aamukh katha

  • Nov 8 2019 12:57PM

अब बेटियों की परवरिश की राह हुई आसान

अब बेटियों की परवरिश की राह हुई आसान

दुर्जय पासवान

गुमला 

सुकन्या योजना से बेटियों की परवरिश की राह आसान हो गयी है. जिस मकसद से इस योजना की शुरुआत हुई, वो सपना साकार हो रहा है. गुमला जिले की बेटियों को इस योजना का लाभ मिल रहा है. जिला समाज कल्याण कार्यालय के मुताबिक गुमला जिले की नौ हजार 19 बेटियों को सुकन्या योजना का लाभ मिल रहा है और उनके खाते में योजना की राशि जा रही है. गुमला जिले के अंतर्गत 12 प्रखंड हैं. सभी प्रखंडों को सुकन्या योजना का लाभ देने के लिए अलग-अलग लक्ष्य दिया गया था. इसमें गुमला प्रखंड का प्रदर्शन सबसे बेहतर है.

डीबीटी के माध्यम से पहुंचेगी राशि
इस योजना का एक उद्देश्य यह भी है कि लड़कियों को परिवार पर बोझ न समझा जाये और इस कारण कम उम्र में उनका विवाह न हो. उनकी उचित परवरिश की जाये. सुकन्या योजना के जरिये जो भी पैसा दिया जाना है, वह सीधे लड़की अथवा पालक के बैंक खाते में जमा किया जायेगा. योजना के तहत लड़कियों को जन्म से18 वर्ष तक सरकार की तरफ से पैसा दिया जा रहा है. लड़की के पालन पोषण, उसकी प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा आदि सभी के लिए आर्थिक सहायता सरकार द्वारा दी जा रही है. झारखंड में पूर्व से चल रही कन्यादान योजना और लाडली लक्ष्मी योजना की जगह जनवरी 2019 से सुकन्या योजना के नाम से संचालित इस योजना में गरीब तबके के परिवार की बेटियों को सरकार आर्थिक मदद देती है. सामाजिक, आर्थिक जातीय जनगणना के आधार पर सालाना 72 हजार रुपये तक कमानेवाले परिवार में जन्म लेने वाली बच्ची को सरकार डीबीटी के माध्यम से 18 वर्ष की उम्र तक वित्तीय सहायता देगी.

प्रखंडवार लाभार्थियों की संख्या
प्रखंड                      लाभार्थियों की संख्या
पालकोट                            912
भरनो                                863
गुमला                               1360
डुमरी                                828
बिशुनपुर                             787
रायडीह                               586
चैनपुर                                 650
कामडारा                              638
सिसई                                  759
बसिया                                 798
घाघरा                                  838
कुल                                  9019

मेरी बेटियों के लिए खुशी का पल : पिंकी
वैष्णवी कुमारी (8 वर्ष) व सृष्टि कुमारी (5 वर्ष) गुमला शहर की हैं. इन्हें सुकन्या योजना का लाभ मिल रहा है. इनकी मां पिंकी देवी ने कहा कि सुकन्या योजना के तहत बैंक में खाता खुलवाया गया है. यह काफी अच्छी योजना है. पहले चिंता थी कि बेटियों की परवरिश कैसे करेंगे, लेकिन अब सुकन्या योजना से चिंता दूर हो गयी है.

शिशु मृत्यु दर पर लगेगा लगाम : सीता पुष्पा
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सीता पुष्पा ने कहा कि शून्य से 16 वर्ष तक की बच्ची को इसका लाभ लेने के लिए कोई भी राशन कार्ड देना अनिवार्य है, वहीं 18 से 20 वर्ष की युवती को राशन कार्ड के साथ पहचान पत्र भी देना है. इसका उद्देश्य बढ़ती शिशु मृत्यु दर पर रोक लगाने के लिए महिलाओं को उचित पोषण भी देना है.