aamukh katha

  • Jul 17 2018 2:59PM

गिंजो ठाकुरगांव को नयी दिशा दे रहे पंचायत समिति सदस्य लक्ष्मी

गिंजो ठाकुरगांव को नयी दिशा दे रहे पंचायत समिति सदस्य लक्ष्मी

 पंचायतनामा डेस्क

प्रखंड : बुढ़मू
जिला : रांची

सब्जियों वाला गांव गिंजो ठाकुरगांव मंदिरों वाला गांव भी है. यह रांची जिले के बुढ़मू प्रखंड की एकल गांव वाली पंचायत है. मुख्यमंत्री स्मार्ट विलेज के रूप में चयनित यह पंचायत बदलाव की राह पर अग्रसर है. स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण से इसकी तस्वीर बदल रही है. पंचायत समिति सदस्य लक्ष्मी नारायण चौरसिया सामाजिक सरोकार से इस पंचायत को नयी दिशा दे रहे हैं.

यहां हैं 30 टोले
सात हजार की आबादी, 1352 परिवार, 30 टोले और ओबीसी बाहुल्य वाली इस पंचायत में तीन सामुदायिक भवन, एक स्वास्थ्य उपकेंद्र, दो हाईस्कूल समेत छह विद्यालय और पांच आंगनबाड़ी केंद्र हैं.

आज है जीरो ड्रॉप आउट पंचायत
पंचायत समिति सदस्य लक्ष्मी नारायण चौरसिया कहते हैं कि एक वक्त था, जब स्लम बस्तियों के करीब 60-70 फीसदी बच्चे स्कूल नहीं जाते थे. उन बस्तियों में जाकर अभिभावकों को जागरूक कर बच्चों को स्कूल भेजने की कोशिश की गयी. असर हुआ. आज पंचायत का ड्रॉपआउट रेट जीरो है. हर बच्चा स्कूल जाता है. स्कूलों में छात्राओं को नशामुक्ति व स्वच्छता को लेकर जागरूक किया जा रहा है. ये भी असरदार रहा. कई अभिभावक शराब छोड़ चुके हैं. स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है. ग्रामीणों को पाइपलाइन से शुद्ध पेयजलापूर्ति शीघ्र की जायेगी. दीन दयाल उपाध्याय विद्युतीकरण योजना से शीघ्र 400 घर रोशन होंगे. गांव में ही मिट्टी की जांच के लिए एक युवक को प्रशिक्षित किया गया है.

पंचायत की तस्वीर बदलने की कोशिश : लक्ष्मी नारायण चौरसिया, पंचायत समिति सदस्य
पंचायत समिति सदस्य लक्ष्मी नारायण चौरसिया कहते हैं कि सामाजिक सरोकार से पंचायत की तस्वीर बदलने की कोशिश जारी है. ग्रामीणों के सहयोग से जल्द इसकी अपनी पहचान होगी.

बदलाव की राह पर है अग्रसर : रमेश कुमार सिंह, पदाधिकारी
प्रभारी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी रमेश कुमार सिंह कहते हैं कि ये अर्धशहरी गांव है. इसकी साक्षरता दर 80 फीसदी है. धीरे-धीरे बदलाव की राह पर पंचायत आगे बढ़ रही है.

बचत से बदल गयी जिंदगी : सुनीता देवी, सचिव, महिला समूह
कल्पना महिला स्वयं शक्ति समूह की सचिव सुनीता देवी कहती हैं कि बचत से उनकी जिंदगी बदल गयी. बंधक जमीन छुड़ाकर खेती शुरू कीं और अब शौचालय निर्माण कराकर आमदनी कर रही हैं.

जल्द दिखेगा बदलाव : विनीता देवी, अध्यक्ष, आदिवासी विकास समिति
आदिवासी विकास समिति की अध्यक्ष विनीती देवी कहती हैं कि करीब 200 आदिवासी परिवार हैं. सरकारी योजनाओं से आदिवासी परिवारों की जिंदगी धीरे-धीरे बदल रही है. बदलाव जल्द दिखेगा.