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  • Oct 2 2018 12:19PM

झारखंड में स्वच्छता अभियान : संकल्प से सफलता तक

झारखंड में स्वच्छता अभियान : संकल्प से सफलता तक

रघुवर दास, मुख्यमंत्री, झारखंड

स्वच्छ भारत हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है. हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग मानते थे. स्वच्छता दरअसल एक संस्कार है, जो व्यक्ति और समाज के साथ-साथ राष्ट्र को शिखर पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. आजादी के लगभग 70 साल बाद तक स्वच्छता का कार्य एक आंदोलन या जीवन का अंग नहीं बन सका था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक आह्वान से इसे जन-जन तक पहुंचा दिया है. आज राज्य व देश में चारों तरफ स्वच्छता के प्रति आग्रह दिखायी पड़ती है. लोगों में भी व्यापक जन चेतना का संचार देखा जा रहा है. यह इस बात का प्रतीक है कि कुशल नेतृत्व अगर चाह ले, तो हम किसी भी मंजिल को आसानी से पा सकते हैं.
जहां तक झारखंड राज्य का सवाल है. मुझे खुशी है कि माननीय प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद से ही झारखंड ने इस दिशा में उत्तरोतर प्रगति की है और कई राज्यों के लिए हम मिसाल बन कर उभरे हैं. राज्य में स्वच्छता अभियान की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अभियान की शुरुआत से लेकर अब तक राज्य के पांच जिले, 16 जिलों के 185 प्रखंड और 3287 से अधिक पंचायतें खुले में शौच से मुक्त हो चुकी हैं. स्वच्छता अभियान के तहत अभी राज्य में 32.70 लाख शौचालयों का निर्माण हो चुका है. इतने व्यापक पैमाने पर शौचालयों का निर्माण यूं ही नहीं, बल्कि संकल्प से पूरा हुआ है. इसमें राज्य की जनता की जागरूकता एवं भागीदारी का भी बराबर का योगदान रहा है. चार वर्ष पूर्व राज्य मात्र 16 प्रतिशत खुले में शौच से मुक्त था और आज की तारीख में राज्य के 96 प्रतिशत हिस्से खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं. 16 से 96 प्रतिशत तक की यह छलांग स्वच्छता के प्रति जागरूकता एवं स्वच्छता अपनाने की प्रतिबद्धता का परिचायक है.
मैं इस मौके पर राज्य की सखी मंडल, रानी मिस्त्री एवं जल सहिया के योगदान को भी रेखांकित करना चाहता हूं. ये वही लोग हैं, जो धरातल पर विकास को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. मुझे यह बताते हुए अत्यंत खुशी हो रही है कि पिछले नौ महीने में 14 लाख से अधिक शौचालयों के निर्माण में एक लाख सखी मंडल, 55 हजार रानी मिस्त्रियां और 28 हजार जल सहियाओं ने अपनी भागीदारी निभायी है. यह कोई छोटी भागीदारी नहीं है. यह इस विश्वास की तसदीक करता है कि हमारे राज्य के आमजन भी संकल्प को पूरा करने में पीछे नहीं रहते. जहां भी अवसर मिलता है, वे अपने महत्वपूर्ण योगदान से पीछे नहीं हटते. यही संकल्प हमारे राज्य की पूंजी है.
पिछले दिनों माननीय उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू का रांची आगमन हुआ था. वे राज्य में स्वच्छता अभियान की प्रगति से काफी खुश थे. उन्होंने नामकुम के चांद गांव में एक शौचालय निर्माण में स्वयं कुदाल एवं करनी चला कर श्रमदान किया. उपराष्ट्रपति जी ने राज्य की पांच महिलाओं को प्रशस्ति पत्र एवं शॉल ओढ़ा कर सम्मानित किया.
इनमें खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड स्थित कच्चावरी गांव की रानी मिस्त्री किरण देवी ने 46 शौचालयों का निर्माण किया. धनबाद जिले के बाघमारा प्रखंड स्थित खरखरी गांव की ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की मुखिया पिंकी कुमारी ने छह महीने के अंदर 449 शौचालयों का निर्माण किया. उधर, बोकारो जिले के चास प्रखंड अंतर्गतत बड़ाजोर आजीविका महिला ग्राम संगठन की अध्यक्ष लता देवी ने 539 में से 195 शौचालयों का निर्माण करवाया. पूर्वी सिंहभूम जिले के जुगसलाई में संचालित जसकन्डीह ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की जल सहिया विमला समद ने लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए 676 शौचालयों का निर्माण कराया.
स्वच्छ भारत मिशन के तहत देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर को स्वच्छ आइकॉनिक मंदिर के रूप में देश भर में तीसरा स्थान प्राप्त करना प्रगति की ओर बढ़ते झारखंड के लिए यह एक उत्साहवर्द्धक पड़ाव है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गयी स्वच्छ भारत योजना के तहत इस साल देश के 30 स्वच्छ आइकॉनिक प्लेस का चयन किया गया है. इसी के तहत बाबा बैद्यनाथ मंदिर का चयन हुआ है. साथ ही, स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2018 में झारखंड राज्य से हजारीबाग जिला का चयन किया गया है. आगामी दो अक्तूबर 2018 को देवघर व हजारीबाग जिले को प्राप्त होनेवाले सम्मान के लिए बधाई देता हूं.
स्वच्छता के इस अभियान में झारखंड की यात्रा सतत जारी है. आगामी दो अक्तूबर, 2018 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिन तक हम राज्य के सभी जिलों के ओडीएफ हो जाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं. आगामी दो अक्तूबर, 2018 से लेकर 30 जनवरी, 2019 तक स्वच्छता जागरूकता चलेगी, जिसके तहत सहियाओं के साथ मिल कर गांव-गांव में शौचालयों के उपयोग को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जायेगा. आमजन की भागीदारी से झारखंड स्वच्छता का संपूर्ण मानक हासिल करने की दिशा में तत्पर है. राज्य ने जन आंदोलन चला कर अपने उद्देश्य को पूरा करने में सफलता पायी है. हम देश की अन्य जनोपयोगी योजनाओं को भी इसी संकल्प शक्ति से पूरा करेंगे, ऐसा मेरा विश्वास है.