aadhi aabadi

  • Aug 7 2017 12:35PM

पंसस पुष्पा की तरह आप भी करें अपने अधिकारों का उपयोग

पंसस पुष्पा की तरह आप भी करें अपने अधिकारों का उपयोग

पंचायती राज्य व्यवस्था लागू होने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि भी अपने क्षेत्र में विकास को लेकर जागरूक हुए हैं. इसी को लेकर वो लगातार अपने क्षेत्र में मिल रही शिकायतों को लेकर स्कूलों और अन्य संबधित संस्थानों का निरीक्षण करते हैं और शिकायतों के सामाधान का प्रयास करते हैं. जरीडीह कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिप सदस्य सुनीती टुडू और बाराडीह पंचायत की पंचायत समिति सदस्य पुष्पा देवी औचक निरीक्षण करने के लिए विद्यालय परिसर पहुंची. जिस वक्त विद्यालय परिसर में पंसस और जिप सदस्य पहुंची, उस वक्त वार्डन वहां मौजूद नहीं थी.

औचक निरीक्षण की जानकारी मिलते ही अपनी गलती छुपाने के लिए वार्डन शशिबाला ने कई आरोप लगा कर पुलिस को बुला लिया. फिर क्या था, विद्यालय परिसर में दोनों ओर से बकझक शुरू हो गयी. पंचायत जनप्रतिनिधि औचक निरीक्षण को अपना कार्यक्षेत्र बता रही थी, वहीं वार्डेन इस तरह से पंचायत जनप्रतिनिधियों के आने को सही नहीं मान रही थी. इस संबंध में पंचायत समिति सदस्य पुष्पा देवी ने जिला परिषद अध्यक्ष और उपायुक्त से लिखित शिकायत भी की है.

आखिर क्यों हुई बहस

दरअसल पंसस पुष्पा देवी और जिप सदस्य सुनीता टूडू को कस्तूरबा विद्यालय से मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिये जाने और छात्राओं से काम लेने की शिकायत मिली थी. शिकायत की जांच करने के लिए दोनों विद्यालय परिसर पंहुची. निरीक्षण में उन्होंने पाया कि छात्राओं को मेन्यू के मुताबिक भोजन नहीं दिया जा रहा है. जब इस बारे में वहां मौजूद कर्मियों से पूछा गया, तो उन्होंने स्वीकारा कि कभी-कभी मेन्यू आगे-पीछे हो जाता है. पंचायत प्रतिनिधियों ने छात्राओं से रसोईघर में भी काम लेने की शिकायत के बारे में पूछताछ की. पूछताछ में छात्राओं ने स्वीकार किया कि उनसे रसोईघर में सब्जी काटने और रोटी बनाने का काम कराया जाता है. मौके पर मौजूद कर्मियों ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि कभी-कभी छुट्टियों में छात्राओं से काम लिया जाता है. रसोईघर से जांच पूरी होने के बाद दोनों जनप्रतिनिधि क्लास नौ के क्लास रूम में गये. यहां उन्होंने छात्राओं से कई सवाल पूछे. इसका जवाब कोई नहीं दे पाया. साथ ही छात्राएं अपने इलाके के बीडीओ, डीसी और विधायक तक का नाम नहीं बता पाये. निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि विद्यालय में अंग्रेजी विषय के शिक्षक नहीं हैं. इसके कारण अंग्रेजी विषय की पढ़ाई भी सही ढंग से नहीं हो पाती है. इस बार में दोनों ही जनप्रतिनिधियों ने छात्राओं से पूछताछ की तो मालूम चला कि संस्कृत के शिक्षक सत्यप्रकाश चौधरी छात्राओं को अंग्रेजी पढ़ाते हैं. शिकायतों के बाद औचक निरीक्षण करने पहुंचे पंचायत प्रतिनिधियों से थाना प्रभारी ने निरीक्षण परमिट को लेकर सवाल पूछा. इसपर दोनों ही जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वो शिकायत मिलने पर जांच के लिए पहुंची थी, लेकिन वार्डन ने पुलिस बुला लिया. 

निरीक्षण करना मेरा अधिकार : पुष्पा 

पंचायत समिति सदस्य पुष्पा देवी ने कहा कि सांसद ने पंचायत क्षेत्र के स्कूल और सरकारी संस्थानों में निरीक्षण करने का प्रभार दिया है और इसी नाते दोनों कस्तूरबा विद्यालय में निरीक्षण करने पहुंची थी. निरीक्षण के दौरान स्कूल की वार्डन बिना किसी को बताये दो घंटे से गायब थी. जब दोनों स्कूल के रसोईघर में गयी, तो वहां भी गड़बड़ियां पायी गयी. इस संबंध में उपायुक्त समेत जिला परिषद अध्यक्ष से शिकायत करने की बातें भी कही. 

बिना लिखित सरकारी आदेश के निरीक्षण की इजाजत नहीं : शशिबाला

विद्यालय की वार्डेन शशिबाला ने कहा कि बिना आंगतुक पुस्तिका में हस्ताक्षर किये ही पुष्पा देवी व सुनीता टुडू विद्यालय में जांच के लिये पहुंची. मेरे आने का इंतजार तक नहीं किया और क्लास रूम में जाकर छात्राओं से कई तरह की पूछताछ की. जबकि, विद्यालय के दरवाजे के बाहर साफ लिखा हुआ है कि बिना सरकारी आदेश के विद्यालय परिसर में प्रवेश नहीं कर सकते.