aamukh katha

  • Feb 1 2018 12:50PM

पढ़ेंगे बच्चे बढ़ेगा गांव , झारखंड का शिक्षा बजट 11181 करोड़

पढ़ेंगे बच्चे बढ़ेगा गांव , झारखंड का शिक्षा बजट 11181 करोड़

राज्य में करीब 40 हजार स्कूलों की दशा और दिशा बदलने के उद्देश्य से रघुवर सरकार ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए बजट में 11,181.49 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 की तुलना में 6.31 फीसदी की दर से 663.85 करोड़ रुपये अधिक है. स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में 31 दिसंबर, 2017 तक 4341.53 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. सरकार ने गांव के छोटे बच्चों में स्कूल जाने की आदत डालने और उनमें बौद्धिक विकास विकसित करने के लिए प्री-स्कूलिंग की शुरुआत की.

कई विद्यालयों को अपग्रेड किया और कई विद्यालयों को एक-दूसरे में मर्ज भी किया. राज्य में कई ऐसे स्कूल हैं, जो गुणात्मक शिक्षा के कारण फाइव स्टार का दर्जा प्राप्त किया है, तो कुछ स्कूल तकनीक को अपना कर स्कूल की वेबसाइट बना हर गतिविधियों की जानकारी लोगों को दे रही है. इसके बावजूद कई समस्याएं आज भी विद्यमान हैं. शिक्षकों की कमी एक अहम मुद्दा है. आमुख कथा के इस अंक में राज्य में शिक्षा की स्थिति, पंचायत जनप्रतिनिधियों की भूमिका व कर्तव्य, समस्याओं का निराकरण पर फोकस किया गया है. 

- विद्यालयों की संख्या : 38,904

- प्राथमिक विद्यालय : 28,010

- ग्रामीण क्षेत्रों में प्रावि : 26,665

- प्रावि में विद्याथी : 30,64,194

- अपग्रेड प्रावि :  12,000

- अपग्रेड मध्य विद्यालय : 8,000

- अपग्रेड उच्च विद्यालय : 1,189

- अपग्रेड प्लस टू उच्च विद्यालय : 280

- प्लस टू उच्च विद्यालय : 510

- मध्य विद्यालय : 133

- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय : 203

- केंद्रीय विद्यालय के तर्ज पर खोला गया मॉडल स्कूल : 89

- प्रत्येक एक किलोमीटर पर प्राथमिक विद्यालय 

- तीन किलोमीटर पर मध्य विद्यालय 

- पांच किलोमीटर पर हाइस्कूल

- आठ किलोमीटर पर प्लस टू उच्च विद्यालय खोले गये

- ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षकों की संख्या : 34,482 

- ग्रामीण क्षेत्रों में 89 बच्चों पर एक शिक्षक