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  • Oct 5 2017 1:40PM

दुलमी पंचायत में अभी और काम हैं बाकी

दुलमी पंचायत में अभी और काम हैं बाकी

पवन कुमार:
रामगढ़ घाटी की खूबसूरत वादियों के बीच है दुलमी प्रखंड की दुलमी पंचायत. दुलमी प्रखंड की अपनी एक खास पहचान इसलिए है, क्योंकि दुलमी प्रखंड राज्य का पहला ओडीएफ‌ प्रखंड घोषित है. इसी प्रखंड की एक पंचायत है दुलमी. यह पंचायत प्रखंड मुख्यालय से सटी हुई है. एनएच से काफी दूर होने की वजह से विकास के मायने में दुलमी पंचायत अभी भी थोड़ी पिछड़ी है. दुलमी पंचायत रामगढ़ से 42 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित है. शहर से दूर होने का असर दुलमी पंचायत में कम ही दिखता है. पंचायत में चार गांव हैं, दुलमी, इदपारा, चामरोम और भयपुर. इन चार गांवों को मिला कर दुलमी पंचायत में कुल 12 वार्ड हैं, जिनमें से एक वार्ड में चुनाव नहीं होने के कारण वार्ड सदस्य नहीं है. वोटर लिस्ट के मुताबिक दुलमी पंचायत की कुल आबादी लगभग 4600 है.

शिक्षा और स्वास्थ्य

अगर बुजुर्गों को छोड़ दिया जाये, तो पंचायत में 95 फीसदी लोग साक्षर हैं. शहर से दूर होने के बावजूद पंचायत में साक्षरता दर काफी अच्छी है. पंचायत के सभी गांवों में स्कूल हैं. भयपुर में प्राथमिक स्कूल है. वहीं इदपारा में दो स्कूल और चामरोम में एक स्कूल है. स्कूलों में शिक्षकों की पर्याप्त संख्या नहीं होने का मलाल पंचायत की महिला मुखिया पार्वती देवी को है. पंचायत का ड्राॅप आउट रेट शून्य है. सभी बच्चे नियमित रूप से स्कूल जाते हैं और सभी बच्चों को मेन्यू के अनुसार मध्याह्न भोजन भी मिलता है.
    
पंचायत के सभी आंगनबाड़ी केंद्र नियमित खुल रहे हैं या नहीं, मुखिया स्वयं इसकी जांच  समय-समय पर करती हैं. शिकायत मिलने पर कार्रवाई भी करती हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में दुलमी पंचायत में अभी और काम बाकी हैं. दुलमी शहर से काफी दूर है. उस लिहाज से दुलमी में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं होना जरूरी है. फिलहाल दुलमी पंचायत में उप स्वास्थ्य केंद्र है, जहां एएनएम बैठती हैं. लेकिन, वह भी नियमित रूप से उप स्वास्थ्य केंद्र में सेवा नहीं दे पाती हैं.

सड़क, पानी और नाली निर्माण
सड़क और नाली निर्माण को लेकर दुलमी पंचायत में काम तो हुए हैं, लेकिन वो नाकाफी हैं. कई जगहों पर नाली का निर्माण हुआ है, लेकिन आज भी कई ऐसी जगह है, जहां नाली का निर्माण होना जरूरी है.
  
 खुद पंचायत की मुखिया के घर के सामने नाली नहीं है, इसके कारण पानी निकासी की समस्या हमेशा बनी रहती है. मुखिया पार्वती देवी बताती हैं कि ग्रामीण घर के सामने की जमीन नहीं देना चाहते, जिसके चलते नाली निर्माण का कार्य नहीं हो पा रहा है. इसके साथ ही एक और समस्या यह आती है कि जो अपनी जमीन देते हैं, नाली निर्माण का कार्य वो खुद कराना चाहते हैं. इसके कारण भी नाली और सड़क निर्माण की कई योजनाएं पूरी नहीं हो पाती हैं.  

कृषि और सिंचाई
यहां के ग्रामीणों का मुख्य पेशा कृषि है. 95 फीसदी आबादी खेती पर निर्भर है. पर अभी भी किसान सिंचाई के लिये परंपरागत संसाधनों पर ही निर्भर है. हालांकि चामरोम में एक चेकडैम बना है.     

ग्रामीणों को मिले मूलभूत सुविधाएं : मुखिया
दुलमी पंचायत की मुखिया पार्वती देवी कहती हैं कि पंचायत के सभी गांवों के ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं मिले, यही मेरी प्राथमिकता है. लोगों को गांव में रोजगार मिले, सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था हो, पूर्णरूपेण शराबबंदी हो, इसके लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं. कहती हैं कि धीरे-धीरे दुलमी पंचायत में विकास हो रहा है और बदलाव भी दिख रहा है. अभी और काम होना बाकी है, जिसके लिए सभी प्रयासरत हैं.

ओडीएफ के बाद भी कई घरों में नहीं है शौचालय
रामगढ़ जिले का दुलमी प्रखंड, राज्य का पहला ओडीएफ घोषित प्रखंड है. इसी वक्त दुलमी पंचायत भी ओडीएफ घोषित हुई़़़  दुलमी पंचायत के गांवों में जाने पर आपको इसका असर भी दिखेगा. सड़कों पर गंदगी नहीं दिखाई पड़ती है. स्थानीय लोग बताते हैं कि पहले गांव में सड़क के किनारे गंदगी का अंबार रहता था. पैदल चलना तक मुश्किल होता था, पर अब इससे राहत मिल गयी है. शौचालय निर्माण के बाद क्षेत्र में स्वच्छता को लेकर ग्रामीणों की सोच में काफी बदलाव आया है. पर, एक कड़वी सच्चाई यह भी है कि अभी भी कई ऐसे घर हैं, जहां शौचालय नहीं हैं. ये वो परिवार हैं, जो उस वक्त छूट गये थे. मुखिया बनने के बाद पार्वती देवी ने अपने कार्यकाल में 25 शौचालयों का निर्माण कराया है. मुखिया बताती हैं कि अभी भी लगभग 100 परिवारों के पास शौचालय नहीं है और ओडीएफ घोषित होने के कारण अब फंड भी नहीं मिल पा रहा है. हालांकि, कुछ लाभुक अपने पैसे से शौचालय निर्माण करा रहे हैं. यह एक अच्छा बदलाव है. स्वच्छता की बात करें, तो पहले हर साल बरसात में पंचायत के दर्जनों लोग बरसाती बीमारियों की चपेट में आते थे, पर अब बरसात के मौसम में लोग बीमारियों से दूर रहते हैं.