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  • Oct 17 2018 1:47PM

सौर ऊर्जा से बदली पश्चिम हलुदबनी पंचायत की सूरत

सौर ऊर्जा से बदली पश्चिम हलुदबनी पंचायत की सूरत

दशमत सोरेन 

प्रखंड: जमशेदपुर
जिला: पूर्वी सिंहभूम

पानी की एक-एक बूंद को तरसनेवाला गांव आज परेशानियों से कोसों दूर हो गया है. जहां लोग घंटों चापाकल या पानी टैंकर के सामने लंबी कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते थे, आज पूरा गांव राहत की सांस ले रहा है. यह सब संभव हो पाया है सौर ऊर्जा की बदौलत. सौर ऊर्जा से पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत जमशेदपुर प्रखंड की पश्चिम हलुदबनी पंचायत की सूरत बदल गयी है. अब आसानी से लोगों को पेयजल उपलब्ध हो रहा है.

गर्मी के दिनों में जलस्तर काफी नीचे
पश्चिम हलुदबनी पंचायत को ड्राई जोन के रूप में चिह्नित किया गया है, जहां गर्मी की दस्तक के साथ ही जलस्तर काफी नीचे चला जाता है. गर्मी के मौसम में जलस्तर 200 से 250 फीट तक नीचे चला जाता है, वहीं आम दिनों में 80 से 100 फीट में पानी मिल पाता है.

स्वीच ऑन, पानी हाजिर
सोलर पंप लगने के बाद पीने के पानी के लिए लंबी कतार में खड़ा होने की नौबत अब खत्म हो गयी है. स्वीच ऑन कर लोग जरूरत के अनुसार पेयजल का उपयोग कर रहे हैं. पश्चिम हलुदबनी पंचायत में तीन जगह डुंगरीटोला मांझी अखड़ा के समीप, डुंगरीटोला स्कूल व तिरिलटोला में सोलर पंप लगा है. इससे करीब चार हजार लोगों को नियमित पानी मिल रहा है.

शाम ढलते ही दुधिया रोशनी से नहाती हैं गलियां
पहले पश्चिम हलुदबनी अंतर्गत आनेवाले गांव व टोलों में शाम होते ही अंधेरा छा जाता था, लेकिन आज दूधिया रोशनी शोभा बढ़ा रही है. शाम होते ही पंचायत क्षेत्र की गलियां दुधिया रोशनी से रोशन रहती हैं. इस कारण आधी रात को भी लोग भयमुक्त माहौल में आवागमन करते हैं. इस पंचायत में ज्यादातर लोग दैनिक मजदूरी करनेवाले हैं. वे देर रात तक काम से लौटते हैं. उनके लिए सौर ऊर्जा वरदान साबित हो रहा है. उन्हें अब न तो पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है और न ही शाम में काम से लौटते समय अंधेरे का डर ही सताता है.

मुखिया का प्रयास रंग लाया
पश्चिम हलुदबनी पंचायत की सूरत बदली है, तो मुखिया खत्री सिरका के अथक प्रयास व लगन की बदौलत. उनकी सोच थी कि वह अपनी पंचायत क्षेत्र को पानी की समस्या से मुक्त करेंगे. इसी के तहत उन्होंने पानी के लिए चिह्नित ड्राई जोन टोला व बस्ती में सोलर पंप लगवाया.

सौर ऊर्जा से ग्रामीणों के चेहरे पर आयीं खुशियां : खत्री सिरका
मुखिया खत्री सिरका कहते हैं कि पहले पंचायत के अधिकतर गांवों में पानी की बड़ी समस्या थी. जहां डीप बोरिंग व नलकूप था, वहां सुबह होते ही लंबी-लंबी कतार लग जाती थी. ऐसी स्थिति देख कर तकलीफ होती थी. पंचायत फंड से सोलर पंप व लाइट लगाने से लोगों के चेहरे पर खुशी है.