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  • May 4 2019 11:41AM

चुनाव : मर्यादा बनाये रखें

चुनाव : मर्यादा बनाये रखें

अनुज कुमार सिन्हा

लाेकसभा चुनाव के लिए झारखंड में चार चरणाें में मतदान हाे रहा है. पहला चरण का मतदान पूरा हाे चुका है. पलामू, चतरा आैर लाेहरदगा तीनाें क्षेत्राें में गत चुनाव की अपेक्षा मतदान का प्रतिशत बढ़ा. भयमुक्त हाेकर लाेग घराें से निकले आैर उन्हाेंने वाेट दिया. यह अांकड़ा 64 फीसदी तक गया. इसके बावजूद यह आंकड़ा बहुत खुश हाेनेवाला नहीं है. इसे 70-75 फीसदी तक जाना चाहिए. सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि चुनाव प्रचार में आराेप-प्रत्याराेप में मर्यादा की सीमा काे भी लांघा जा रहा है. पहले वाेट की बात करें. `

गरमी के बावजूद लाेग वाेट देने निकले. जाे नहीं निकले, उसका कारण ताे जगजाहिर है. वह है आलस्य आैर उत्साह का अभाव. अगर जुनून आैर इच्छाशक्ति हाे ताे गरमी, जाड़ा या बरसात वाेट देने से राेक नहीं सकता. अभी भी कई चरणाें का मतदान झारखंड में बाकी है. इसलिए इसमें आैर सुधार की उम्मीद की जा सकती है. मीडिया आैर सरकारी तंत्र भी तरह-तरह के प्रयास कर रहे हैं ताकि हर काेई मतदान करने के लिए घराें से बाहर निकले. यह सही बात है कि व्यवस्था में गड़बड़ी के कारण भी कई लाेग वाेट नहीं दे पा रहे.

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ऐसे सैकड़ाें उदाहरण हैं जहां मतदान केंद्र बदल दिया गया या वाेटर लिस्ट से वाेटर का नाम ही गायब कर दिया गया या एक ही परिवार के कुछ सदस्याें काे एक मतदान केंद्र में रखा गया आैर बाकी काे अन्य केेंद्राें पर. वाेटर्स की सुविधा का ख्याल नहीं रखा जायेगा ताे इसका असर मतदान पर पड़ेगा ही. झारखंड में अभी भी मतदान के लिए वह जज्बा नहीं दिखता कि हर हाल में वाेट देना है. यह उनका अधिकार है. मतदाता अगर जागरूक हाेता ताे चुनाव की घाेषणा के पहले ही यह देख लेेता कि उसका नाम मतदाता सूची में है या नहीं. अगर नहीं है ताे नाम जाेड़ने के लिए या त्रुटियाें काे दूर करने के लिए फार्म भर देता. यहां ताे बार-बार चेताने के बावजूद रुचि नहीं जगती. हाे सकता है कि मतदाताआें काे प्रत्याशियाें से बहुत उम्मीद नहीं है.

लेकिन उन्हें यह साेचना पड़ेगा कि लाेकतंत्र में संख्या के आधार पर ही चयन हाेता है. इसलिए जाे उम्मीदवार मैदान में हैं, उन्हीं में से बेहतर प्रत्याशी काे चुने. वाेट देने के लिए नहीं जाने से रास्ता नहीं निकलेगा. नहीं जाने से ऐसे प्रत्याशी चुनाव जीत जायेंगे, जिन्हें अाप पसंद नहीं करते. प्रभात खबर ने भी वाेट करें, देश गढ़ें अभियान चलाया है. पूरे राज्य में सैंकड़ाें जगह पर कार्यक्रम कर वाेट देने की अपील की है. आपके एक वाेट से हार-जीत का फैसला हाेता है. इसलिए हर हाल में मतदान करें. जाे वाेट देने गये, वे प्रशंसा के पात्र हैं. जहां चुनाव नहीं हुए हैं, वहां आपके लिए अवसर है.

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यह काम ताे मतदाताआें काे करना है लेकिन प्रत्याशियाें आैर प्रचारकाें काे भी संयम बरतना हाेगा. चुनाव निष्पक्ष हाे आैर वही जीते, जाे बेहतर हाे. हालात यह है कि सारी सीमाएं ताेड़ दी जाती हैं. निजी आैर ऐसे आराेप लगाये जा रहे हैं, जिनका सच से दूर-दूर का संबंध नहीं है. मतदाता कन्फ्यूज हाे जा रहा है. वह तय नहीं कर पा रहा है कि काैन सही बाेल रहा है आैर काैन गलत. साेशल मीडिया ने आैर भी तबाही मचा रखी है. यह समय है मतदाताआें काे धैर्य बनाये रखने का, साेच-समझ कर मतदान करने का, सही आैर गलत प्रत्याशियाें के बीच फर्क करने का. जाति आैर धर्म, लाेभ-लालच आदि से हट कर वाेट करें, चाहे जिसे भी करें. किसे वाेट करना है, यह मतदाता तय करे आैर शांत दिमाग से करे, साेच-समझ कर करे ताे निश्चित ताैर पर लाेकतंत्र मजबूत हाेगा.