aadhi aabadi

  • Jun 18 2019 5:19PM

ये चार महीने हमारे कर्मवीर किसानों के नाम

ये चार महीने हमारे कर्मवीर किसानों के नाम

रघुवर दास, मुख्यमंत्री, झारखंड 

राज्य के किसानों की मेहनत और कर्मठता का मैं कायल हूं. राज्य के विभिन्न हिस्सों में अलग- अलग तरह की मिट्टी होने के बावजूद हमारे किसानों ने रबी हो या खरीफ, हर मौसम में अपनी जीवटता और कर्मठता का परिचय दिया है. ये अन्नदाता किसान ही हैं, जिनके बलबूते हमें भोजन मिल पाता है. कोई भी नहीं चाहेगा कि अन्नदाता किसानों को कष्ट हो. कई बार प्रतिकूल परिस्थितियों में या तो उनकी पूंजी फंस जाती है, कर्ज का भार बढ़ जाता है या फिर मौसम की बेरुखी से फसल ही बर्बाद हो जाती है. ऐसे में किसानों पर क्या गुजरती है, इसे सहजता से समझा जा सकता है

राज्य में अर्से से खेती-किसानी को लेकर कई समस्याएं रही हैं. पिछले लगभग साढ़े चार साल के दौरान मैंने गंभीरता से किसानों की समस्याओं पर फोकस किया और अपने विभागीय अधिकारियों से मिल कर सभी समस्याओं के समाधान की दिशा में तेजी से प्रयत्न करने को कहा. संज्ञान में आया कि जब तक किसानों के लिए अलग से बजट नहीं होगा, तब तक समस्याओं का मुकाबला करना मुश्किल होगा. इसके साथ ही किसानों को उत्तम खाद व बीज उपलब्ध कराना एवं कतिपय कारणों से फसल की बर्बादी पर उन्हें हिम्मत के साथ खड़े रहने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता का प्रावधान जैसी चीजें मेरे दिमाग लगातार चलती रहती थीं. इन समस्याओं को गंभीरता से फोकस करना जरूरी था. अब लगभग साढ़े चार साल के बाद मैं संतोष के साथ कह सकता हूं कि हमारे राज्य के किसानों की हालत सुधरी है. उन्हें सरकारी प्रयास से उत्तम खाद व बीज मुहैया कराये जा रहे हैं. सरकार ने फसलों का बीमा करा कर उन्हें किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में सहारा देने का प्रयास किया है.

किसानों के लिए अलग से कृषि बजट का प्रावधान पिछले दो साल से किया जा रहा है. उससे उनकी बुनियादी जरूरतों की भरपाई करने एवं उन्हें कृषि का उचित माहौल व सहायता दिलाने में काफी सहूलियत हुई है. राज्य में सबसे बड़ी समस्या पानी के ठहराव एवं किसानों के लिए समुचित सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की रही है. इस दिशा में हमने गंभीरतापूर्वक प्रयास करते हुए राज्य में लगभग तीन लाख से अधिक डोभा निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया एवं यह लक्ष्य लगभग पूरा किया जा चुका है. डोभा निर्माण से गांव के छोटे किसानों को काफी सहूलियत हुई है. जहां-जहां डोभा बनाये गये हैं, उन इलाकों में अब जलस्तर बढ़ने की सूचना है. किसानों को इससे सालोंभर सिंचाई की सुविधा मिलेगी.

दूसरी ओर केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों की आय दोगुनी करनी है. इसके तहत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का लाभ किसानों को दिया जा रहा है. राज्य में किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना शुरू की जा रही है. इससे राज्य के किसानों को अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन लाभ हासिल होंगे. मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का लाभ राज्य के हर एक किसान को मिलेगा. इनमें से कुछ ही किसान ऐसे होंगे, जिन्हें अन्य माध्यमों से व्यक्तिगत लाभ की वजह से इस योजना से बाहर रखा गया है, लेकिन प्रत्यक्ष तौर पर राज्य के लगभग 30 लाख किसान इस योजना से लाभान्वित होंगे. इसके लिए सरकार ने करीब दो हजार करोड़ रुपये के वितरण का लक्ष्य रखा है. योजना के अंतर्गत पांच एकड़ तक की जमीन के मालिक किसानों को अधिकतम 25 हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में भेजे जायेंगे. एक एकड़ से कम जमीन के मालिक किसानों को भी न्यूनतम पांच हजार रुपये देने की योजना बनायी गयी है.

इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ देने के लिए केंद्र सरकार ने झारखंड को विशेष छूट दी है. राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से संशोधन का आग्रह किया था और इसी आग्रह को केंद्र सरकार ने स्वीकार किया. अब वंशावली के आधार पर तय सूची के आधार पर ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ झारखंड के किसानों को मिलेगा. इसके लिए रजिस्टर-2 में नाम होने की बाध्यता नहीं होगी. अब किसानों की वंशावली का सत्यापन उपायुक्त और ग्राम पंचायत के अनुमोदन से होगा.

पिछले कुछ महीनों में राज्य के किसानों को विश्वस्तरीय खेती- बागवानी का प्रशिक्षण हासिल करने के लिए इजरायल भेजा गया था. ये किसान वहां से लौट कर कृषि दूत बन कर राज्य के विभिन्न हिस्सों में कृषि क्रांति लाने में सहयोगी भूमिका निभा रहे हैं. वे कृषि में नित नये प्रयोग कर रहे हैं और फसलों की गुणवत्ता सुधारने में भी अपनी उपयोगी भूमिका निभा रहे हैं. इन किसानों में कई महिलाएं भी शामिल हैं. हमने विभाग को स्पष्ट तौर पर निर्देश दिया है कि व्यक्तिगत तौर पर प्रत्येक किसान की समस्याओं को सुना जाये एवं तत्काल समाधान किया जाये. किसानों के लिए भी समय-समय पर कृषि जागरूकता रथ के माध्यम से जागरूक करने का काम किया जा रहा है, ताकि वे अभिनव प्रयोगों से अपनी आर्थिक स्थिति सुधार सकें. मुझे पूरा विश्वास है कि आनेवाले दिनों में राज्य के किसानों की आय में गुणात्मक इजाफा होगा एवं उनके खेत भी हर मौसम में लहलहायेंगे, वो भी बिना किसी खौफ एवं चिंता के. फिलहाल मुझे विश्वास है कि मॉनसून शुरू होने के साथ ही हमारे किसानों के लिए नयी उम्मीदों का जो दौर शुरू हो रहा है, वह अंतत: उनकी उम्मीदों को हरा-भरा करेगा.