aamukh katha

  • Apr 16 2019 5:00PM

घर से गायब हुए धुएं, अब नहीं गिरते आंखों से आंसू

घर से गायब हुए धुएं, अब नहीं गिरते आंखों से आंसू

पंचायतनामा टीम
जिला: जामताड़ा

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने कमजोर वर्ग की महिलाओं की स्थिति में बेहतर बदलाव लाने का काम किया है. इस योजना ने वैसी महिलाओं को राहत देने का काम किया है, जो हमेशा लकड़ी, कोयले या उपले से खाना बनाने को मजबूर थीं. इससे अब न तो धुएं का खतरा है और न ही प्रदूषण की समस्या. अब किसी वक्त घर पर मेहमान आयें, तो महिलाओं को अब सोचना नहीं पड़ता है कि उन्हें फिर चूल्हा फूंकना होगा. अब नॉब घूमाया, गैस जलाया और बना ली चाय. नाश्ता या खाना. जितने भी लाभुकों को इस योजना का लाभ मिला है, वो काफी खुश दिख रहे हैं.

52 हजार बीपीएल महिलाओं को मिला कनेक्शन
जामताड़ा जिले में अब तक जिला प्रशासन की ओर से लगभग 52 हजार लाभुकों के बीच उज्ज्वला योजना के तहत नि:शुल्क गैस कनेक्शन दिया गया है. कई घरों से अब धुआं निकलना बंद हो गया है़ अब बस नॉब घूमाने और लाइटर की क्लिक या फिर माचिस की एक तीली जलाते ही चूल्हा जल जाता है और पूरे घर का खाना कुछ ही समय में तैयार हो जाता है़

क्या सोचती हैं लाभुक महिलाएं
1.
महिलाओं को मिली सहूलियत : सारथी मंडल
कुंडहित प्रखंड क्षेत्र की महिला लाभुक सारथी मंडल कहती हैं कि पहले कोयला, लकड़ी या गोबर के बने उपले से खाना बनाती थीं, लेकिन कोयला महंगा होने के कारण खरीदना मुश्किल हो गया था. दूसरी ओर गोबर के उपले या लकड़ी चुनकर खाना बनाने में धुएं से आंख लाल हो जाती थी तथा खाना बनाने में समय भी अधिक लगता था. नि:शुल्क गैस सिलिंडर, रेगुलेटर व चूल्हा मिलने से महिलाओं को खाना बनाने में धुएं से मुक्ति मिली है.

2. गरीबों को मिली राहत : छंदा नायक
कुंडहित प्रखंड क्षेत्र की महिला लाभुक छंदा नायक कहती हैं कि हम गरीबों को उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस प्राप्त हुआ है. इससे हम गृहिणियां समय पर भोजन बना पाती हैं. साथ ही घर में धुआं नहीं होता है और घर साफ-सुथरा रहता है. गैस पर खाना बनाने से समय की बचत भी हो रही है. गैस चूल्हे के नि:शुल्क वितरण से हम गरीबों को काफी लाभ मिला है.

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3. नि:शुल्क गैस कनेक्शन से मिला आराम : जसमा देवी
मिहिजाम प्रखंड क्षेत्र की महिला लाभुक जसमा देवी कहती हैं कि पहले घर में गैस चूल्हा की सुविधा नहीं थी, तो हमलोगों को काफी दिक्कत होती थी. बाहर काम पर जाने के लिए जल्दी निकलना पड़ता है. लकड़ी व कोयले से खाना बनाते थे. कभी-कभी कोयला नहीं मिल पाता था या पैसे के अभाव में लकड़ियों से ही खाना बनाते थे. अब गैस मिल गया है. इससे काफी आराम है. बरसात व आंधी-पानी में भी अब चूल्हे पर खाना बनाने की परेशानी से निजात मिल गयी है. लगभग एक वर्ष से गैस चूल्हे का उपयोग कर रहे हैं.

4. इस योजना से अन्य महिलाएं भी जुड़ें : रीता देवी
मिहिजाम प्रखंड क्षेत्र की रीता देवी कहती हैं कि पहले गैस कनेक्शन नहीं होने से काफी परेशानी होती थी़ चूल्हे पर खाना बनाने से बर्तन भी खराब होता था. बर्तन साफ करने का झंझट अलग से था. बच्चों को समय पर स्कूल के लिए टिफिन नहीं दे पाते थे. अब गैस कनेक्शन मिल जाने से परिवार के सदस्यों को समय पर नाश्ता व खाना बना कर दे पाते हैं. अब काफी खुश हैं. कहती हैं कि जिन महिलाओं को गैस कनेक्शन नहीं मिला है, वो जल्द इस योजना से जुड़ जायें, क्योंकि इससे सुविधा तो मिलती ही है, समय की भी बचत होती है.

