aamukh katha

  • Dec 1 2017 1:31PM

दामोदर और कतरी नदी का संगम है भटिंडा फॉल

दामोदर और कतरी नदी का संगम है भटिंडा फॉल
धनबाद जिला मुख्यालय से 17 किलोमीटर दूर दुबराजडीह पंचायत के टेटंगाबाद गांव के समीप भटिंडा जलप्रपात है. इसकी खूबसूरती देखते ही बनती है. यहां के नजारे सभी को मोहित करते हैं. लेकिन, सरकारी उदासीनता की मार इस जलप्रपात पर भी पड़ी है. इसी का परिणाम है कि भटिंडा को पर्यटन स्थल का दर्जा प्राप्त नहीं हो सका है. हालांकि, यहां पहुंचते ही आपको पानी का फव्वारा आपको स्वागत करता दिखेगा.
 
सड़क बन जाये, तो सैलानियों को होगी सुविधा
पिछले एक दशक से स्थानीय विधायक, सांसद एवं जिला प्रशासन के प्रयास से  जलप्रपात के चारों ओर विकास के कार्य हुए हैं. छोटे-बड़े कुल 20 छतरी वाला  शेड, एक सामुदायिक भवन, दो बड़े खुले शेड के अलावे छोटे बच्चों के खेलने के  लिए एक पार्क बनाया जा रहा है. पार्क में स्लाइडर, हट ब्रिज, झूला आदि  शामिल है. करीब एक दर्जन शौचालय कार्य प्रगति पर है. बरदुभी से भटिंडा तक सड़क चौड़ीकरण का शिलान्यास 29 जनवरी 2017 को किया गया था. अब तक सड़क नहीं बनी है. तत्कालीन डीसी कृपानंद झा के निर्देश पर फॉल के समीप के खतरावाले क्षेत्र को लोहे के एंगल से बैरिकेट किया गया था. आज आधी गायब हो गयी है. महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की भी व्यवस्था है. दो चापाकल के अलावे एक डीप बोरिंग भी है. 
 
पर्यटकों को भाता वातावरण
पटना से भटिंडा जलप्रपात घूमने आये अजय कुमार कहते हैं कि यहां का वातावरण शांत व खूबसूरत है. इसे और विकसित करने की जरूरत है. यहां आने के लिये अपना वाहन हो तो अच्छा है, नहीं तो परेशानी होगी. पटना की आरती देवी कहती हैं कि यहां रेस्टोरेंट व गेस्ट हाउस की व्यवस्था रहनी चाहिए थी.
 
दो नदियों का मिलन स्थल
पारसनाथ से निकल कर आनेवाली कतरी नदी उत्तर से दक्षिण दिशा में मुनीडीह के रास्ते बहती है, जबकि पूरब दिशा से बहती हुई दामोदर नदी यहां आती है. भटिंडा जलप्रपात के पास इन दोनों नदियों का मिलन होता है. चट्टानों के बीच से नदियों की धार 10 मीटर की ऊंचाई से गिरती है, यह दृश्य देखते ही बनता है.