aamukh katha

  • Aug 2 2018 11:46AM

झारखंड में नक्सली हिंसा से अधिक मौतें वज्रपात से

झारखंड में नक्सली हिंसा से अधिक मौतें वज्रपात से

 पंचायतनामा डेस्क


झारखंड में हर साल वज्रपात से जान-माल का काफी नुकसान होता है. औसतन दो सौ लोगों की मौत आकाशीय आपदा के कारण होती है. यह राज्य में नक्सली घटना में मौत से काफी अधिक है. पिछले 10 साल का आंकड़ा देखें, तो नक्सली घटना से अधिक वज्रपात से लोगों की जान गयी है. राज्य के नक्सल प्रभावित 16 जिलों के विकास के लिए विशेष केंद्रीय सहायता यानी एससीए के तहत तीन साल में 457 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसके लिए हर साल 28.57 करोड़ रुपये सभी जिलों को मिलेंगे. इस राशि को जिले के नक्सल प्रभावित एरिया को फोकस कर खर्च किया जाना है. वहीं, नक्सलियों के खात्मे के लिए 154.44 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसके तहत केंद्र सरकार जहां 121.264 करोड़ रुपये खर्च करेगी, वहीं राज्य सरकार 33.176 करोड़ रुपये खर्च करेगी. दूसरी ओर आपदा प्रबंधन का बजट करीब 714 करोड़ रुपये है, इसमें वज्रपात भी शामिल है.

वज्रपात व नक्सलियों की घटना में हताहत हुए लोगों की स्थिति
वर्ष 2007 से लेकर जून 2018 तक वज्रपात से करीब 2084 लोगों की जान जा चुकी है. वहीं नक्सली घटना की बात करें, तो करीब 1373 लोगों की जान जा चुकी है. इसमें 602 स्थानीय व्यक्ति, 258 जवान और 513 नक्सलियों की मौत हुई है.

वज्रपात से हुई मौत

वर्ष                           मौत
2007                     157
2008                      143
2009                      153
2010                      140
2011                      136
2012                      142
2013                      167
2014                      162
2015                       204
2016                       270
2017                       300
2018                       110 (
जून तक)

नक्सली घटना से हताहत हुए लोग, जवान व नक्सलियों की स्थिति
वर्ष        व्यक्ति की मौत    जवान की मौत      नक्सलियों की मौत
2007            69                06                     45
2008            74                39                     50
2009            74                67                     76
2010            71                27                     49
2011            79                30                     48
2012            48                24                     26
2013            48                26                     57
2014            48                12                     37
2015             16                05                    37
2016             31                10                    40
2017             29                02                    25
2018            15                10                     23
कुल             602             258                  513
(
स्त्रोत : साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल)

नक्सल प्रभावित इन जिलों में खर्च होगी राशि
सरकार से जो राशि प्राप्त होगी उसे बोकारो, चतरा, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गिरिडीह, गुमला, हजारीबाग, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, रांची, सिमडेगा, सरायकेला- खरसांवा, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, रामगढ़, दुमका, देवघर और पाकुड़ जैसे नक्सली इलाकों में खर्च किया जायेगा.

साल 2017 के मई से जून के बीच 70 लोगों की गयी जान
वज्रपात की घटना में साल 2017 में काफी बढ़ोतरी हुई है. एक साल में जहां करीब 300 लोगों की जान जा चुकी है. वहीं, मई से जून माह के बीच में ही 70 लोगों की जान गयी, जो यह दर्शाता है कि वज्रपात कितनी बड़ी आपदा है.


मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी
पिछले मॉनसून के दौरान एक हफ्ते में ही आसमानी बिजली गिरने से देशभर में करीब 120 लोगों की मौत हुई थी, वहीं 57 लोग घायल हुए. इनमें सबसे अधिक बिहार में 57, उत्तर प्रदेश में 41, मध्य प्रदेश में 12 और झारखंड में 10 लोग शामिल हैं. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार, देश में हर साल 2,182 लोग आकाशीय बिजली के शिकार होते हैं.