5. गैस चूल्हे पर आराम से बनता है खाना : कमली देवी
करमाटांड़ प्रखंड स्थित विद्यासागर की कमली देवी कहती हैं कि जब से गैस कनेक्शन मिला है, मैं भोजन गैस चूल्हे पर ही बनाती हूं. गैस चूल्हा को जलाने में पहले दो-चार दिन थोड़ा डर लगा था, लेकिन अब कैसे जलाना है और कैसे उसे बंद करना है, सारी बातों की जानकारी हो गयी है. अब बड़े आराम से उस पर भोजन बनाते हैं.

6. लकड़ी, कोयले या उपले की तलाश हुई खत्म : बसंती देवी
करमाटांड़ प्रखंड स्थित विद्यासागर की ही महिला लाभुक बसंती देवी कहती हैं कि गैस सिलिंडर सहित चूल्हा मिलने से उस पर भोजन बनाने में काफी आसानी हो गयी है. अब जल्द ही भोजन बन जाता है. अब लकड़ी, कोयला या उपले की तलाश नहीं करनी पड़ती है.

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7. उज्ज्वला ने बदली महिलाओं की जिंदगी : सोनामुनि मुर्मू
नाला प्रखंड क्षेत्र की महिला लाभुक सोनामुनि मुर्मू कहती हैं कि गैस पर खाना बनाने से महिलाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है. इससे पहले गरीब परिवार के लोग लकड़ी, सूखे पत्ते, कोयले या उपले जलाकर खाना बनाना पड़ता था. धुएं और गर्मी से काफी परेशानी होती थी. तबीयत भी खराब हो जाती थी, लेकिन अब चूल्हा फूंकने से निजात मिली है. उज्ज्वला ने हमलोगों की जिंदगी बदल दी है.

8. गरीबों के लिए वरदान साबित हुई उज्ज्वला योजना : सावित्री किस्कू
नाला प्रखंड क्षेत्र की ही एक अन्य महिला लाभुक सावित्री किस्कू कहती हैं कि उज्ज्वला योजना गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही है. इस योजना के शुरू होने के बाद ग्रामीण महिलाओं को जहां धुएं से मुक्ति मिली है, वहीं कई प्रकार की गंभीर बीमारी की चपेट में आने से बचाव भी हुआ है. इससे पहले खाना बनाने के लिए घंटों चूल्हा के पास समय बीताना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है.

9. जीवन स्तर में आया बदलाव : फूलमनी मुर्मू
फतेहपुर प्रखंड क्षेत्र की महिला लाभुक फूलमनी मुर्मू कहती हैं कि इस योजना के माध्यम से मिले नि:शुल्क गैस सिलिंडर व चूल्हा ने काफी हद तक हमलोगों की परेशानी दूर की है. पहले खाना बनाने के दौरान धुएं से आंख लाल हो जाती थी. खाना बनाने में भी समय अधिक लगता था, लेकिन अब गैस कनेक्शन ने उनके जीवन स्तर में बदलाव लाया है.

10. पंचायत स्तर पर हो गैस वितरण की व्यवस्था : दुलड़ टुडू
फतेहपुर प्रखंड क्षेत्र की महिला लाभुक दुलड़ टुडू कहती हैं कि पहले भोजन तैयार करने में बहुत समय लगता था, लेकिन जब से इस योजना के तहत नि:शुल्क गैस कनेक्शन मिला है, तब से खाना बनाने में काफी समय की बचत हो रही है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार पंचायत स्तर पर गैस वितरण हो, तो हम महिलाओं को और सुविधा होगी.

11. गरीब परिवार में आयी खुशियां : चिंता देवी
नारायणपुर प्रखंड क्षेत्र की महिला लाभुक चिंता देवी कहती हैं कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना हम गरीब परिवारों के लिए खुशियां ले कर आयी है. इस योजना के तहत हमलोगों को खाना बनाने में काफी सहूलियत हो रही है तथा समय की भी बचत हो रही है.

12. धुएं से मिली मुक्ति : मीना देवी
नारायणपुर प्रखंड क्षेत्र की ही एक अन्य महिला लाभुक मीना देवी कहती हैं कि इस योजना से मिले गैस पर खाना बनाने से काफी परेशानी दूर हुई है. धुएं के कारण हमेशा निकलनेवाले आंसू अब गायब हो गये हैं.