aamukh katha

  • Aug 7 2017 12:58PM

बरगड़ी के ग्रामीणों में जगी विकास की उम्मीद

बरगड़ी के ग्रामीणों में जगी विकास की उम्मीद
रांची जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर बरगड़ी पंचायत में बदलाव की बयार दिखायी पड़ रही है. इस पंचायत में बरगड़ी, ढवठा टोली, जाहेर, केशकानी, सेवाडीह और कुम्बाटोली कुल छह गांव हैं. इस पंचायत की कुल आबादी पांच हजार चार सौ सैंतालिस है. गांव के अधिकतर लोग कृषि पर ही निर्भर हैं. ढवठा टोली को छोड़ कर पंचायत का कोई भी गांव मुख्य सड़क से जुड़ा हुआ नहीं है. 
 
मूलभूत सुविधाओं में बदलाव
पंचायत में मूलभूत सुविधाओं को लेकर कार्य हुए हैं, वो धरातल पर दिखायी पड़ते हैं. बरगड़ी, सेवाडीह, केशकानी और जाहेर में पीने के पानी के लिए सौर ऊर्जा द्वारा संचालित मोटर और नल लगाये गये हैं, जिससे इस बार गर्मी में लोगों को थोड़ी राहत हुई. गांवों में भी आजकल सभी चौक-चौराहे दुधिया रोशनी से नहाये हुए हैं. इस पंचायत के सभी गांवों में 14वें वित्त आयोग के तहत दी गयी राशि से चौक-चौराहों पर मौजूद बिजली के खंभों में एलइडी लाइट लगाये गये हैं. इससे ग्रामीणों को रात में भी आवागमन में आसानी होती है. अगर सड़कों की बात करें, तो पंचायत के सभी गावों में पीसीसी सड़क बनाये गये हैं. सेवाडीह, ढौठा टोली, जाहेर, बरगड़ी, केशकानी जैसे गांवों में सड़क निर्माण हुआ है. केशकानी में ईट सोलिंग करके सड़क बनयी गयी है. पंचायत में स्वास्थ्य सुविधाएं सुचारु रूप से नहीं चलती है. जाहेर गांव में निर्जन स्थल पर बना उप स्वास्थ्य केंद्र देखने से लगता है कि यहां दशकों से ताला लटका हुआ और इसकी सुध लेनेवाला कोई नहीं है.
 
कल्याणकारी योजनाएं
पंचायत में केजीवीके द्वारा ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बकरी, मुर्गी, सूकर और बतख पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है. बकरी शेड बनाने के लिए पंचायत के 80 लाभुकों का चयन किया गया और उन्हें बकरी शेड बनाने के लिए सामग्री मुहैया करायी गयी. मुर्गी पालन के लिए भी मुर्गी शेड बनाये गये हैं. इन योजनाओं का लाभ ग्रामीण उठा रहे हैं और उनमें उत्साह भी बढ़ा है. 
 
सिंचाई के साधन
कृषि पंचायत के लोगों का मुख्य पेशा है. बरगड़ी के नजदीक ब्राम्बे, मुड़मा, मांडर और मखमंद्रों चार बाजार हैं. इन्हीं बाजारों में किसान अपनी सब्जियों को बेचते हैं. पंचायत में सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं होना एक बड़ी समस्या है. कई किसानों के िलए कुआं िनर्माण कराया गया है. पंचायत में मनरेगा के तहत सेवाडीह गांव में तीन, ढवठा टोली में दो, जाहेर में तीन और बरगड़ी में 11 कुओं का निर्माण हुआ है. लेकिन, समय पर राशि का भुगतान नहीं होना लाभुकों के लिए एक बड़ी समस्या बन गयी है. बरगड़ी निवासी बिगा उरांव को भी एक कुआं मिला है. कुआं बन कर तैयार भी है, लेकिन अब तक उन्हें राशि का भुगतान नहीं हुआ है, जिससे वे काफी परेशान हैं.

शराबबंदी और नशा उन्मूलन
बरगड़ी पंचायत आदिवासी बहुल पंचायत है. शराब का सेवन यहां पर एक बड़ी सामाजिक समस्या रही है. शराबबंदी को लेकर पंचायत में समय-समय पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाता है. कुछ हद तक लोग जागरूक भी हुए हैं. अभियान के दौरान लोगों को शराब से होनेवाले नुकसान के बारे में बताया जाता है. शराबबंदी अभियान का फायदा सेवाडीह गांव में हुआ भी है. सेवाडीह में अब लोग शराब का सेवन छोड़ खेती-बारी में ध्यान देने लगे हैं और इसका फायदा ग्रामीणों को मिल रहा है.
 
ग्रामीण और वार्ड सदस्य की नजर में बदलाव 
बरगड़ी गांव के वार्ड संख्या-तीन की सदस्य मैनो उरांइन बताती हैं कि बदलाव पंचायत में दिख रहा है. हालांकि, थोड़ा और इंतजार करने को भी कहती है. वहीं बरगड़ी गांव निवासी देवगन उरांव का मानना है कि समस्याएं तो बहुत  हैं, लेकिन खुशी इस बात कि है कि काम हो रहा है और जल्द ही सभी लोग विकास की दौड़ में शामिल हो जायेंगे. सेवाडीह गांव निवासी राजू उरांव बताते हैं कि पंचायत में एक साल में बदलाव हुआ. विकास कार्यों पर भी जोर दिया जा रहा है.
 
मैनो उरांइन, वार्ड सदस्य
 
लोगों को आगे आना होगा
इलाके में विकास कार्य हो रहे हैं, लेकिन अभी और काम करने की जरूरत है. विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन जैसी सामाजिक कल्याण की योजनाओं के लिए ग्रामीणों की हमेशा मदद करती हूं. समुचित विकास के लिए ग्रामीणों को आगे आना होगा. उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ उठा कर आत्मनिर्भर होना होगा. लोगों को हम शराबबंदी को लेकर समझा सकते हैं. इसके लिए लोगों को जागरूक होना होगा. उन्हें अपने अंदर आत्मविश्वास लाना होगा. 
सावित्री उरांव, मुखिया
 
 
पंचायत : बरगड़ी
प्रखंड : मांडर
जिला : रांची