aamukh katha

  • Jun 2 2017 12:33PM

खरीफ मौसम में राज्य सरकार का लक्ष्य निर्धारित, 28 लाख हेक्टेयर में 85 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन

खरीफ मौसम में राज्य सरकार का लक्ष्य निर्धारित, 28 लाख हेक्टेयर में 85 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन

मनोज सिंह

राज्य में इस साल खरीफ के मौसम में 28 लाख हेक्टेयर में खेती करने का लक्ष्य रखा गया है. इससे करीब 85 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन की संभावना है. उत्पादन लक्ष्य प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार ने किसानों को कई तरह की स्कीम का लाभ देने का निर्णय लिया है. किसानों को रियायत दर पर बीज उपलब्ध कराये जायेंगे. समय पर खाद उपलब्ध कराने और समय-समय पर तकनीकी सलाह देने की योजना है. राज्य सरकार द्वारा चल रही अन्य स्कीमों से भी किसानों को जोड़ने की योजना पर विभाग काम कर रहा है. 

करीब एक लाख क्विंटल धान बीज वितरण का लक्ष्य

राज्य सरकार ने इस बार किसानों के बीच करीब एक लाख क्विंटल धान बीज वितरण का लक्ष्य रखा है. पांच जून तक धान बीज गोदामों तक पहुंचा दिये जाने का लक्ष्य रखा गया है. राज्य सरकार ने बीज निगम के माध्यम से बीज ग्रामों से करीब 40 हजार क्विंटल बीज खरीदी है. नेशनल सीड कॉरपोरेशन और यूपी सीड कॉरपोरेशन को मिला कर करीब 70 हजार क्विंटल बीज खरीदने का आदेश दिया गया है. राज्य सरकार करीब 50 करोड़ रुपये बीज वितरण पर खर्च करेगी. किसानों को आधी कीमत पर बीज दिया जायेगा. सभी लैम्प्स और पैक्स को बीज अधिप्राप्ति के लिए ड्राफ्ट जमा करने का आदेश दे दिया गया है. 

डेमोस्ट्रेशन फील्ड में मुफ्त में मिलेगा बीज

कृषि विभाग ने चालू खरीफ मौसम में कुछ किसानों के खेत में प्रयोग के तौर पर खेती कराने का निर्णय लिया है. इसके लिए डेमोस्ट्रेशन फील्ड तैयार किये जायेंगे. जिला के कृषि पदाधिकारी स्तर पर इसका चयन किया जायेगा. चयनित किसानों के खेतों में विभाग की ओर से जरूरी इनपुट दिये जायेंगे. किसानों को एनएफएसएम और बीजीआरआइ के तहत 100 फीसदी अनुदान पर बीज दिया जायेगा. 

दो लाख क्विंटल यूरिया उपलब्ध कराने का लक्ष्य 

राज्य सरकार ने इस वर्ष खरीफ मौसम में किसानों को दो लाख क्विंटल यूरिया उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है. अप्रैल से लेकर सितंबर माह तक खाद आपूर्ति का चार्ट विभाग ने तैयार किया है. हरेक जिले के लिए अलग-अलग आवंटन प्लान बनाया गया है. करीब 30 हजार क्विंटल यूरिया रिजर्व में रखा जायेगा. यूरिया व अन्य खादों के रख- रखाव के लिए गोदामों को चिन्हित किया गया है. केंद्र सरकार से संपर्क कर खादों को रेलवे के निकटतम जिलों में पहुंचाने आग्रह किया गया है.  

