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  • Mar 18 2019 12:12PM

लाेकसभा चुनाव : घर में बैठिए नहीं, वाेट देने हर हाल में जाइए

लाेकसभा चुनाव : घर में बैठिए नहीं, वाेट देने हर हाल में जाइए

अनुज कुमार सिन्हा 

लाेकसभा चुनाव की घोषणा कर दी गयी है. मई अंत तक देश में यह तय हाे जायेगा कि सरकार किसकी बनेगी. जनता जिसे चाहेगी, वह उम्मीदवार जीतेगा, यह तय है. लेकिन सिर्फ चाहने से नहीं हाेगा. मतदान केंद्र तक जाकर उस प्रत्याशी के पक्ष में वाेट करना हाेगा, जिसे आप चाहते हैं. दुर्भाग्य की बात यह है कि बड़ी संख्या में ऐसे लाेग हैं जाे सिर्फ व्यवस्था काेसते हैं, लेकिन जब उनके हाथ में निर्णय हाेता है, ताे घर में साे जाते हैं. वाेट करने नहीं जाते. इससे किसी का भला नहीं हाेता. अगर आप बालिग हैं, ताे संविधान ने आपकाे वाेट देने का अधिकार दिया है. इसका उपयाेग करना चाहिए. बगैर किसी लाेभ-लालच के उस प्रत्याशी काे चुनना चाहिए जिसे आप पसंद करते हैं, जाे याेग्य हाे आैर जिससे देश का भला हाे सकता है.

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कहने काे आप कह सकते हैं कि किसी वाेट करें, सभी एक ही तरह के निकलते हैं. पांच साल नजर नहीं आते. चुनाव के वक्त दर्शन हाेता है. विकास का काम नहीं करते. यहां ध्यान देने की बात यह है कि निराश हाेने से काम नहीं चलेगा. अपने बीच से ही किसी न किसी काे चुनना हाेगा. प्रत्याशियाें में जाे श्रेष्ठ लगे, उसे वाेट करें. लेकिन वाेट जरूर दें. जिसे देना हाे, दें, पर दें जरूर. अगर आप यह कहते हैं कि एक वाेट से क्या फर्क पड़ेगा ताे आप गलत है. एक वाेट से हार-जीत का फैसला हाेता है. एक वाेट से वाजपेयी की सरकार गिरी थी. एक-एक वाेट का मतलब है. आपके एक वाेट से सरकार बनने या नहीं बनने का असर दिख सकता है. अगर आप वाेट देने नहीं जाते हैं, घर में बैठे रहते हैं, ताे हाे सकता है कि काेई अयाेग्य चुन लिया जाये आैर आप पछताते रह जायें. चाहे शहर हाे या गांव, दाेनाें जगहाें पर माहाैल एक ही तरह का है. ठीक है सबके पास काम है. आपके पास भी हाेगा. लेकिन चुनाव लाेकतंत्र का सबसे बड़ा त्याेहार है. इसमें मत चुकिए. आधा-एक घंटा लाइन में लग कर भी वाेट देने पड़ें ताे जरूर दीजिए.

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इसी से आपके आैर देश के भविष्य का फैसला हाेता है. हां, एक बात जरूर साेचिए. वाेट देने के वक्त ईमानदारी बरतिए. हड़िया-दारू आैर पैसे के चक्कर में मत पड़िए. चुनाव के वक्त एक से एक वादे करनेवाले मिल जायेंगे. आप अपने क्षेत्र के सभी प्रत्याशियाें के प्राेफाइल काे देखिए. अखबाराें में यह छपता है. यह उनके लिए जिसे आप नहीं जानते हैं. अगर काेई पुराने सांसद हैं, ताे उनके पांच साल के कार्य काे आपसे बेहतर काैन समझ सकता है. वाेट देने के पहले जरूर उक्त प्रत्याशी पर गाैर कीजिए. बहुत साेच समझ कर मतदान करिए. सरकार आैर मीडिया ने मतदाताआें के लिए जागरूकता अभियान चलाया है. सभी का मकसद है कि आप वाेट करें आैर बेहतर प्रत्याशी काे चुनें. याद रखिए. संविधान ने आपकाे वाेट देने का अधिकार दिया है. अगर आप बार-बार वाेट नहीं करते हैं, ताे एक न एक दिन ऐसा कानून बन सकता है जिसमें ऐसा प्रावधान हाे सकता है कि वाेट नहीं करनेवालाें काे कुछ सुविधाआें से वंचित कर दिया जाये. इसलिए बेहतर है कि आप वाेट जरूर करें.