aamukh katha

  • Aug 7 2017 12:59PM

ग्रामीणों के नजरिये में भी आया बदलाव

ग्रामीणों के नजरिये  में भी आया बदलाव
रामगढ़ जिले का जिक्र होते ही सबसे पहले खुले में शौच से मुक्त जिला होने का जिक्र होता है. हो भी क्यों ना, जब रामगढ़ खुले में शौच से मुक्त राज्य का पहला जिला बन गया. अब यहां कोई भी खुले में शौच को नहीं जाता है. जिले के सभी छह प्रखंडों में लक्ष्य के अनुरूप वर्ष 2016-17 में 77, 701 शौचालय का निर्माण पूरा हुआ. वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य के 12 और जिलों को ओडीएफ करने का लक्ष्य रखा गया है. रामगढ़ जिले का एक पंचायत है दुलमी. दुलमी में करीब 10,891 शौचालयों का निर्माण हुआ है.

दुलमी प्रखंड के अंतर्गत आनेवाले दुलमी पंचायत में चार गांव है भैयपुर, दुलमी, इदपारा और चामरोम. दुलमी पंचायत जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर है. पंचायत की आबादी लगभग 5856 है. दुलमी पंचायत ने पंचायती राज प्रणाली की एक मिसाल पेश की है और बदलाव के साथ विकास की नयी कहानी भी लिखी है. पंचायत में कृषि के विकास के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं में बढ़ोतरी पर खास जोर दिया गया है. पहले सिंचाई के लिए किसानों को काफी समस्याएं होती थी, लेकिन अब किसान नलकूप और तालाब से सिंचाई करते हैं, जिससे किसानों को खेती करने में आसानी हो रही है. शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभी तक कोई खास बदलाव नहीं आया है.

अभी भी शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर परेशानियों का सामना ग्रामीणों को करना पड़ता है. सफाई को लेकर ग्रामीणों को जागरूक करने का प्रयास जारी है. कई जगहों पर नालियों का निर्माण कराया गया है. लोगों के पास लाल व पीला कार्ड है. पीसीसी पथ का निर्माण कराया गया है. जरूरतमंदो को आवास योजना के तहत आवास दिये जा रहे हैं. 
 
मूलभूत सुविधाओं में बढ़ोतरी
दुलमी पंचायत में मूलभूत सुविधाओं में काफी बदलाव हुआ है. ग्रामीण सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं. मनरेगा के माध्यम से 60-65 नलकूप लगाये गये हैं, जिसके कारण ग्रामीणों के बीच पीने के पानी की समस्या बहुत हद तक खत्म हो गयी है. जरूरतमंदों के बीच बीपीएल कार्ड का वितरण किया गया है. 196 लाल कार्ड वर्तमान मुखिया के कार्यकाल में बांटे गये हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना के 150 आवास पास कराये गये हैं, जिसका लाभ भी लाभुकों को जल्द मिलेगा. 

किसानों को लाभ
दुलमी पंचायत में सिंचाई किसानों के लिए एक बड़ी समस्या थी, लेकिन अब वो समस्या बहुत हद तक कम हो गयी है. पंचायत क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मनरेगा के माध्यम से कूप का निर्माण किया गया है. मुखिया पार्वती देवी के मुताबिक, पहले 65 कूप का निर्माण हुआ, इसके बाद फिर से 10 कूप का निर्माण कराया गया है. इससे किसानों को सिंचाई करने में काफी हद तक सहूलियत हुई है. अधिकांश किसानों के पास अभी भी अपना कुआं है, जिससे वो सिंचाई करते हैं. भैयपुर, दुलमी और चामरोम गांव में सरकारी तालाब है. किसानों को खाद और बीज समय पर और सस्ते दाम में मिले, इसके लिए पैक्स भी सही तरीके से काम कर रहा है. इन बदलाव के कारण पंचायत के अधिकतर किसान खुश हैं.
 
शिक्षा और स्वास्थ्य
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में दुलमी पंचायत में अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है. पंचायत के चारों गांव चामरोम, इदपारा, दुलमी और भैयपुर में प्राथमिक विद्यालय तो है, लेकिन हाई स्कूल और मध्य विद्यालय की कमी है. मुखिया कहती हैं कि पंचायत में साक्षरता दर बढ़ाने को लेकर लगातार काम हो रहा है. स्कूल चले अभियान के तहत बच्चों और अभिभावकों को स्कूल भेजने के लिए जागरूक किया जा रहा है. रात्रि में चौपाल लगा कर ग्रामीणों को शिक्षा के बारे में जागरूक किया जा रहा है. साथ ही स्कूलों से ड्रॉप आउट रेट कम करने के लिए भी लगातार घर-घर जाकर बच्चों को स्कूलों से जोड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं. वहीं, स्वास्थ्य के क्षेत्र में पंचायत को अभी और काम करना है. पंचायत क्षेत्र में उप स्वास्थ्य केंद्र तो है, लेकिन सेंटर में डॉक्टर आते ही नहीं हैं. सप्ताह में दो दिन सिर्फ दो एएनएम आती हैं. उनके भरोसे ही उप स्वास्थ्य केंद्र चलता है.
 
पंचायत का अपेक्षित विकास नहीं  होने का मलाल है : मुखिया
दुलमी पंचायत की मुखिया पार्वती देवी मानती है कि अभी भी पंचायत में कई काम होने बाकी हैं. साथ ही कहती हैं कि पंचायत क्षेत्र में विकास को लेकर काफी बदलाव भी हुए हैं. ग्रामीणों के नजरिये में बदलाव हुआ है. ग्रामीण विकास के बारे में सोचते हैं. उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण काफी चीजों को लेकर जागरूक हो रहे हैं और ग्रामसभा की बैठकों में बढ़-चढ़ कर अपनी भागीदारी निभाते हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि आज तक दुलमी पंचायत का अपना पंचायत भवन तक नहीं है. पंचायत भवन का निर्माण हो रहा है. पंचायत सेवक, रोजगार सेवक नियमित रूप से यहां काम नहीं करते हैं. दलपति की व्यवस्था नहीं की गयी है. मुखिया चाहती है कि मुखियाओं को और अधिकार मिलना चाहिए, ताकि पंचायत में और विकास हो सके.