aadhi aabadi

  • Jun 2 2017 12:28PM

सखी मंडल की दीदियों की फर्श से अर्श की कहानी

सखी मंडल की दीदियों की फर्श से अर्श की कहानी
कलस्टर संगठन समारोह का आयोजन
 
लातेहार जिले के बेतला पंचायत भवन में कलस्टर संगठन समारोह का आयोजन हुआ. इस मौके पर उपस्थित छह दीदियों ने अपनी सफलता की कहानी सुनायी. कहा, किस तरह पहले और अब में उनके जीवन में परिवर्तन आया. और, इसके लिए सारा श्रेय झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के सहयोग को दिया. समारोह में उपस्थित दीदियों ने 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर की चर्चा की.

दीदियों ने कहा कि इस 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में सखी मंडल की सदस्यों ने खाना बना कर लायी. कलस्टर संगठन में 20 महिला ग्राम संगठन से जुड़ी. हर ग्राम संगठन के सफल आयोजन से एक दिन पहले महिलाओं के बीच साड़ी वितरण किया गया. यह साड़ी हर ग्राम संगठन के तीन महिला प्रतिनिधियों को दिया गया. इस तरह 20 ग्राम संगठन के 60 महिला प्रतिनिधियों के बीच साड़ी का वितरण हुआ. दीदियों ने कहा कि कलस्टर संगठन का अपना भवन नहीं होने के कारण किराये के मकान में चल रहा है, जिसका किराया तीन हजार रुपये प्रति माह देना पड़ रहा है. इस मौके पर बीपीएम प्रवीण कुमार ने जेएसएलपीएस के माध्यम से जल्द ही कलस्टर संगठन का भवन बनाने की बातें कही. बातें सुन उपस्थित दीदियों के चेहरे खुशी से खिल उठे. समारोह को संबोधित करते हुए हरे कृष्ण सिंह ने ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया. उन्होंने कहा कि जिन गांवों में पेयजल की समस्या है, उन गांवों में जल्द ही चापानल लगाया जायेगा. इसके अलावा जिन गांवों में बिजली की समस्या विद्यमान है, उन गांवों में जल्द बिजली उपलब्ध करा दी जायेगी. इस समारोह में अमरनाथ, राजीव, एलिए एक्का, बीनी पंचायत के मुखिया नसीम अंसारी, असलम अंसारी, पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारी, सीसी ममता कुमारी, रेणु देवी, निर्मल कुमार, विकास कुमार समेत करीब 500 की संख्या में दीदियों ने शिरकत की.   q
 
शबनम खातुन
प्रखंड : बरवाडीह
जिला : लातेहार

बिसनी की बदली जिंदगी
पाकुड़ जिले के चांचकी कलस्टर की बिसनी देवी आरती आजीविका सखी मंडल से जुडीं हैं. समूह से जुड़ने से पहले बिसनी देवी की आर्थिक स्थिति काफी खराब थी. पति का भी कोई खास रोजगार नहीं था. बच्चों को पढ़ाने-लिखाने में भी काफी परेशानी हो रही थी. इसी बीच बिसनी देवी ने स्वयं सहायता समूह के बारे में सुना. आरती आजीविका सखी मंडल समूह से जुड़ कर समूह की गतिविधियों में शिरकत करने लगी, ताकि समूह की कार्यप्रणाली का अच्छी तरह से समझ सके. धीरे-धीरे बिसनी ने समूह से ऋण लेकर दुकान खोली. दुकान खोलने के बाद से बिसनी की आर्थिक स्थिति में काफी हद तक सुधार होने लगा. 

बिसनी देवी कहती हैं कि समूह से जुड़ कर जहां मेरी जिंदगी में बदलाव आने लगा, वहीं दुकान खोलने का सपना भी पूरा हो गया. समूह से लिए गये ऋण को बिसनी धीरे-धीरे चुकता भी कर रही है. और अपने बच्चों व परिवार का भरन-पोषण भी ठीक तरह से कर रही है. वर्तमान में बिसनी एक सफल उद्यमी के रूप में आगे बढ़ते हुए अन्य दीदियों के हौसला बढ़ाने में मददगार साबित हो रही है.

बेबी मुर्मू
गांव : गोिवंदपुर
जिला : पाकुड़