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  • Feb 17 2020 2:49PM

डॉ रजी अहमद : कलम वाला डॉक्टर

डॉ रजी अहमद : कलम वाला डॉक्टर

विजय बहादुर
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डॉ रजी अहमद. रांची के स्पेशलिस्ट डॉक्टर, लेकिन इनकी रगों में दौड़ता है साहित्य. इनकी हालिया प्रकाशित अंग्रेजी किताब 'द सीक्रेट ऑफ द पलामू फोर्ट' प्रकाशन के साथ ही बेस्टसेलर्स में शामिल हो गई है.

डॉ रजी की पुस्तक में राजा मेदिनी राय के समय के इतिहास का वर्णन है. इसमें बताया गया है कि उन्होंने 1658 से लेकर 1674 तक पलामू क्षेत्र पर राज किया था. नागपुर के राजा रघुनाथ शाह को युद्ध में उनकी राजधानी नवरात्र गढ़ में पराजित कर जो अपार धन मिले, उससे उन्होंने पलामू किला बनवाया. इस जुड़वा किले को पुराना किला एवं नया किला के नाम से जानते हैं. इसने मुगलों तथा अंग्रेजों के कई हमले झेले हैं. पलामू के इतिहास की वास्तविक घटनाओं को लेकर एक दिलचस्प मर्डर मिस्ट्री है. इसके पात्र झारखंड के हैं. इसमें झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और पलामू किला समेत अन्य कई स्थानों का वर्णन किया गया है.

कांके का रहने वाला एक डिटेक्टिव रोबिन होरो इस कहानी के केंद्र में है. संत जेवियर्स कॉलेज के इतिहास के प्रोफेसर की हत्या से कहानी शुरू होती है. इसकी जांच के दौरान रोबिन होरो को पता चलता है कि इसके तार झारखंड विशेषकर पलामू तथा पलामू किले के इतिहास से जुड़े हैं. इस दौरान एक षड्यंत्र का भी खुलासा होता है, जो लगभग 350 वर्ष पूर्व पलामू किले में रचा गया था.

लेखन का शौक बचपन से है ? यह पूछने पर वह कहते हैं कि बचपन से ही उन्हें किताबें पढ़ने का शौक था. अपने जेब खर्च से खिलौनों की जगह वह किताबें खरीदते थे. अपने घर में ही एक छोटी सी लाइब्रेरी बनाई है, जिसमें करीब सात सौ किताबें हैं. कॉलेज के समय से ही वे अखबारों के लिए स्तंभ लिखते थे. कुछ अखबारों में उनके कार्टून्स भी प्रकाशित होते थे. अस्पताल में व्यस्तता के कारण उनके शौक पर अल्पविराम लग गया था, लेकिन उन्होंने अपना शौक जिंदा रखा और उपन्यास 'द सीक्रेट ऑफ द पलामू फोर्ट' की रचना की.

प्रिय लेखकों की चर्चा करने पर डॉ रजी बताते हैं कि वे अंग्रेजी उपन्यासकार माइकल क्रिचटन से काफी प्रभावित हैं. उनके उपन्यास 'जुरासिक पार्क' पढ़ने के बाद उन्होंने इनके अन्य उपन्यासों को भी पढ़ा. भारतीय रचनाकारों में सत्यजीत राय की लिखी कहानियों का इनके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा. इस कारण अपने उपन्यास में सत्यजीत राय को श्रद्धांजलि दी है.

बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा ने डॉ रजी अहमद को उनकी पुस्तक के लिए 'इंडिया आइकॉन अवार्ड्स 2019' में 'भारत के उभरते हुए लेखक' का पुरस्कार दिया है. झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू एवं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इनकी पुस्तक की सराहना की है.

डॉ रजी अहमद कहते हैं कि झारखंड पर पुस्तक लिखने की वजह ये है कि लोग झारखंड की सुंदरता एवं इतिहास के बारे मे जानें, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिल सके.

डॉ रजी को जानिये

डॉ रजी अहमद 34 वर्षीय युवा चिकित्सक हैं. वह रांची के मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कार्यरत हैं. उनके पिता फिरोज अहमद का निधन हो चुका है. मां नीलोफर अहमद गृहिणी हैं. वह अपनी पत्नी व गहन चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ सना अंजुम हक और पुत्री आयरा अहमद के साथ कांके में रहते हैं. डॉ रजी का जन्म पटना में हुआ था, लेकिन इनका बचपन झारखंड में ही बीता है. पिता के रेलवे में होने के कारण उनका तबादला झारखंड के विभिन्न स्थानों पर होता रहता था, जिसके कारण डॉ रजी को झारखंड में घूमने का खूब मौका मिला है.