aamukh katha

  • Aug 7 2017 12:55PM

स्टेडियम निर्माण से ग्रामीणों में जगी उम्मीद

स्टेडियम निर्माण से ग्रामीणों में जगी उम्मीद
पलामू जिले के पाटन प्रखंड का पंचायत है किशुनपुर. साल 2015 में किशुनपुर पंचायत का चयन सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत किया गया. पंचायत में कुल सात गांव हैं, किशुनपुर, डाढ़ा, बिहरिया, बरडीहा, मनिका, केतमा और रब्बी. पूरे पंचायत में 13 वार्ड है और पंचायत की आबादी लगभग 5200 है. किशुनपुर पंचायत में बदलाव की बयार कम ही दिखायी दे रही है. विकास के लिए कार्य तो हो रहे हैं, लेकिन जिस रफ्तार से होनी चाहिए थी, वो नहीं हो पा रहा है. ग्रामीणों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. मूलभूत सुविधाओं का गांव में अभाव है. सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत इलाके का चयन होने के बाद ग्रामीणों में आशा की एक किरण जगी है. किशुनपुर पंचायत में प्रखंड स्तरीय स्टेडियम निर्माण के शिलान्यास से ग्रामीण काफी उत्साहित हैं. पेयजल, सड़क, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई कार्य इस पंचायत क्षेत्र में हुए हैं. 
 
स्वच्छता के प्रति जागरूकता
स्वच्छता को लेकर किशुनपुर गांव समेत पूरे पंचायत में कई अभियान चलाये गये हैं. ग्रामीणों में कुछ बदलाव हुआ, लेकिन उतना नहीं हो पाया, जिसकी उम्मीद थी. हां, समय-समय पर जागरूकता अभियान जरूर चलाया जा रहा है. साफ-सफाई के प्रति आज भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है. नालियों का निर्माण भी सही तरीके से नहीं हुआ है. गंदा पानी सड़कों पर ही बहता है. जलस्रोतों के आस-पास गंदा पानी लगातार जमा रहता है. 

शौचालय निर्माण
आदर्श ग्राम की पहली सीढ़ी ही स्वच्छता पर निर्भर करती है. साल 2016 में किशुनपुर पंचायत में मात्र 10 शौचालयों का ही निर्माण हो पाया था. मुखिया सुनीता देवी कहती हैं कि फिलहाल पूरे पंचायत क्षेत्र में 1050 शौचालय बनाये गये हैं और शेष का निर्माण कार्य जारी है. हालांकि मुखिया मानती है कि शौचालय निर्माण जिस गति से होनी चाहिए थी, वो कई कारणों से नहीं हो पा रहा है. मुखिया कहती हैं कि पंचायत क्षेत्र में बदलाव जरूर हुआ है, लेकिन इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी है. 
 
शिक्षा और स्वास्थ्य
शिक्षा और स्वास्थ्य का हाल किशुनपुर पंचायत में बेहाल है. इन दोनों की बदहाली पर आज तक किसी की नजर नहीं गयी. पूरे पंचायत में सिर्फ एक हाई स्कूल है, जो सिर्फ दो शिक्षकों के भरोसे चलता है. इस संबंध में कई बार ग्रामीण और पंचायत जनप्रतिनिधियों ने संबंधित अधिकारियों को बताया, लेकिन नतीजा सिफर ही निकला. वर्तमान में सिर्फ दो शिक्षकों के भरोसे पंचायत की नयी पौध तैयार हो रही है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी भगवान भरोसे ही है. यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन तो है, लेकिन डॉक्टर नदारद रहते हैं.
 
सुविधाओं में बढ़ोतरी
गांव में सांसद निधि से 40 सोलर पैनल वाले एलइडी स्ट्रीट लाइट लगाये गये हैं, लेकिन अभी भी कई गांवों को रोशन किया जाना बाकी है. ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के उद्देश्य से जल-नल योजना की शुरुआत हुई. पंचायत क्षेत्र में आरओ वाटर प्लांट लगाया गया, ताकि ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके. पंचायत क्षेत्र के कई इलाकों में पीसीसी पथ का निर्माण हुआ है, जिसका लाभ ग्रामीण उठा रहे हैं. छठ तालाब में छठ घाट का निर्माण कराया गया है. आदर्श ग्राम के लिए चयनित होने के बाद गांव की महिलाओं को स्वयं सहायता समूह में जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. महिला समूहों के माध्यम से कई कार्य भी हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण महिलाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मुहैया हो रहा है. गांवों में पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गाय शेड, बकरी शेड और मुर्गी शेड बनाये गये हैं. अब तक 28 शेड बन चुके हैं और अभी भी निर्माण कार्य जारी है.
 
बदलाव की धीमी रफ्तार : सुनीता
किशनपुर पंचायत की मुखिया सुनीता देवी मानती है कि जो काम हुआ है, वो काफी नहीं है. अभी और काम होना बाकी है. कहती हैं कि लोगों के जागरूक होने के कारण पंचायत क्षेत्र में बदलाव हुआ है, जिससे धीरे-धीरे पंचायत की तसवीर बदलेगी. पंचायत क्षेत्र का काम मुखिया के पति द्वारा किये जाने संबंधी आरोप पर कहती हैं कि ऐसा नहीं है, जब कहीं जरूरत पड़ता है, तो उनसे सहयोग मांगा जाता है, क्योंकि मेरे पति एक समाजसेवी हैं. मुखिया कहती हैं कि मेरी पहली प्राथमिकता पंचायत का विकास है, ना कि वाद-विवाद में पड़ कर समय गंवाना.
 
जागरूकता से विकास कार्यों में तेजी : सुमन
पंचायत समिति सदस्य सुमन गुप्ता कहती हैं कि 15 माह में इस पंचायत में काफी बदलाव आया है. आदर्श पंचायत के तहत बीजेपी सांसद बीडी राम ने इस पंचायत को गोद लिया है. सांसद और विधायक की ही सक्रियता है कि यहां कई विकास कार्य हुए हैं. प्रखंड स्तरीय स्टेडियम निर्माण का शिलान्यास हो या पक्की सड़क निर्माण, शुद्ध पेयजल के लिए आरओ प्लांट या अन्य कार्य, सभी में इनका सकारात्मक सहयोग मिलता है. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 200 लाभुकों का चयन हुआ है. इसके तहत जियो टैग कर एक माह के अंदर करीब डेढ़ सौ लाभुकों के आवास की ढलाई हुई है. गुप्ता कहतीं है कि इस पंचायत में बिचौलिया हावी नहीं है और इसका सारा श्रेय यहां की जनता को जाता है. 
 
पंचायत : किशुनपुर 
प्रखंड : पाटन 
जिला : पलामू