aamukh katha

  • Dec 31 2018 3:37PM

मां रंकिनी मंदिर में होती हैं मन्नतें पूरी

मां रंकिनी मंदिर में होती हैं मन्नतें पूरी

वीरेंद्र कुमार सिंह
पूर्वी सिंहभूम

झारखंड के मानचित्र में तीर्थ स्थल के रूप में जादूगोड़ा के रंकिनी मंदिर का नाम प्रसिद्ध है. पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत हाता-मुसाबनी पथ पर मां रंकिनी देवी का मंदिर तुइला पहाड़ व शंकरी गठिया पहाड़ के बीच में अवस्थित है. यह मंदिर शक्तिपीठ भी माना जाता है. जमशेदपुर शहर से इसकी दूरी 34 किलोमीटर तथा हाता से 17 किलोमीटर है. ऐसी मान्यता है कि जो भी यहां मन्नत मांगता है, उसकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

यहां प्रसाद के रूप में नारियल, फल, चुनरी, सिंदूर आदि चढ़ाया जाता है. मां को आभूषण भी चढ़ाते हैं. यहां झारखंड, बिहार के अलावा पश्चिम बंगाल व ओड़िशा राज्य से भी काफी संख्या में श्रद्धालु आते हैं. नवंबर से फरवरी तक श्रद्धालुओं की काफी भीड़ होती है. मां रंकिनी मंदिर का मनोरम दृश्य देखते ही बनता है. यही कारण है कि चार माह सैलानियों की संख्या में काफी वृद्धि होती है. पूजा के साथ यहां घूमना भी हो जाता है. हर शुरुआती साल में यहां हजारों की संख्या में लोग पिकनिक मनाने भी आते हैं. मंदिर के चारों ओर हरे-भरे पेड़-पौधे एवं पहाड़ हैं, जो क्षेत्र को काफी आकर्षक बनाता है

विशेष ध्यान दे जिला प्रशासन : दिनेश सरदार
मां कपरगाड़ी घाट विकास समिति के अध्यक्ष दिनेश सरदार कहते हैं कि मंदिर विकास के लिए वर्षों से जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा है. इस संबंध में उपायुक्त से भी बात की गयी है. साल भर पहले ग्रामीण विकास विभाग की ओर से बच्चों के लिए झूला तथा सीमेंटेड बेंच बनाया गया है.