badi khabar

  • Feb 4 2020 12:25PM

सशक्त ग्रामसभा, मजबूत पंचायतें

सशक्त ग्रामसभा, मजबूत पंचायतें

32 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पहली बार झारखंड में वर्ष 2010 में पंचायत चुनाव हुए. गांव की सरकार बनी. इसके बाद से गांवों की सूरत धीरे-धीरे बदलनी शुरू हो गयी. अक्सर उपेक्षित रहने वाले गांवों की सुध ली जाने लगी. ग्रामसभा की ताकत से गांव-पंचायत विकास के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं. साढ़े बत्तीस हजार से अधिक गांवों और 4398 पंचायतों वाले झारखंड में वर्ष 2015 में दूसरी बार पंचायत चुनाव हुए. पचास फीसदी से अधिक महिलाएं पंचायती राज व्यवस्था के तहत गांव की सरकार के लिए चुन कर आयीं. विकास कार्यों से गांवों की तस्वीर बदलने लगी है. अभी भी राज्य की कई पंचायतों में बिजली और इंटरनेट नहीं है. कई अन्य बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं. पंचायत सचिवालय और जनता के बीच की दूरी पाट कर ग्रामीणों की जिंदगी में खुशहाली लायी जा सकती है.

पंचायती राज व्यवस्था :

24 जिला
263
प्रखंड
4398
पंचायतें
54330
वार्ड सदस्य
5423
पंचायत समिति सदस्य
545
जिला परिषद सदस्य
54
प्रतिशत महिलाएं पंचायत चुनाव जीती
2071
अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों की संख्या
131
पंचायत समितियां पूर्णरूप से अनुसूचित क्षेत्रों में
14
विभागों के 29 विषयों के कार्य, कोष व कर्मियों की जिम्मेवारी पंचायत प्रतिनिधियों को मिली
14
वें वित्त आयोग की राशि मिलती है पंचायतों में बुनियादी सेवाओं को मजबूत करने के लिए
04
स्वयंसेवकों का चयन हर ग्राम पंचायत में

25 फीसदी महिलाओं का प्रतिनिधित्व

10 से 21 वार्ड सदस्य हैं हर पंचायत में मुखिया के अतिरिक्त