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  • May 4 2019 12:59PM

कभी कच्चे मकान में रहने की थी मजबूरी, आज है अपना पक्का मकान

कभी कच्चे मकान में रहने की थी मजबूरी, आज है अपना पक्का मकान

रवींद्र यादव
प्रखंड: नोवामुंडी
जिला: पश्चिमी सिंहभूम 

पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड क्षेत्र में आवास योजना ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही है. इस आवास योजना में रसोई घर के अलावा शौचालय होने से महिलाओं को काफी सहूलियत हो रही है. अब पक्का मकान मिलने से पहले जैसी परेशानी खत्म हो गयी है. धुआंमुक्त रसोई और खुले में शौच से मुक्त जिंदगी ग्रामीण जी रहे हैं.

घर पाकर महिलाओं के खिले चेहरे
केस स्टडी - 1
सुदूरवर्ती गांव की महिला भानुमती बताती हैं कि एक ओर आवास योजना के तहत आवास मिलने, वहीं घर में ही शौचालय बनने से एक साथ दोहरी खुशी मिली. घर नहीं होने के कारण हर मौसम में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी. अब बेघरों को घर मिलने से काफी सहूलियत हुई है. इस खुशी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है. जिंदगी का सपना पूरा हो गया.

केस स्टडी - 2
कादाजामदा पंचायत अंतर्गत जामपानी स्थित डुमरडीहा गांव की सबिता चातर कहती हैं कि आवास योजना से महिलाओं को सुरक्षा व स्वच्छता कवच मिला है, क्योंकि पक्का घर के साथ-साथ शौचालय व रसोई गैस भी नि:शुल्क मिलने से महिलाओं को काफी राहत मिली है. अब किसी भी मौसम में कोई परेशानी नहीं होती है. बहुत बड़ी सौगात मिली है.

केस स्टडी - 3
सुमित्रा चातर बताती हैं कि आवास महिलाओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से नया सवेरा बन कर सामने आया है. बेघरों को घर मिले, इससे बढ़िया और क्या हो सकता है. गर्मी, बारिश और सर्द भरे मौसम में किसी तरह टूटे-फूटे घर में दुबक कर रहने वाले ग्रामीण अब बड़े आराम से जीवन व्यतीत कर रहे हैं. इतनी बड़ी खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती है.

केस स्टडी - 4
विनीता गोप बताती हैं कि गरीब-गुरबों के लिए संसाधनयुक्त आवास बेहतर पहल है. सरकार की स्वच्छता व सुरक्षा अभियान धीरे-धीरे धरातल पर उतर रहा है. इनमें आवास योजना ग्रामीणों को काफी राहत प्रदान कर रही है. कई गरीब परिवारों के अधूरे सपने पूरे हो गये. लाभुकों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं. जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है.

केस स्टडी - 5
कादाजामदा पंचायत की महिला मुखिया रेवती पूर्ति बताती हैं कि आवास योजना से गरीब महिलाओं का अपना पक्का घर का सपना साकार होने लगा है. इससे महिलाएं काफी उत्साहित हैं. महिलाओं का कहना है कि कल तक बेघर रहनेवाले आज अपने पक्का घर में आराम से रह रहे हैं. सपरिवार सुकून से जिंदगी जी रहे हैं. यह बहुत बड़ी खुशी है.