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  • Apr 16 2019 7:03PM

महिलाओं की राय : अब आसानी से समय पर बन जाता है भोजन

महिलाओं की राय : अब आसानी से समय पर बन जाता है भोजन

वीरेंद्र कुमार सिंह
पूर्वी सिंहभूम

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना महिलाओं के लिए कारगर सिद्ध हो रही है. अब गैस पर खाना बनाने में महिलाओं को काफी सकून मिलता है. इस योजना के तहत लाभुक महिलाओं को नि:शुल्क गैस चूल्हा, सिलिंडर व रेग्यूलेटर उपलब्ध कराया गया है.

पीएम उज्ज्वला योजना की महिला लाभुकों की राय
1.
गैस पर खाना बनाने से समय की होती है बचत : उर्मिला सामाद
पोटका के रोलाघुटु निवासी उर्मिला सामाद बताती हैं कि लकड़ी पर खाना बनाने की अपेक्षा गैस पर खाना बनाना ज्यादा आसान है. एक ओर जहां समय की बचत होती है, वहीं दूसरी ओर श्रम भी बचता है. लकड़ी पर खाना बनाने में सबसे ज्यादा आंख पर असर पड़ता था. चूल्हा बूझ जाने पर मुंह से फूंक कर जलाना पड़ता था. धुएं का प्रभाव आंख पर पड़ने से आंख से पानी टपकने लगता था, लेकिन अब ऐसा कुछ नहीं हो रहा है.

2. पहले की अपेक्षा अब खाना बनाना हुआ आसान : लालमुनि देवी
हाता के भेलाईटांर मोहल्ला की लालमुनि देवी पिछले छह माह से गैस पर खाना बना रही हैं. पहले वह लकड़ी एवं गुल से चूल्हा पर खाना बनाती थीं. कहती हैं कि गैस पर खाना बनाने में बहुत ही आराम मिलता है. इसके अलावा ताजा भोजन खाने का भी मौका मिलता है. अब जब खाने का समय हुआ उसके कुछ देर पहले भोजन तैयार है, लेकिन लकड़ी चूल्हा में लकड़ी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी.

3. गैस ने आंखों को दिया सुकून : गंगा दास
जुड़ी की गंगा दास दो साल से गैस चूल्हा का उपयोग कर रही हैं. कहती हैं कि लकड़ी पर खाना बनाने में सबसे ज्यादा असर आंख पर पड़ता था. सुबह-शाम धुएं के मार से आंख लाल हो जाता था. धुएं का असर बाल-बच्चों पर भी पड़ता था. गैस ने इन सभी समस्याओं से निजात मिल गया है.

4. गैस कनेक्शन मिलने पर खीर बनाकर पड़ोसियों को खिलाया : नीलम देवी
हाता की नीलम देवी घरेलू महिला हैं. इनके यहां अतिथियों का आना-जाना अधिक लगा रहता है. उज्ज्वला योजना के अंतर्गत जब इन्हें गैस चूल्हा मिला, तो इनका खुशी का ठिकाना नहीं रहा. गैस चूल्हा पाकर इतनी खुश हुई कि सबसे पहले गैस चूल्हे पर खीर बनाकर अपने पड़ोसियों में बांटीं. गैस पर खाना समय से बन जाता है. ताजा खाने का अवसर मिलता है.

5. सुविधा लेनी है, तो कुछ एडजस्ट जरूरी है : निरोल सरदार
पावरू की रहनेवाली निरोल सरदार कहती हैं कि गैस पर खाना बनाना बहुत ही आसान है. लकड़ी व कोयले की अपेक्षा गैस पर खाना बनाना कई मायने में सुविधाजनक है. गैस रिफिलिंग में कुछ परेशानी होती है. दाम अधिक रहने पर गैस रिफिलिंग के लिए सोचना पड़ता है, लेकिन अगर सुविधा लेनी है, तो कुछ एडजस्ट करना पड़ता है.