aadhi aabadi

  • Sep 20 2017 1:38PM

अब खुले में शौच नहीं

अब खुले में शौच नहीं
स्वच्छ भारत अभियान के तहत खुले में शौच से मुक्त करने के लिए पूरे देश में अभियान चलाया जा रहा है. शौचालय निर्माण को लेकर गरीब परिवारों को प्रोत्साहन राशि भी उपलब्ध करायी जा रही है. पाकुड़ जिले के पाकुड़ प्रखंड के हीरानंदनपुर पंचायत का एक गांव है गोविंदपुर. इस 
गांव में शौचालय निर्माण का कार्य किया जा रहा है. मनरेगा के तहत गांव के आर्थिक रूप से पिछड़ी हुई महिलाओं को शौचालय निर्माण के लिए राशि मुहैया करायी जा रही है.

अब गांव की महिलाओं को खुले में शौच के लिए नहीं जाना पड़ेगा. शौचालय निर्माण के लिए गोविंदपुर गांव में छह लाख रुपये की राशि मुहैया करायी गयी है. इससे गरीब महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लौट आयी है. ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि अब हमारा गांव और समाज अधिक सुंदर दिखेगा, साथ ही पर्यावरण भी अब दूषित होने से बचेगा. मनरेगा के तहत मिले शौचालय के संबंध में गांव की एक दीदी कहती हैं कि अब उनके घर की बहू-बेटियों को शौच के लिए घर से बाहर नहीं जाना पड़ेगा. 
 
कई बार खुले में शौच करने को लेकर लड़ाई-झगड़े की नौबत तक आ जाती है, पर अब घर-घर शौचालय की व्यवस्था होने से गांव खुले में शौच से मुक्त हो जायेगा. महिलाओं को अब इस बात की खुशी है कि अब गंदगी के कारण गांव के लोग बीमार नहीं पड़ेंगे और गांव स्वच्छ रहेगा.
 

झूमा झा
गांव : गोविंदपुर
जिला : पाकुड़