खरीफ में आच्छादन व उत्पादन का लक्ष्य

फसल आच्छादन उत्पादन 

धान 17.70 71.47

मक्का 3.12 6.33

मोटे अनाज 0.42 0.33

तेलहन 0.60 0.63

दलहन 6.0 6.29

(नोट : आच्छादन लाख हेक्टेयर 

व उत्पादन लाख क्विंटल में) 

माहवार खाद का आपूर्ति 

का लक्ष्य (क्विंटल में) 

माह यूरिया डीएपी एमओपी एसएसपी  

अप्रैल 20000 10000 00 2000

मई 25000 10000 1000 2000

जून 30000 20000 1000 3000

जुलाई 40000 20000 1000 3000

अगस्त 40000 5500 1000 1000

सितंबर 15000 4500 1000 10000

जिलावार अनाज आच्छादन का लक्ष्य (हजार हेक्टेयर में)

जिला धान मक्का तेलहन 

रांची 168 12.30 0.24

गुमला 188 8.10 0.36

खूंटी 76 7.20 0.24

सिमडेगा 85 8.00 0.36

लोहरदगा   47 7.6   0.24

पूर्वी सिंहभूम   110   11.82  0.36

प सिंहभूम 186 8.90 0.36

सरायकेला 99 6.90 0.30

पलामू 47   27.52  0.12

गढ़वा 54 27.20 0.36

लातेहार 26   19.96 0.48

हजारीबाग 84 12.36 0.12

जिला धान मक्का तेलहन

चतरा 36   9.96 0.24

कोडरमा 16 8.76 0.24

गिरिडीह 86 21.30 0.36

धनबाद 43   2.72 00

बोकारो 33 9.62 0.24

रामगढ़ 33   9.10 0.12

दुमका 109 20.96 0.42

जामताड़ा 50 15.70 0.24

देवघर 52   17.00 0.12

गोड्डा 48 13.70 0.18

साहेबगंज 45 15 0.24

पाकुड़ 49 10.86 0.12
 

हर प्रखंड में होगा तीन दिवसीय आयोजन

राज्य के सभी प्रखंडों में तीन दिवसीय प्रखंड स्तरीय आयोजन होगा. 12 से 14 जून तक पहले चरण का आयोजन होगा. 15 से 17 जून तक दूसरे तथा 18 से 20 जून तक तीसरे चरण का आयोजन होगा. 

तीन दिवसीय कार्यक्रमों की स्थिति

पहला दिन

प्रखंड कृषि जागृति अभियान के आयोजन की शुरुआत में नोडल अफसर भी मौजूद रहेंगे. कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के अंतर्गत प्रत्येक प्रभाग के योजनाओं के जानकार पदाधिकारी द्वारा एक-एक घंटे के कार्यशाला का आयोजन होगा. किसानों के बीच मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया जायेगा. लंबित मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण एवं चालू वित्तीय वर्ष के लिए मृदा नमूना का संकलन किया जायेगा. धान, दहलन और तेलहन के बीज का वितरण भी इसी दिन किया जायेगा. 

दूसरा दिन

फसल बीमा योजना पर कार्यशाला का आयोजन होगा. 2016-17 के लंबित दावों का भुगतान किया जायेगा. 2017-18 के लिए फसल बीमा योजना के अंतर्गत सुयोग्य कृषकों का चयन किया जायेगा. डबल क्रॉपिंग राइस फैलो स्कीम आदि योजनाओं की जानकारी किसानों को दी जायेगी. लाभुकों से संबंधित योजनाओं का आवेदन प्राप्त करते हुए त्वरित स्वीकृति के लिए कार्रवाई की जायेगी. लाभुकों से संबंधित योजनाओं का आवेदन प्राप्त करते हुए त्वरित स्वीकृति के लिए कार्रवाई की जायेगी. 

तीसरा दिन

विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के संबंध में कृषकों एवं जन समुदायों के बीच जागरूकता कार्यक्रम एवं गोष्ठी का आयोजन होगा. जिन किसानों को योजनाओं का लाभ पहले दिन नहीं मिल पायेगा, उनके बीच परिसंपित्तयों का वितरण एवं जागरूकता कार्यक्रम चलाया जायेगा.

