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  • Aug 20 2019 1:42PM

सागवान से बढ़ी सड़क की खूबसूरती

सागवान से बढ़ी सड़क की खूबसूरती

बीरेंद्र कुमार सिंह
पूर्वी सिंहभूम

पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत हाता-मुसाबनी सड़क की दोनों तरफ सागवान के पेड़ लहलहा रहे हैं. इसे देख पुराने दिनों की जीटी रोड की यादें ताजा हो जाती हैं. हाता से गुर्रा नदी तक करीब नौ किलोमीटर में सागवान के पेड़ लगाये गये हैं. इससे हाता-मुसाबनी सड़क की खूबसूरती देखते ही बनती है. सड़क की दोनों तरफ सागवान वृक्ष लगाने की शुरुआत वर्ष 2001-2002 में सामाजिक वानिकी प्रमंडल आदित्यपुर, राजनगर वन क्षेत्र के तहत हुई थी. इस कार्य में तत्कालीन वन क्षेत्र पदाधिकारी रामजी राय ने महती भूमिका निभाई थी

बच्चे की तरह हुआ देखभाल
तत्कालीन वन क्षेत्र पदाधिकारी रामजी राय इन सागवान पेड़ों की हिफाजत शुरुआती दौर से ही करते रहे हैं. इन पेड़ों के प्रति इनकी संवेदना इसी से झलकती है कि पेड़ लगाने के दो महीने बाद ही इलाके में पानी की काफी समस्या हो गयी थी. इन पेड़ों को पानी चाहिए था, तो रामजी राय अपनी साइकिल से कंटेनर में पानी लाकर पौधों में डालते थे. मजदूरों के साथ भी वह कार्य करते थे. बच्चे की तरह पौधों की देखभाल करने के कारण आज सागवान के वृक्ष लहलहा रहे हैं.

जागरूकता का हुआ असर
कुछ समय पूर्व कुछ असामाजिक तत्वों ने सागवान के बड़े पेड़ों को काटने की कोशिश की थी, लेकिन तत्कालीन मुखिया संघ के अध्यक्ष होपना महली एवं उपाध्यक्ष उपेंद्र नाथ सरदार ने कड़ा विरोध करते हुए इन पेड़ों को कटने से बचा लिया. इन पेड़ों की सुरक्षा को लेकर मुख्य वन सरंक्षक एवं धालभूम वन प्रमंडल को एक ज्ञापन भी सौंपा. ज्ञापन का असर भी हुआ. राखमाइंस वन प्रक्षेत्र के वनपाल अरविंद ने इन पेड़ों की निगरानी शुरू की. स्थानीय ग्रामीणों के साथ रैली निकाल कर पेड़ नहीं काटने की अपील भी की गयी. इसके बाद से पेड़ों की अवैध कटाई पर रोक लगी.

पर्यावरण की रक्षा के लिए पेड़ लगाना जरूरी : होपना महली
कालिकापुर पंचायत के पूर्व मुखिया सह मुखिया संघ के पूर्व अध्यक्ष होपना महली कहते हैं कि हाता-मुसाबनी पथ के किनारे लगे सागवान वृक्ष की निगरानी में मुखिया संघ की अहम भूमिका रही है. वृक्ष नहीं लगाते हैं, तो हमारा जनजीवन खतरे में पड़ जायेगा. इसलिए पर्यावरण की रक्षा के लिए हर व्यक्ति के लिए पेड़ लगाना जरूरी है.

वृक्ष नहीं, तो जीवन नहीं : रामजी राय
राखामाइंस राजनगर प्रक्षेत्र के पूर्व वन क्षेत्र पदाधिकारी रामजी राय ने कहा कि हाता-मुसाबनी पथ के किनारे हुआ वृक्षारोपण सभी के लिए प्ररेणास्त्रोत है. वह कहते हैं कि अगर वृक्ष नहीं होगा, तो जीवन भी नहीं बचेगा. इसलिए हर हाल में वृक्षारोपण करें.