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  • Jul 5 2019 5:37PM

लापरवाही की भेंट चढ़ रही डाकिया योजना

लापरवाही की भेंट चढ़ रही डाकिया योजना

रमेश भगत

जिला: पाकुड़

पाकुड़ जिला मुख्यालय व प्रखंड मुख्यालय से सुदूर जंगल व पहाड़ों में रहनेवाले पहाड़िया परिवारों के लिए डाकिया योजना वरदान साबित हो रही है. घर तक 35 किलोग्राम चावल पहुंचने से इन परिवारों के लिए खाने की चिंता कुछ कम हुई है. हालांकि, यह योजना भी धीरे-धीरे लापरवाही की भेंट चढ़ रही है. इससे दूर-दराज के क्षेत्रों में निवास करनेवाले पहाड़िया परिवारों की स्थिति खराब होने लगी है. प्रखंड के कुमारपुर व उसके आस-पास के गांवों में पहाड़िया परिवारों को चावल उनके घरों तक नहीं पहुंचाया जा रहा है. जून माह में भी चावल का आवंटन कम होने के कारण सभी पहाड़िया परिवारों को चावल नहीं दिया गया है. कुछ समय पहले लिट्टीपाड़ा के छोटा सूरजबेड़ा व उसके आसपास के गांव के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान निझरी पहाड़िया व मुखिया माड़ी पहाड़िन के नेतृत्व में जिला समाहरणालय पहुंचकर इस संदर्भ में विरोध जताया था. उन्होंने हर महीने चावल घरों तक पहुंचाने की मांग की थी. उपायुक्त से मिलने के बाद ही उनकी समस्या का समाधान हो पाया

12,196 लाभुकों को मिल रहा लाभ
पाकुड़ जिले में डाकिया योजना के तहत पहाड़िया परिवार के 12,196 लाभुक हैं, जिन्हें चावल उपलब्ध कराया जा रहा है.

प्रखंडवार लाभुकों की संख्या
प्रखंड                                    लाभुक
लिट्टीपाड़ा                                6,456
अमड़ापाड़ा                                 2,487
महेशपुर                                    1,539
हिरणपुर                                      695
पाकुड़                                        630
पाकुड़िया                                    389

सखी मंडल की दीदियों की अहम भूमिका
डाकिया योजना से सखी मंडल की दीदियों को भी फायदा हो रहा है. इसके तहत सभी पहाड़िया परिवारों को 35 किलो अनाज बोरी में सिलाई कर दिया जाता है. इस बोरी का नाप-तौल व सिलाई सखी मंडल की दीदियां ही करती हैं. इससे उन्हें भी आमदनी होती है.