क्या है उद्देश्य

विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार-प्रसार लाभुकों के बीच करना है. सभी कृषकों को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ सुनिश्चित करना है. लाभुकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ डोर स्टेप पर उपलब्ध कराना है. किसानों को कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मस्त्य योजनाओं का लाभ भी दिया जायेगा. इसके माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जायेगा. 

डेयरी

दुधारू गाय वितरण की योजना के तहत पशु मेले का आयोजन

गव्य गोष्ठी का आयोजन 

तकनीकी इनपुट प्रोग्राम के तहत मिनरल मिक्सचर का वितरण 

90 फीसदी अनुदान पर बीपीएल महिलाओं को मिली गायों का बीमा

विभागों का उत्तरदायित्व

2016-17 में लंबित मृदा स्वास्थ्य कार्डों का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित होगा. चालू वित्तीय वर्ष के लिए मृदा नमूना जमा किया जायेगा

खरीफ फसलों के बीजों का वितरण किसानों के बीच किया जायेगा

फसल बीमा योजना के बकाये का भुगतान की कार्रवाई की जायेगी

फसल बीमा योजना वर्ष 2017-18 का आवेदन जमा होगा

सिंगल विंडो सिस्टम के तहत शिकायतों को प्राप्त कर उसका निराकरण करना

किसानों में किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण 

मेढ़ बंदी अभियान के तहत लाभुकों का चयन 

पंप सेट वितरण के लिए सुयोग्य लाभुकों से आवेदन प्राप्त कर स्वीकृति के लिए जिला कार्यालय को भेजना

किसानों के बीच फलदार वृक्षों के बिचड़ों का वितरण


सहकारिता

फसल बीमा योजना के तहत बकाये राशि के भुगतान के लिए कृषकों से आवेदन प्राप्त किया जायेगा

लैम्पस-पैक्स को लाइसेंस दिया जायेगा

प्रखंडों के एक-एक लैम्प्स-पैक्स को बीज एवं उर्वरक आदि की बिक्री के लिए होल सेल, रिटेल लाइसेंस दिया जायेगा

झास्कोलैम्फ, झास्कोफिश, झाम्कोफेड द्वारा लाइसेंस लगाया जायेगा

सरकार ने 2017-18 के लिए रखा रिकार्ड फसल उत्पादन का टारगेट

सरकार ने बेहतर माॅनसून की उम्मीद को देखते हुए जुलाई माह से शुरू होनेवाले नये फसल वर्ष 2017-18 के दौरान खाद्यान उत्पादन का लक्ष्य 27 करोड़ 30 लाख टन निर्धारित किया है, जो अब तक का सबसे अधिक है. वहीं मौजूदा फसल वर्ष (जुलाई 2016 से जून 2017) के दौरान खाद्यान्न उत्पादन 27.19 करोड़ टन के रिकार्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है. कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि इस साल भी माॅनसून सामान्य रहने की उम्मीद है. यह वांछित लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा. यही कारण है कि 2017-18 के दौरान सरकार रिकार्ड खाद्यान उत्पादन का प्रयास कर रही है और इसके लिए 27 करोड़ 30 लाख टन खाद्यान उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. वर्ष 2016-17 के द्वितीय अग्रिम अनुमान के अनुसार देश में 27 करोड़ 19 लाख टन से अधिक खाद्यान उत्पादन का अनुमान है, जो वर्ष 2015-16 की तुलना में 1.11 प्रतिशत अधिक है. वर्ष 2013-14 में खाद्यानों का रिकार्ड उत्पादन हुआ था. कृषि मंत्रालय के अनुसार, आगामी खरीफ मौसम के लिए बीजों की पर्याप्त आपूर्ति है. 83.46 लाख क्विंटल धान के बीज और 3.75 लाख क्विंटल तुअर दाल के बीज की मात्रा उपलब्ध है. वहीं इस बुवाई मौसम में 2.90 करोड़ टन उवर्रक की जरूरत का आकलन किया गया है.