

अचार के जरिये दीदियों को मिला रोजगार

अचार के जरिये दीदियों को मिला रोजगार
अचार बनाने का प्रशिक्षण लेतीं ग्रामीण महिलाएं.

आशा तिग्गा
प्रखंड: मनोहरपुर
जिला: पश्चिमी सिंहभूम 

पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत मनोहरपुर प्रखंड में एसवीइपी के माध्यम से तीन दिवसीय अचार प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में प्रखंड के सात कलस्टर के सात-सात दीदियों को अचार बनाने का तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. अचार बनाने के प्रशिक्षण में शामिल हुईं दीदियां इस बात को लेकर काफी खुश थीं कि प्रशिक्षण के बाद अचार बनाना सीख जायेंगी. प्रशिक्षण देने के लिए केरल से दो शेफ को बुलाया गया था. प्रशिक्षण के पहले दिन महिलाओं को एक वीडियो के माध्यम से बताया गया कि अचार के व्यवसाय से महिलाएं किस प्रकार से जुड़ते हुए अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी जोड़ती हैं.

अचार प्रशिक्षण के बाद कैसे महिलाएं 200 प्रकार के अचार और जेम बना लेती हैं. उनके अचार की मांग बहुत है. अचार बनाने के लिए उन्हें कई बार सम्मानित भी किया गया है. वीडियो को देखने के बाद महिलाएं काफी उत्साहित हुईं. उन्होंने बताया कि पहले केवल एक प्रकार का अचार बनाना जानती थीं, लेकिन अब प्रशिक्षण हासिल करने के बाद कई प्रकार का अचार बना पायेंगी. अब महिलाएं नींबू, आम, करैला, बीट, मछली, चिकन, गाजर, ओल, अदरक, इमली आदि का अचार बना पायेंगी. पहला दिन वीडियो दिखाने के बाद महिलाओं को अचार में डालने वाले विभिन्न तरह के मसाले और उसकी मात्रा की जानकारी दी गयी. अचार बनाने के लिए किस प्रकार से सामग्री तैयार की जाती है, इसकी भी जानकारी दी गयी.

प्रशिक्षण के दूसरे दिन महिलाओं को खुद से अचार बनाने का जिम्मा दिया गया. ग्रामीण महिलाओं ने अच्छे तरीके से अचार बनाया. महिलाओं ने कहा कि पहले घर में जो भी मिलता था, उससे वो अचार बनाती थीं. पर, अब मछली और चिकन से भी अचार बना सकती हैं. अचार बनाने के लिए सामानों को किस प्रकार से काटना है, फ्राई करना है और कितना मसाला डालना है, पूरी जानकारी मिल गयी है. मौके पर दीदियों द्वारा बनाये गये अचार का स्वाद सभी ने चखा. दीदियों द्वारा बनाये गये आचार की सबने तारीफ की. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मनोहरपुर बीपीएम ने महिलाओं को प्रोत्साहित भी किया. उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा तैयार किये गये अचार को बेचने के लिए बीआरसी सहयोग करेगा. इससे ग्रामीण महिलाओं को एक अच्छा बाजार मिलेगा और महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत हो सकेंगी.